
Haryana News: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंगलवार को पंचायत भवन चंडीगढ़ में विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के सभी जिला परिषद अध्यक्षों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) तथा विभाग के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विकास एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संचयी मोड प्रोजेक्ट्स (Saturated Mode Projects), आधारभूत विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।
इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ने ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में विकास एवं पंचायत विभाग के दो महत्वपूर्ण पोर्टलों का शुभारंभ किया। इनमें ‘समाधान’ पोर्टल के माध्यम से पंचायत (शामलात) भूमि पर वर्ष 2004 से पहले बने 500 वर्ग गज तक के मकानों को नियमित कर पात्र ग्रामीण परिवारों को कानूनी मालिकाना हक देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। वहीं एचआरपीएमएस (Haryana Rural Project Management System) पोर्टल के जरिए ग्रामीण विकास कार्यों की चरणबद्ध प्रगति की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि ये दोनों डिजिटल पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता, सुशासन और जनसुविधाओं को और मजबूत करेंगी।
बैठक में अटल पुस्तकालयों की स्थापना, फिरनी निर्माण, योग एवं व्यायामशालाओं/इनडोर जिम का विकास, ग्राम सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण, शिवधाम, स्ट्रीट लाइट, सड़कों के नवीनीकरण एवं मरम्मत, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, महिला चौपाल, हरियाणा ग्रामीण विकास योजना, महिला सांस्कृतिक केंद्र तथा अमृत सरोवर जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही हरियाणा सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में गांवों की प्रगति, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयों की स्थापना एवं संचालन, तथा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।
इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कार्यों के अंतर्गत हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। इसमें लखपति दीदी योजना के लक्ष्यों, क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के गठन, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की गतिविधियों तथा विभिन्न स्थानों पर उनके माध्यम से संचालित आजीविका कार्यक्रमों की प्रगति पर विचार किया गया। साथ ही, सीएसआर साझेदारी के तहत महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने वाली पहलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कौशल विकास और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत दिए जा रहे प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अलावा आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण, प्रशिक्षित युवाओं के सेटलमेंट तथा बैंक क्रेडिट लिंकेज से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को तय समयसीमा में प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को इनका पूरा लाभ मिल सके।
विकास कार्यों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित कार्यों और जनसंवाद से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और अधिक सुदृढ़ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी या शिथिलता के लिए कोई स्थान नहीं है और सभी अधिकारी पूरी गंभीरता तथा जिम्मेदारी के साथ कार्यों को आगे बढ़ाएं।
ग्रांट के सुचारु उपयोग के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा हों
विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त अनुदानों का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नई ग्रांट प्राप्त करने की प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने के लिए पूर्व में जारी राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराए जाएं। इससे विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रवाह लगातार बना रहेगा और कार्यों में गति आएगी।
केंद्रीय राशि के योजनाबद्ध और प्रभावी उपयोग पर बल
पंवार ने बजट प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रीय फंड का उपयोग निर्धारित अवधि के भीतर योजनाबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग गांवों को आधुनिक, सुविधायुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किया जाना चाहिए।
‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] योजना की जानकारी देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरपंचों एवं अन्य पंचायती राज प्रतिनिधियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के तहत प्रदेश में 318 कार्य किए जाएंगे। योजना के प्रभावी संचालन के लिए 60 दिन की अवधि निर्धारित की गई है तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 590.19 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 300 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत स्वीकृत 318 कार्यों की सूची पंचायत घरों में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए।
ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा सरकार ग्रामीण अंचल के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने तथा विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे विकास कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाएं, ताकि प्रदेश के गांवों में विकास और समृद्धि का लाभ व्यापक रूप से पहुंच सके।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनिश यादव, ग्रामीण विकास विभाग की निदेशक अमृता सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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