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Haryana News: हरियाणा की 1 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए Ink Khabar का स्पेशल बुलेटिन

Haryana News: हरियाणा की 1 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए Ink Khabar का स्पेशल बुलेटिन

Haryana News: हरियाणा की 1 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए Ink Khabar का स्पेशल बुलेटिन
हरियाणा में पहली बार 
“प्रशासनिक समस्याएँ निवारण शिविर” का किया गया आयोजन

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने की अध्यक्षता

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर— हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा पंचायत भवन में विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा एक दिवसीय ‘प्रशासनिक समस्याएँ निवारण शिविर’ का आयोजन किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि विभाग के मंत्री, आयुक्त-सचिव और महानिदेशक ने एक ही मंच पर बैठकर कर्मचारियों से जुड़ी फाइलों का निपटान किया।

इस अवसर पर श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस प्रकार की पहल राज्य में पहली बार की गई है। इसके माध्यम से न केवल लंबे समय से लंबित फाइलों का निस्तारण संभव हुआ, बल्कि अधिकारियों-कर्मचारियों को यह विश्वास भी मिला है कि उनकी समस्याओं का समाधान विभाग द्वारा त्वरित और पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है। यह कदम विभाग में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और कार्यकुशलता को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही विभागीय कार्यों की गति भी तेज होगी, जिससे ग्रामीण विकास एवं पंचायत से जुड़े कार्यों में आमजन को सीधा लाभ कम समय में मिलेगा।

श्री पंवार ने कहा कि विभागीय कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस तरह के ‘संपर्क शिविर’ भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने अधिकारों और सुविधाओं से संबंधित किसी भी प्रशासनिक कठिनाई से शीघ्र निवारण मिल सके।

इस अभिनव पहल में मुख्य रूप से 17 जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों (डीडीपीओ) को उनके Assured Career Progression (ACP) से संबंधित लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया गया,और पांच अधिकारियों को मौके पर ही सर्टिफिकेट भी सौंपे गए।

इस मौके पर श्री पंवार ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि भविष्य में भी कर्मचारी-हित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता पर लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री साकेत कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक श्री डी. के. बेहरा सहित विभाग के सभा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने 3 अक्तूबर के कार्यक्रमों की तैयारियों का मौके पर जाकर किया निरीक्षण 

नायब सिंह सैनी ने प्रशासन के अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा एवं प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी रहे मौजूद

चंडीगढ़, 1 अक्तूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 3 अक्तूबर को रोहतक में आयोजित होने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के दोनों कार्यक्रमों की तैयारियों की कार्यक्रम स्थलों पर पहुंचकर समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह 3 अक्तूबर को रोहतक आईएमटी में साबर डेयरी के नए संयंत्र का उद्घाटन करेंगे तथा महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय में खादी ग्रामोद्योग आयोग के स्वदेशी से स्वावलंबन के तहत खादी कारीगर महोत्सव में कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ.अरविंद शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेंद्र बडख़ालसा, भाजपा के जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, महापौर राम अवतार वाल्मीकि व  जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थलों का दौरा कर मौके पर तैयारियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दोनों कार्यक्रमों की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करवाई जाए तथा कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध किए जाए। इस अवसर पर साबर डेयरी के प्रबंध निदेशक सुभाष चंद्र पटेल तथा जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने 3 अक्तूबर के कार्यक्रमों की बैठक में करी समीक्षा

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रोहतक के सर्किट हाउस में 3 अक्तूबर के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों से तैयारियों बारे भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के दोनों कार्यक्रमों की प्रोटोकॉल के अनुसार तैयारियां करवाएं। उन्होंने दोनों कार्यक्रम स्थलों पर किए जा रहे विभिन्न प्रबंधों की भी समीक्षा की।

राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष ने अपनी धर्मपत्नी सहित गुरुग्राम में दुर्गा पूजा कार्यक्रम में की शिरकत

दुर्गा पूजा भारतीय संस्कृति और सभ्यता की निरंतरता का प्रतीक – राज्यपाल

चण्डीगढ़, 1 अक्तूबर — हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशीम कुमार घोष ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल मातृ पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सभ्यता की निरंतरता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव के माध्यम से हम न केवल देवी की आराधना करते हैं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी जीवित रखते हैं।

