Anil Vij on Rahul Gandhi: “राहुल गांधी ने डुबकी लगाकर बता दिया कि इस चुनाव में महागठबंधन डूब रहा है” — ऊर्जा मंत्री अनिल विज
Anil Vij on Rahul Gandhi: “राहुल गांधी ने डुबकी लगाकर बता दिया कि इस चुनाव में महागठबंधन डूब रहा है” — ऊर्जा मंत्री अनिल विज

Anil Vij on Rahul Gandhi: “राहुल गांधी ने डुबकी लगाकर बता दिया कि इस चुनाव में महागठबंधन डूब रहा है” — ऊर्जा मंत्री अनिल विज
“जिन पार्टियों ने मौलिक अधिकार छीने, उनसे नकारात्मक बातें ही सुनने को मिलती हैं” — अनिल विज
“खड़गे जी बिहार जाते हैं तो कौआ भी मुंह उठाकर नहीं देखता” — विज
चंडीगढ़, 4 नवम्बर – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा तालाब में उतरकर मछलियां पकड़ने पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि “राहुल गांधी बहुत बड़े भविष्यवक्ता और ज्योतिषी हैं। उन्हें पहले ही एहसास हो गया है कि बिहार चुनाव में उनका महागठबंधन डूबने जा रहा है, इसलिए उन्होंने खुद तालाब में डुबकी लगाकर यह संदेश भी दे दिया है। यह डुबकी प्रतीकात्मक है — उन्होंने जनता को संकेत दे दिया है कि इस बार महागठबंधन पानी में जाने वाला है।”

श्री विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “अपमान मंत्रालय” बनाने की सलाह देने वाले कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊर्जा मंत्री विज ने कहा कि “जिन पार्टियों ने जब-जब मौका मिला, तब-तब लोगों की आवाज दबाई, उनके बोलने के अधिकार छीन लिए, और मौलिक अधिकारों पर रोक लगाई — अब उन्हीं से नकारात्मक और अपमानजनक बातें सुनने को मिल सकती हैं। यही इनकी पुरानी आदत है।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान पर भी विज ने पलटवार किया, जिसमें खड़गे ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी का एक ही चेहरा देखकर लोग कितनी बार वोट देंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री विज ने कहा, “खड़गे जी प्रधानमंत्री मोदी से ईर्ष्या करते हैं, क्योंकि जब नरेंद्र मोदी जी बिहार जाते हैं तो पूरा बिहार जोश से भर उठता है, भीड़ उमड़ पड़ती है, लोग उन्हें देखने के लिए आतुर रहते हैं। जबकि खड़गे जी जब बिहार जाते हैं तो कौआ भी मुंह उठाकर नहीं देखता। इसलिए उनकी यह टिप्पणी केवल जलन का परिणाम है।
विज ने कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल बयानबाजी में व्यस्त है। बिहार की जनता हर बार की तरह इस बार भी विकास और नेतृत्व की राजनीति को चुनेगी, न कि भ्रम और भ्रमित करने वालों को।







