Haryana Congress: सैनी सरकार की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री की रैली कैंसिल करने का मतलब न बताने को कुछ है न देने को – दीपेन्द्र हुड्डा
Haryana Congress: सैनी सरकार की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री की रैली कैंसिल करने का मतलब न बताने को कुछ है न देने को – दीपेन्द्र हुड्डा

Haryana Congress: सैनी सरकार की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री की रैली कैंसिल करने का मतलब न बताने को कुछ है न देने को – दीपेन्द्र हुड्डा
• अगर ये बात सच नहीं तो सरकार बताए उसने रैली कैंसिल क्यों की – दीपेन्द्र हुड्डा
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी सरकार का एक साल पूरा हो गया। सैनी सरकार की पहली वर्षगांठ पर आज सोनीपत में प्रधानमंत्री जी की रैली रखी गई थी, लेकिन वो रद्द कर दी गई। इसका साफ मतलब यही है कि पिछले एक साल में प्रदेश सरकार के पास बताने के लिये न तो कोई उपलब्धि है न ही केंद्र की बीजेपी सरकार के पास हरियाणा को कुछ देने के लिए था। उन्होंने कहा कि रैली कैंसिल करके हरियाणा सरकार ने खुद ये स्वीकार कर लिया कि न बताने को कुछ है, न देने को कुछ है तो बेहतर यही है कि रैली ही कैंसिल कर दी जाए। अगर हमारी ये बात सच नहीं है तो सरकार बताए उसने रैली कैंसिल क्यों की?
दीपेन्द्र हुड्डा ने आगे कहा कि पिछले 11 साल में प्रदेश में विकास का कोई नया काम नहीं हुआ। कोई नया बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया। उलटे कांग्रेस सरकार ने जो रेल कोच फैक्ट्री, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, झज्जर एम्स परिसर में 10 राष्ट्रीय संस्थान आदि मंजूर कराए, उन्हें भी या तो दूसरे प्रदेशों में भेज दिया गया या प्रोजेक्ट ही रद्द कर दिया गया। कांग्रेस के राज में मंजूरशुदा बड़ी-बड़ी परियोजनाएं हरियाणा से जाती रही और प्रदेश की बीजेपी सरकार मूकदर्शक बनी रही।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। बीजेपी के सहयोगी दल बता रहे कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उनके हाथ में चपरासी की बदली करने का भी पावर नहीं है। मुख्यमंत्री जी के इस कथन पर कल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह कहकर ठप्पा लगा दिया कि एएसआई संदीप लाठर की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठायेगी। जबकि, अब तक इस तरह की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा की जाती रही है।
बीजेपी ने 11 साल में प्रदेश के विकास को ही नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी पटरी से उतार दिया है। 2014 से पहले हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, निवेश और रोजगार देने में नंबर 1 माना जाता था। प्रदेश के विकास की चमक पूरे देश को दिखती थी। आज उस हरियाणा में किसान से लेकर नौजवान तक हर कोई बीजेपी सरकार से त्रस्त है। महंगाई, बेरोजगारी, नशे की समस्या, चौपट कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश विकास के हर पैमाने पर पिछड़ गया है।