राज्यपाल आज गुरुग्राम में सहस्रब्धि दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित 26वें वार्षिक दुर्गा पूजा कार्यक्रम में उपस्थितजन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और प्रदेशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

प्रोफेसर घोष ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक अस्मिता और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। यह उत्सव हजारों वर्षों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी मनाया जा रहा है और हर वर्ष समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश ने समय-समय पर अच्छे और बुरे दोनों दौर देखे हैं। हर दौर में यह हमारी संस्कृति एवं धार्मिक मान्यताएं ही थी, जिन्होंने हमें जोड़े रखा। उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद विभिन्न चुनौतियों से पार पाने में हमारी सांस्कृतिक परंपराएँ ही हमें शक्ति देती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि दुर्गा पूजा ऐसा पर्व है, जिसमें अमीर-गरीब, बड़े-छोटे सभी वर्ग समान रूप से भाग लेते हैं। यह आयोजन केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने वाला अवसर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना हम सबका साझा दायित्व है।

आरटीआई आवेदनों के संबंध में हरियाणा सरकार के सख्त निर्देश

चंडीगढ़, 01 अक्तूबर–हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सचिवालय में कार्यरत सभी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य सचिव कार्यालय के आरटीआई प्रकोष्ठ द्वारा प्रेषित सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े सभी आवेदनों को अनिवार्य रूप से स्वीकार करें। सरकार ने यह भी दोहराया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, इसलिए इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या असहयोग को गंभीरता से लिया जाएगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अधिनियमन के बाद मुख्य सचिव, हरियाणा के कार्यालय में एक आरटीआई प्रकोष्ठ का गठन किया गया था। इसका मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि मुख्य सचिव को संबोधित  सभी आरटीआई आवेदनों की सावधानीपूर्वक जांच की जाए और उन्हें उसी विभाग या विशेष सूचना अधिकारी को भेजा जाए, जिसके अधिकार क्षेत्र में मांगी गई सूचना आती है।

यह प्रक्रिया धारा 6(3) में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप है। इसके तहत यदि कोई आवेदन ऐसे विषय से संबंधित हो, जो किसी अन्य अधिकारी या प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र से अधिक निकटता से जुड़ा हो, तो उस आवेदन को सीधे उसी अधिकारी अथवा प्राधिकरण को भेजा जाना चाहिए।

हालांकि, हाल ही में यह देखा गया है कि कुछ एसपीआईओ आरटीआई प्रकोष्ठ द्वारा भेजे गए आवेदनों को स्वीकार करने से इंकार कर रहे हैं। इससे न केवल पारदर्शिता और सुशासन की प्रक्रिया  प्रभावित होती है बल्कि ऐसे मामलों में आरटीआई अधिनियम की मूल भावना की भी अवहेलना होती है और आवेदकों के सूचना प्राप्त करने के अधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष सूचना अधिकारी को कोई ऐसा आवेदन प्राप्त होता है, जो किसी अन्य अधिकारी के कार्यक्षेत्र से संबंधित हो, तो उस आवेदन को सीधे उपयुक्त अधिकारी को भेजना उसकी जिम्मेदारी होगी। इस प्रकार के आवेदन किसी भी परिस्थिति में पुनः आरटीआई प्रकोष्ठ को वापस नहीं किए जाने चाहिए।

सरकार ने यह भी हिदायत दी है कि यदि भविष्य में किसी एसपीआईओ द्वारा स्थानांतरित आवेदन को स्वीकार करने से इंकार किया जाता है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और मामला राज्य सूचना आयोग को भेज दिया जाएगा, जो आरटीआई अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है।

इसके साथ ही, सरकार ने यह भी दोहराया है कि यदि आयोग द्वारा किसी भी एसपीआईओ के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणियाँ की जाती हैं या दंड लगाए जाते हैं, तो उसके लिए संबंधित अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

यह कदम इस उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करें और नागरिकों को समयबद्ध तथा सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की अपनी संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।

 

हरियाणा वैदिक काल से युग पुरुषों की रहा है जन्म स्थली – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

संत महापुरुषों की शिक्षाएं आज भी है प्रासंगिक

स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने जीवनपर्यंत वंचित समाज के उत्थान की दिशा में किया कार्य

मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद जी महाराज अनुसूचित जाति शिक्षा समिति को 51 लाख रुपए देने की घोषणा की

