
Haryana News: मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पत्रकारों के हित में की गई दो प्रमुख घोषणाओं को शीघ्र अमलीजामा पहनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीमारी की स्थिति में पत्रकारों को हरियाणा लोक संपर्क विभाग के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा को जल्द लागू किया जाए। इसके लिए सरकार अधिसूचना जारी करे या आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करे।
धरणी ने दूसरी प्रमुख मांग पत्रकारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने को लेकर उठाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लगभग दो वर्ष पहले पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। अब समय आ गया है कि इस घोषणा को व्यावहारिक रूप दिया जाए, ताकि जरूरत के समय पत्रकार और उनके परिवार बिना आर्थिक परेशानी के उपचार करवा सकें।
एमडब्ल्यूबी अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार दिन-रात जनहित के मुद्दों को उठाने और सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं। समाचार संकलन के दौरान उन्हें अनेक जोखिमों का सामना करना पड़ता है। बीमारी या आकस्मिक संकट के समय पत्रकारों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पत्रकारों की समस्याओं को समझते हैं और दोनों घोषणाओं को शीघ्र पूरा करके मीडिया जगत को राहत प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दो प्रमुख मांगें
धरणी ने कहा कि पत्रकारों को बीमारी के दौरान मिलने वाली सहायता राशि पांच लाख रुपये करने की घोषणा लागू होने से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पत्रकारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी प्रकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से उपचार के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन दोनों योजनाओं के लिए स्पष्ट सरकारी आदेश जारी होना आवश्यक है, ताकि पात्र पत्रकारों को लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति का सामना न करना पड़े। एमडब्ल्यूबी लंबे समय से पत्रकारों की सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाती रही है।

पांच वर्षों से पत्रकारों को दस-दस लाख रुपये का निशुल्क बीमा
चंद्रशेखर धरणी ने एसोसिएशन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि एमडब्ल्यूबी पत्रकारों से सदस्यता के नाम पर कोई शुल्क नहीं लेती। संस्था पिछले पांच वर्षों से पत्रकारों को दस-दस लाख रुपये की दुर्घटना बीमा पॉलिसी और दस-दस लाख रुपये की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी निशुल्क उपलब्ध करवाने की पहल कर रही है। इन पॉलिसियों का वार्षिक नवीनीकरण भी संस्था की ओर से निशुल्क किया जाता है।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में दुर्घटना बीमा और असामयिक मृत्यु की स्थिति में टर्म इंश्योरेंस से परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। संस्था का उद्देश्य पत्रकारों को केवल सम्मान देना ही नहीं, बल्कि संकट के समय उनके और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना भी है।
पत्रकारों और परिवारों की सहायता पर खर्च किए करीब 48 लाख रुपये
धरणी के अनुसार, एमडब्ल्यूबी अब तक पत्रकारों और उनके परिवारों की सहायता पर लगभग 48 लाख रुपये खर्च कर चुकी है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पत्रकारों को आर्थिक मदद दी गई है। जरूरतमंद पत्रकारों के उपचार के साथ-साथ किसी पत्रकार की अचानक मृत्यु होने पर उसके परिवार को भी सहायता प्रदान की गई है।
उन्होंने बताया कि संस्था की सहायता से छह पत्रकारों के किडनी प्रत्यारोपण सहित हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़े मामलों में सहयोग किया गया है। दिवंगत पत्रकार ज्ञानेंद्र भरतरिया के परिवार को भी संस्था की ओर से दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। कई मामलों में जरूरतमंद पत्रकारों को सरकारी स्तर पर आर्थिक मदद दिलाने के लिए भी प्रयास किए गए हैं।
संस्थापक सदस्यों को परिवार सहित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
एमडब्ल्यूबी अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2025-26 में संस्था के संस्थापक सदस्यों को परिवार सहित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। भविष्य में इस योजना का दायरा बढ़ाने की योजना है। संस्था के कार्यक्रमों में प्रतिवर्ष कम से कम 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवाने वाले सदस्यों को भी इस सुविधा से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की व्यवस्था करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से सरकारी कैशलेस चिकित्सा योजना को लागू करवाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
कैमरामैनों को भी सुरक्षा के दायरे में लाया गया
धरणी ने बताया कि फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों के साथ काम करने वाले कैमरामैन भी जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एमडब्ल्यूबी ने चंडीगढ़ में कार्यरत कैमरामैनों को भी दस-दस लाख रुपये की दुर्घटना बीमा पॉलिसी उपलब्ध करवाने की पहल की है। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह को कैमरामैन समिति का संयोजक बनाया गया है।
वरिष्ठ पत्रकारों और प्रतिभाओं का सम्मान
एमडब्ल्यूबी पत्रकार कल्याण के साथ उत्कृष्ट पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के लिए भी काम कर रही है। संस्था की ओर से प्रतिवर्ष अमर शहीद लाला जगत नारायण अवार्ड, पत्रकारिता रत्न अवार्ड और पत्रकारिता अलंकार अवार्ड प्रदान किए जाते हैं। इन सम्मानों के साथ आंशिक आर्थिक राशि भी दी जाती है।
इसके अलावा दिवंगत पत्रकारों ज्ञानेंद्र भरतरिया, रमेश शर्मा और ज्योति संग की स्मृति में भी उत्कृष्ट पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया जाता है। संस्था प्रत्येक कार्यक्रम में 60 वर्ष से अधिक आयु के तीन वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान देने की परंपरा भी निभाती है।
पत्रकारिता के अतिरिक्त शिक्षा, खेल, समाजसेवा, कला और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में हरियाणा का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को हरियाणा गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जाता है।
अनिल विज और मनोहर लाल के सहयोग को सराहा
चंद्रशेखर धरणी ने संस्था के गठन और विस्तार में हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज तथा केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, विपुल गोयल और विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के सहयोग की भी सराहना की।
धरणी ने कहा कि पत्रकारों के हित में सरकार और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। एमडब्ल्यूबी हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रही है।
उन्होंने दोहराया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना, संकट के समय उनके परिवारों की सहायता करना तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि पत्रकारों को बीमारी में पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और कैशलेस चिकित्सा सुविधा से संबंधित घोषणाओं को जल्द लागू कर प्रदेश के पत्रकारों को राहत प्रदान की जाए।
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