
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाधान शिविर सरकार की फ्लैगशिप योजना है। इसलिए सभी अधिकारी हर जिलों में लगाए जाने वाले शिविरों में आने वाली समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। हर समस्या का समाधान नवीनतम तकनीकी का लाभ उठाते हुए करें जिससे कोई भी समस्या लंम्बित नही रहेगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चण्डीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती, स्पेशल आफिसर भोपाल सिंह खदरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा सभी जिलों के उपायुक्त एवं प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान प्रकोष्ठ शिकायत निवारण प्रक्रिया दोहरी सत्यापन व्यवस्था एवं राज्य स्तरीय कार्रवाई का ढांचा है। इसमें समस्याओं को रिओपन कर विस्तार से समीक्षा की जाती है और संबंधित शिकायतकर्ता से फोन करके उसके बारे में जानकारी ली जाती है। इसलिए राज्य स्तर पर 5591 शिकायतें दोबारा खोली गई हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान समाधान शिविरों में 92848 शिकायतें आई, जिनमें से 55365 शिकायतों का समाधान किया गया।

40000 लोगों से फोन कर समस्या के समाधान बारे ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान की गई शिकायतों में से 40000 शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन कर समस्या के समाधान बारे राज्य स्तर पर जानकारी ली गई तथा 11500 शिकायतों का रिओपन होने के बाद निवारण हुआ है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि रिओपन प्रतिशत अधिक नहीं होना चाहिए, जिन जिले की 35 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें रिओपन हुई हैं तो वे जिले स्टेट एवरेज में आने के लिए बेहतर कार्य करें।
औपचारिकता नहीं समस्या का समाधान निकालने का करें कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी शिविर में आई समस्याओं को लेकर कोई औपचारिकता न करते हुए, उनका समाधान निकालने का कार्य करें। यदि इन समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो जाता है, तो जनता को उनका तत्काल लाभ मिलेगा। जनता से सीधे मिलें और समस्या बारे विस्तार से जानकारी लें, जिससे उनकी सुनवाई एवं समाधान बेहतर किया जा सकेगा और समस्या दोबारा भी नहीं आएगी। इसलिए समाधान शिविर में आए व्यक्ति की समस्या के निवारण करने के कार्य में तेजी लाए।
समाधान शिविर में जिम्मेवार अधिकारी की लगाएं डयूटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी पूर्ण तालमेल एवं आपसी सामंजस्य के साथ समस्याओं का निपटान करें। इसके अलावा, हर समाधान शिविर में किसी जिम्मेदार अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए। यदि ऐसा नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा जिलों से एमिनेंट पर्सन भी शिविर में अवश्य शामिल किए जाए। उन्होंने कहा कि शिविर की समस्याओं के समाधान की प्रकाशित विज्ञप्ति और एटीआर भी समय पर अपलोड की जाए।
हर जिले से नई पॉलिसी हेतू 10 सुझाव अवश्य भेंजे
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर की शिकायतों का उपायुक्त स्वयं पढ़कर सर्वेक्षण एवं निपटारा करें। इसके अलावा सभी एसडीएम भी शिकायतों को पढ़कर ही निपटाएं। यदि कुछ समस्याओं में पॉलिसी बनाने से जनता को राहत मिलती है तो पॉलिसी बनाकर कार्य किया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी 10 दिन में हर जिले से कई तरह के 10 सुझाव अवश्य भेंजे। उन्होंने कहा कि कई समस्याओं में पोलिसी के कारण दिक्कतें आ रही हैं तो वह अधिकारियों की इंटरवेंशन से ही दूर होंगी
सफाई से संबंधित शिकायतें निपटाने हेतू चलाएं विशेष सफाई अभियान
मुख्यमंत्री ने सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर, पंचकूला, सिरसा के उपायुक्तों से बात करते कहा कि उनके समक्ष आने वाली शिकायतों में 10 प्रतिशत शिकायतें रिओपन की गई है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि कुछ शिकायतें डिमांड, प्रोप्रटी आईडी एवं पुलिस से संबंधित रही है। उन्होंने कहा कि डिमांड वाली समस्याओं को अलग कर मुख्यालय भेजा जाए तथा सफाई व्यवस्था से संबंधित शिकायतों को निपटाने के लिए अधिकारी सुबह के समय विशेष सफाई अभियान चलाएं। अधिकारी सुबह के समय सफाई अभियान चलाएंगे तो शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सफाई के साथ सड़कों के गड्ढे भरने का कार्य भी करवाया जाए। सफाई एवं गड्ढे भरने के लिए वाहन भी सभी स्थानीय निकायों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होनें कहा कि जिन शहरों में ठेकेदार सफाई को लेकर निर्धारित नॉर्म अनुसार वाहन उपलब्ध नहीं करवाते उन पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा विशेषकर तालाबों पर अवैध कब्जे हैं तो उन्हें खाली करवाया जाए और उन स्थानों पर बेहतर परियोजना विकसित करने के लिए सुझाव भेंजे जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, मॉनिटरिंग एवं कोर्डिनेशन सेल की विशेष सचिव डॉ. प्रियकां सोनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश संधु, विवेक कालिया, मॉनिटरिंग एवं कोर्डिनेशन सेल के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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