चंडीगढ़, 1 अक्तूबर  – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा वैदिक काल से सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक क्रांति के सूत्रधार युग पुरुषों की जन्मस्थली रहा है।  इन महान संतों में सम्पूर्ण मानव जाति का अपनी शिक्षाओं के माध्यम से मार्गदर्शन किया है। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है। स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने जीवनपर्यंत शोषित एवं वंचित समाज के उत्थान की दिशा में कार्य किया। उन्होंने जात-पात के भेदभाव का हमेशा विरोध किया तथा उन्होंने आर्य समाज के साथ जुडक़र समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने में योगदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज रोहतक में स्वामी आत्मानंद हरियाणा अनुसूचित जाति शिक्षा समिति द्वारा आयोजित महान समाज सुधारक स्वामी आत्मानंद महाराज जी की 140वीं जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि उपस्थितगण को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा समिति को अपने स्वैच्छिक कोष से 51 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने शिक्षा समिति द्वारा सौंपी गई सभी मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्तूबर को देश की दो महान विभूतियों की जयंतियां है जिनमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री शामिल हैं। गांधी जी ने सत्य, अहिंसा एवं स्वच्छता का पाठ पढ़ाया, वहीं शास्त्री जी ने जय जवान-जय किसान का नारा दिया। मुख्यमंत्री ने बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा के पावन पर्व की नागरिकों को अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं दी।

उन्होंने स्वामी आत्मानंद जी महाराज के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों व वंचित समाज के कल्याण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष किया। उन्होंने 1928 में रोहतक में हरियाणा हरिजन आश्रम की स्थापना की तथा 1948 में स्वामी आत्मानंद हरिजन ट्रस्ट बनाया। स्वामी जी ने समाज सुधार के अलावा स्वतंत्रता संग्राम में भी बढ़-चढक़र हिस्सा लिया तथा जीवनभर शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वामी जी के आदर्शों व सिद्धांतों  को मूर्त रूप देने के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों की पढ़ाई के लिए अनेक छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने एक रुपया-एक ईंट अभियान की शुरुआत की। उन्होंने उपस्थितगण का आह्वान किया कि वे महापुरुषों द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुसरण करें तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने में आगे आयें।

मुख्यमंत्री हर वर्ग के कल्याण का रख रहे है ख्याल :- सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा

सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्वामी आत्मानंद अनुसूचित जाति शिक्षा समिति को स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी में किए गए सुधारों का हर वर्ग को लाभ मिल रहा है।

स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने समाज सुधार की दिशा में किया कार्य :- राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा

राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने जीवन भर वंचितों व गरीबों के कल्याण के लिए कार्य किया तथा समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समिति के लिए वे अपने स्वैच्छिक कोष से 11 लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के माध्यम से स्वामी जी ने सामाजिक कुरीतियों को दूर किया और हरियाणा ने स्वामी दयानंद के सिद्धांतों को अपनाया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने समाज का आह्वान किया था कि वे शिक्षित बनें, संगठित हो तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें।

इस अवसर पर सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह, पूर्व मंत्री अनूप धानक, संस्था के प्रधान व सेवानिवृत मुख्य सचिव सतीश चंद्र चौधरी ने भी अपने-अपने विचार रखे।

– हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन में अब तक 108.74 करोड़ की अदायगी किसानों के बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित

– हरियाणा की मंडियों से अब तक 377172.02 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई

– राज्य में अब तक ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल’ पर पंजीकृत 36980 किसानों से धान की खरीद की गई

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर — हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन 2025 – 26 के दौरान किसानों के खातों में अब तक 108.74 करोड़ की अदायगी उनके बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित की जा चुकी है। इस तरह सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित किया है।

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से धान की खरीद की जा रही है। राज्य में अब तक ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल’ पर पंजीकृत 36980 किसानों से धान की खरीद की गई है।

हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहाँ जानकारी देते हुए कहा कि अब तक राज्य भर की मंडियों में कुल 503055. 41 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है।

विभिन्न जिलों की मंडियों से अब तक 89303.88 मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है। अब तक मंडियों से 377172.02 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

प्रवक्ता ने बताया कि खरीफ खरीद सीजन 2025 के दौरान 22 सितंबर से अब तक धान की सबसे अधिक खरीद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से की गई है।

