Haryana News: कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित होगी 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी
Haryana News: कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित होगी 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी

Haryana News: हिसार, 20 जनवरी। कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। प्रदर्शनी में प्रदेशभर से करीब 1500 उत्कृष्ट नस्ल के पशु लाए जाएंगे, जबकि 50 हजार से अधिक पशुपालकों और आम लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
यह जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ रविंद्र सहरावत ने बताया कि राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी को लेकर विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। पशुपालकों की सुविधा के लिए विभाग ने 600 बसों की व्यवस्था की है, ताकि विभिन्न जिलों से आने वाले पशुपालक आसानी से प्रदर्शनी स्थल तक पहुंच सकें। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्लों, आधुनिक पशुपालन तकनीकों और विभागीय योजनाओं से अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह ने प्रदेश के सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टरों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं। पशुओं के चयन के लिए प्रत्येक जिले में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें उपनिदेशक हिसार, संबंधित उपमंडल अधिकारी तथा पशु चिकित्सक शामिल हैं। यह टीम विभिन्न मानकों के आधार पर केवल अच्छी और शुद्ध नस्ल के पशुओं का चयन करेगी।

उन्होंने बताया कि चयनित पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक पशु के कान पर 12 अंकों का यूनिक टैग नंबर लगाया जाएगा और पशुओं का बीमा भी कराया जाएगा। विभाग द्वारा हर जिले में अलग-अलग कैटेगरी के पशुओं की सूची तैयार की जा रही है। महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह स्वयं द्वारा पशु प्रदर्शनी की तैयारियों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। इस राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में कुल 53 कैटेगरी के पशु शामिल किए जाएंगे। इनमें 7 कैटेगरी की भैंसें, 23 कैटेगरी की गाय और सांड, 7 कैटेगरी के घोड़े और गधे, 2 कैटेगरी के ऊंट, 8 कैटेगरी की भेड़ तथा 6 कैटेगरी की बकरी और सुअर शामिल हैं। यह विविधता प्रदर्शनी को और अधिक आकर्षक बनाएगी।
उपनिदेशक डॉ रविंद्र सहरावत ने बताया कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाले पशुपालकों को पशुओं के लाने और ले जाने के लिए मानदेय के साथ-साथ परिवहन खर्च भी विभाग की ओर से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में शामिल होने वाले सभी चिन्हित पशुओं का विभाग द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। पशुओं को दिया गया 12 अंकों का टैग ही उनकी एंट्री का आधार होगा। इसके साथ ही पशुपालकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति और परिवार पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा।