विभाग ने अब तक 223695.12 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। वहीं हैफेड ने अब तक 117705.84  मीट्रिक धान की खरीद की है। जबकि हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा 35771.05  मीट्रिक धान की खरीद की गई है।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद 22 सितंबर 2025 से आरम्भ कर दी गई थी। राज्य में धान की खरीद में सबसे आगे जिला कुरुक्षेत्र है।

उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले में अब तक सबसे अधिक 168949.60 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है और 146651.10 मीट्रिक टन धान की ख़रीद की जा चुकी है। कुरुक्षेत्र जिले की मंडियों में कुल 12787 पंजीकृत किसानों से धान खरीदा गया है।

हरियाणा की मंडियों/खरीद केंद्रों में धान की खरीद खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा की जा रही है।

चुनावी खर्च का ब्यौरा न देने वाले 11 गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को अभिवेदन प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई

चंडीगढ़, 01 अक्टूबर — हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए श्रीनिवास ने कहा कि हमारे लोकतंत्र प्रणाली में चुनाव प्रक्रिया एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य होता है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा—निर्देशों के अनुसार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेवारी इसे अपने-अपने राज्यों में करवाना होती है। इसी कड़ी में हरियाणा में लोकसभा- विधानसभा चुनावों के दौरान निर्धारित समय-सीमा में चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने वाले राज्य की 11 गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को आवश्यक कागजात/लिखित अभिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1961 की धारा 29 क के प्रावधानों के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत सभी राजनैतिक दलों को वार्षिक लेखापरीक्षित खाते और चुनावी व्यय रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य के 11 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल (RUPP) जिन्होंने दिसंबर 2018 तक पंजीकरण कराया था, ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के लेखापरीक्षित खाते निर्धारित तिथियों के भीतर प्रस्तुत नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, उक्त दलों ने चुनाव लड़ने के बावजूद व्यय रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की है। चुनाव खर्च का ब्यौरा विधानसभा चुनाव के मामले में 75 दिन और लोकसभा चुनावों के मामलों में 90 दिन के अंदर—अंदर देना होता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इन दलों को 13 अक्टूबर 2025 तक आवश्यक कागजात/लिखित अभिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें 16 अक्टूबर को इन दलों को सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्ष/सचिव को निर्देशित किया जाता है कि वे आवश्यक दस्तावेज़ और अभिवेदन मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा कार्यालय, 30-बेज बिल्डिंग, तृतीय तल, सेक्टर 17-बी, चंडीगढ़ – 180017 में समय पर जमा करवाना सुनिश्चित करें। अन्यथा उनके विरूद्ध भारत निर्वाचन आयोग के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

श्रीनिवास ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास गैर-मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों में पंजीकृत पार्टियों में आदर्श जनता सेवा पार्टी, करनाल, आपकी अपनी अधिकार पार्टी, फरीदाबाद, आरक्षण विरोधी पार्टी, फरीदाबाद, अम्बेडकर समाज विकास पार्टी, यमुनानगर, राष्ट्रीय जनशक्ति पार्टी (एकलव्य), पानीपत, राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी, सोनीपत, राष्ट्रीय लोकस्वराज पार्टी, करनाल, राष्ट्रीय सहारा पार्टी, गुड़गांव, रिपब्लिकन बैकवर्ड कांग्रेस, चरखी दादरी, सर्व जन समाज पार्टी (नंद किशोर चावला), हिसार तथा टोला पार्टी, पलवल शामिल हैं।

प्रदेश में आयुर्वेद को दिया जा रहा है बढ़ावा : स्वास्थ्य मंत्री 

–  क्रोनिक रोगों के उपचार एवं रोकथाम में आयुष औषध प्रणाली निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका

चंडीगढ़, 1 अक्तूबर — हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है, क्योंकि आयुष औषध प्रणाली आज के रहन-सहन के तौर-तरीकों से उत्पन्न होने वाले क्रोनिक रोगों के उपचार एवं रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां बताया कि आयुर्वेद, योगा तथा नेच्युरोपैथी, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी औषधि प्रणालियों की भारत वर्ष के सभी वर्गों में प्राचीन समय से मान्यता है। जिन बीमारियों का ईलाज आधुनिक चिकित्सा में संभव नहीं है, उनकी रोकथाम और ठीक करने में उक्त प्रणालियों का अहम् योगदान है।

उन्होंने आयुष विभाग द्वारा राज्य में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि यह विभाग विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को चिकित्सा सुविधा, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य बारे जागरूक कर रहा है। इस उद्देश्य के लिए प्रदेश में  4 आयुर्वेदिक अस्पताल, 1 यूनानी अस्पताल, 1 होम्योपैथिक अस्पताल, 6 आयुर्वेदिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राज्य सरकार के अधीन 6 पंचकर्मा केन्द्र और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन 21 पंचकर्मा केन्द्र तथा 497 आयुर्वेदिक, 16 यूनानी एवं 24 होम्योपैथिक औषधालय स्थापित किए गए हैं। इनके अलावा 1 भारतीय चिकित्सा एवं अनुसंधान प्रणाली संस्थान पंचकूला में कार्यरत है।

उन्होंने आगे बताया कि 21 आयुष विंग जिला अस्पतालों पर, 102 आयुष आई0पी0डी0 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर तथा 106 आयुष ओपीडी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अधिकतर आयुष संस्थान ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में एक  राजकीय आयुर्वेदिक कालेज तथा 12 प्राइवेट आयुर्वेदिक कॉलेज चल रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में आम जन मानस को आयुर्वेद की सेवाएं उपलब्ध करवाने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 529 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र में लगभग 100 एकड़ भूमि पर स्थापित होने जा रहा श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय प्रदेश में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, युनानी, सिद्धा व होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धतियों के अध्यापन, सुव्यवस्थित शिक्षण, प्रशिक्षण तथा अनुसंधान को सुनिश्चित करने तथा इन क्षेत्रों में उत्कृष्ठता प्राप्त करने का काम करेगा।

इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत जिला हिसाार के गांव मैयड़ में 50 बिस्तर का आयुष अस्पताल तथा जिला नूह के गांव अकेड़ा में राजकीय यूनानी कॉलेज व अस्पताल तथा जिला अम्बाला के गांव चांदपुरा में भी राजकीय होम्योपैथिक कालेज व अस्पताल बनाया जा रहा है।

हरियाणा में जापानी निवेश से गुरुग्राम बना विश्वस्तरीय औद्योगिक केंद्र, मुख्यमंत्री 5 से 11 अक्टूबर तक जापान दौरे पर

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जापान में आयोजित वैश्विक निवेशक प्रदर्शनी में करेंगे हरियाणा पंडाल का दौरा

जापानी निवेशकों को हरियाणा में निवेश के लिए करेंगे आमंत्रित

चंडीगढ़, 01 अक्तूबर– हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जापानी निवेशकों के योगदान के कारण गुरुग्राम आज विश्वस्तर पर अपनी नई पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मारुति की स्थापना के बाद से गुरुग्राम औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। इस क्षेत्र में ऑटो के सहायक कलपुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और साइबर सिटी जैसे उद्योगों ने तेजी से वृद्धि की है। वर्तमान में जापान अपने कुल निवेश का लगभग एक तिहाई हिस्सा हरियाणा में निवेश कर रहा है, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता और निवेश आकर्षण का स्पष्ट संकेत है।

राव नरबीर सिंह ने बताया कि सिर्फ गुरुग्राम में 600 से अधिक जापानी कंपनियां सक्रिय हैं, जो राज्य में रोजगार और तकनीकी विकास का बड़ा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 5 से 11 अक्टूबर तक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान दौरे पर जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री जापानी निवेशकों से मुलाकात करेंगे और हरियाणा में निवेश के विभिन्न अवसरों को विस्तार से प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वे जापान में आयोजित वैश्विक निवेशक प्रदर्शनी में हरियाणा पंडाल का दौरा करेंगे, जिससे निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के जापान दौरे के बाद इंडिया-जापान फास्ट ट्रैक मैकेनिज़म का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य जापानी निवेशकों के लिए भारत और हरियाणा को निवेश के लिए और अधिक सुगम और आकर्षक बनाना है। मंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के विजन को मूर्त रूप देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जापानी कंपनियां मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

हरियाणा में औद्योगिक क्रांति: जापानी निवेश के सहयोग से विकसित होगी नई मॉडल टाउनशिप

राव नरबीर ने बताया कि हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को औद्योगिक दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 2025—26 के बजट में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की थी, जिनमें से पांच को पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में इन सभी औद्योगिक मॉडल टाउनशिप को तेजी से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से, राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि एक मॉडल टाउनशिप विशेष रूप से जापानी निवेशकों के सहयोग से विकसित की जाए, जिससे हरियाणा की वैश्विक औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करती है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार सृजन, तकनीकी प्रशिक्षण और औद्योगिक विकास के नए मार्ग भी खोलती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री का यह जापान दौरा हरियाणा को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और ऊँचाई पर ले जाएगा और राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

कांग्रेस के समय में जिस कॉपरेटिव सोसायटी से किसानों का उठा था विश्वास, उसका करेंगे सुदृढ़ीकरण : मुख्यमंत्री

चंडीगढ़,1 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसानों के लिए बनाई गई कॉपरेटिव सोसायटी के सुदृढ़ीकरण को लेकर योजनाएं बनाई गई हैं। कांग्रेस के समय में जो कॉपरेटिव सोसायटी पर से किसानों का विश्वास उठ गया था, उसे दोबारा से बहाल करने की दिशा में काम होगा। जल्द ही इसके नये मेंबर बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ—साथ ऑनलाइन भी किया जाएगा। ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री आज हरियाणा निवास में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व द्वारा विपक्ष के नेता की कमान पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दिये जाने पर उन्होंने कहा कि इसके लिए श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और श्री राहुल गांधी को बधाई, लेकिन सवाल यह है कि जब बनाना ही श्री भूपेंद्र हुड्डा को था तो इतनी देरी क्यों की।

श्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि इनकी नीति ठीक नहीं है, जनता के सरोकार से इनका कोई लेना देना नहीं है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस केवल गुटों की कांग्रेस है। कांग्रेस में फूट हमेशा से रही है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब को सशक्त करने का काम किया है, जबकि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने केवल खुद को मजबूत करने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री के दौरे की तैयारियां पूरी

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 3 अक्टूबर को एक दिन के लिए हरियाणा दौरे पर आ रहे है। इस दौरान कुरुक्षेत्र और रोहतक में उनके कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई।

इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा , सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी मौजूद थे।

हरियाणा की पंचायती राज संस्थाओं को बड़ी सौगात – मुख्यमंत्री ने जारी किए 404.79 करोड़ रुपये

5,719 ग्राम पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों के खातों में पहुंचेगा फंड

पिछले चार वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं को मिला 3,700 करोड़ रुपये का सहयोग

स्थानीय स्तर पर मजबूत फैसलों से होगा विकास और भी प्रभावी – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को बड़ी सौगात देते हुए राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404 करोड़ 79 लाख रुपये की राशि जारी की। यह राशि सीधे 5,719 ग्राम पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और तीन जिला परिषदों के खातों में स्थानांतरित की जाएगी। इस कदम से ग्रामीण अंचल के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं के विस्तार को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आज यहां आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह राशि जारी की। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा,  सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले चार वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं को 3,700 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दी है। इनमें से 3,300 करोड़ रुपये गांवों के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं पर सीधे खर्च किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का दृष्टिकोण केवल धन आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि 73वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप पंचायतों को अधिक अधिकार, अधिक संसाधन और अधिक जिम्मेदारी सौंपना है। उन्होंने कहा कि जब गांवों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसाधन और अधिकार मिलते हैं, तो वे स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझकर विकास के फैसले ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायतें इस राशि का उपयोग पारदर्शी तरीके से करेंगी और जनता की भागीदारी से योजनाओं को धरातल पर उतारेंगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता जितनी सशक्त होगी, विकास के परिणाम उतने ही व्यापक और प्रभावी होंगे।

इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, विकास से पंचायत विभाग के महानिदेशक श्री डी के बेहरा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बरसात से प्रभावित किसानों और आमजन को बड़ी राहत देते हुए की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

हरियाणा सरकार ने ट्यूबवेल बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक किया स्थगित, 7.10 लाख किसानों को राहत – मुख्यमंत्री

फसली ऋण वसूली भी स्थगित, रबी फसल के लिए ऋण भी होगा उपलब्ध – 3 लाख किसान होंगे लाभान्वित

बाढ़ स्थिति से प्रभावित 2,386 परिवारों को 4.72 करोड़ रुपये का मुआवजा खातों में स्थानांतरित

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5.37 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण, 15000 प्रति एकड़ तक जल्द मिलेगा मुआवजा

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश में ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक स्थगित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 तक देय बिल अब जनवरी 2026 से बिना अतिरिक्त शुल्क अदा किए जा सकेंगे, जिससे 7.10 लाख किसानों को तुरंत राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री आज यहां प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी और विधायक श्री रणधीर पनिहार भी मौजूद रहे।

श्री नायब सिंह सैनी ने फसली ऋण की वसूली स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि जिन गांवों में बाढ़ से 50 प्रतिशत से अधिक फसलों का नुकसान हुआ है और वहां के ऋणी किसानों का फसल खराबा 33 प्रतिशत या उससे अधिक हुआ है, उन किसानों से सहकारी समितियों के खरीफ सीजन के चालू फसली ऋण की वसूली स्थगित की जाती है। ऐसे किसानों को रबी सीजन की फसल हेतु नया फसली ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इस निर्णय से लगभग 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाल की भारी वर्षा और बाढ़ जैसे स्थिति से प्रदेश के कई जिलों में हुए नुकसान के लिए घरों, घरेलू सामान और पशुओं की हानि पर  प्रभावित 2,386 परिवारों को कुल 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपये की राशि सीधे खातों में स्थानांतरित की। इसमें 2,371 मकानों के नुकसान पर 4 करोड़ 67 लाख 75 हजार रुपये और 13 पशुओं की हानि पर 4 लाख 21 हजार रुपये की राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि हाल की भारी वर्षा और बाढ़ से प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। फसल, पशु और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार हर कदम पर प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था। इस पर प्रदेश के 6,397 गांवों के 5 लाख 37 हजार किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। सत्यापन कार्य प्रगति पर है और जिन क्षेत्रों में पानी से फसलें खराब हुई हैं, वहां प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।

धान की 3.58 लाख मीट्रिक टन खरीद पूरी, 109 करोड़ रुपये किसानों के खातों में पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 30 सितंबर तक धान की 5 लाख मीट्रिक टन आवक हुई है, जिसमें से 3.58 लाख मीट्रिक टन की खरीद पूरी हो चुकी है। किसानों के खातों में अब तक 109 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

बाजरे का MSP 2,775 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित, सरकार करेगी भरपाई

इसी तरह, 187.30 मीट्रिक टन बाजरा खरीद संस्थाओं द्वारा तथा 4,970 मीट्रिक टन व्यापारियों द्वारा खरीदा गया है। किसानों को 2,775 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य की खरीद संस्थाओं द्वारा जिस भाव से बाजरा खरीदा जा रहा है, उससे शेष की भरपाई सरकार करेगी। यदि किसी किसान का बाजरा किसी कारण खराब होने की वजह से व्यापारियों द्वारा कम मूल्य पर खरीदा जाता है, तो उस स्थिति में भी सरकार किसानों को उस दिन की निर्धारित भावांतर दर की राशि का भुगतान किया जायेगा।

‘लाडो लक्ष्मी ऐप’ पर 6 दिन में 1.71 लाख बेटियों का पंजीकरण, 1 नवम्बर से मिलेगी पहली किस्त

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर लॉन्च की गई ‘लाडो लक्ष्मी ऐप’ पर पिछले 6 दिनों में 1 लाख 71 हजार 946 बहन-बेटियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने सभी पात्र महिलाओं से शीघ्र पंजीकरण कराने का आग्रह किया ताकि 1 नवंबर से पहली किस्त उनके खातों में स्थानांतरित की जा सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए टोल-फ्री नंबर 18001802231 और हेल्पलाइन नंबर 01724880500 भी जारी किए गए हैं।

महिलाओं के हितों की आड़ में राजनीति कर रही है कांग्रेस – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं के हितों की बात केवल राजनीति चमकाने के लिए करती है, जबकि वास्तविकता में राज्यों में उनकी सरकारें महिलाओं को कोई लाभ नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने अपने संकल्प पत्र में किए वादे के अनुरूप महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह देने हेतु पहले बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और अब 1 नवंबर से यह योजना लाभार्थियों तक पहुंच जाएगी।

इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, विकास से पंचायत विभाग के महानिदेशक श्री डी के  बेहरा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दशहरे के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़, 1 अक्टूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने दशहरे  के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व युग-युग से हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से हमें जोड़ता रहा है

श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मिल-जुलकर हर्षोल्लास के साथ मनाएं।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

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