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Ch. Devilal Jayanti: रोहतक में पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ. देवीलाल की 112वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब

Ch. Devilal Jayanti: रोहतक, 25 सितंबर। इंडियन नैशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने रोहतक रैली में पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ. देवीलाल को अपने श्रद्धासुमन अॢपत करते हुए भाजपा एवं कांग्रेस पर सवालों की झड़ी लगा दी। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौ. देवीलाल एक संघर्षशील नेता थे। आजादी के समर में संघर्ष जारी रखा। 1975 में इमरजैंसी में जेल गए।

Ch. Devilal Jayanti: रोहतक, 25 सितंबर। इंडियन नैशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने रोहतक रैली में पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ. देवीलाल को अपने श्रद्धासुमन अॢपत करते हुए भाजपा एवं कांग्रेस पर सवालों की झड़ी लगा दी। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौ. देवीलाल एक संघर्षशील नेता थे। आजादी के समर में संघर्ष जारी रखा। 1975 में इमरजैंसी में जेल गए। संघर्ष जारी रखा और फिर 1977 में कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया। भाजपा व कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 2029 में भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे और कांग्रेस की रांद काटके किसान-कमेरे की सरकार लाएंगे। अभय चौटाला की अध्यक्षता में रोहतक की अनाजमंडी में आयोजित सम्मान दिवस रैली में उमड़ी भीड़ का जोश एवं उत्साह देखने लायक था।

रोहतक की रैली में मनजीत कन्हेली ने चौ. अभय सिंह चौटाला को मुकूट एवं माला पहनाकर अभिनंदन किया। इस दौरान प्रदीप गिल अपने सैकड़ों साथियों के साथ इनैलो में शामिल हुए। मेवात और बृज खाप से पहुंचे उत्साहित समर्थकों ने अभय सिंह चौटाला को 331 मीटर लंबी पगड़ी पहनाई। रैली में मंच संचालन जिला परिषद सिरसा के चेयरमैन कर्ण चौटाला एवं पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष जसबीर ढिल्लो ने संयुक्त रूप से किया। रोहतक में चौ. देवीलाल की 112वीं जयंती पर आयोजित रैली में चौ. अभय सिंह चौटाला, पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस नेता प्रो. संपत्त सिंह, जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, तेलांगना से पूर्व लोकसभा सदस्य के. कविता, भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनिया, रेवाड़ी के पूर्व विधायक रघु यादव, कांता चौटाला, सुनैना चौटाला, विधायक आदित्य देवीलाल, अर्जुन चौटाला एवं लंदन से राहुल अहलावत भी पहुंचे और पूर्व उपप्रधानमंत्री चौ.देवीलाल को अपने श्रद्धासुमन अॢपत किए।

रैली में इनैलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, शेर सिंह बड़शामी, पूर्व पुलिस महानिदेशक एम.एस. मलिक, राष्ट्रीय संगठन सचिव उमेद सिंह लोहान, रोहतक इकाई के जिलाध्यक्ष डा. नफे सिंह लाहली, पार्टी की महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष तनुजा, धर्मपाल मकड़ौली, सुचित्रा सिंह सहित अनेक लोग मौजूद थे। रैली में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्हें याद है 1985 में राजीव-लौंगोवाल समझौता हुआ। चंडीगढ़ राजधानी को पंजाब को देने पर सहमति बनी। चौ. देवीलाल ने इस समझौते के खिलाफ बिगुल बजा दिया और समझौते को नामंजूर कर दिया। चौ. देवीलाल ने न्याय युद्ध शुरू किया। हिसार से जब पैदल निकले। लोग उनसे जुड़ते चले गए और 1987 के चुनाव में जनता ने कांग्रेस का सुपड़ा साफ कर दिया। आज देश में भाजपा सरकार जनता के ऊपर मनमाने कानून थोप रही है। अभी कुछ समय पहले जनतंत्र को खत्म करने के मकसद से केंद्र सरकार लोकसभा में एक बिल लेकर आई। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि वे लगातार जनता के बीच जा रहे हैं। परिवर्तन पदयात्रा निकाली और 2 हजार से अधिक गांवों में गए। लोग मौजूद सरकार से पूरी तरह से आहत हैं।

2019 में जनता ने सरकार के खिलाफ वोट किया और भाजपा को 40 सीटों पर जीत मिली। जो लोग चौ. देवीलाल के नाम की माला जपते थे और चुनाव में यमुना पार का नारा देते थे। ऐसे लोगों ने जनता के साथ धोखा किया और भाजपा की सरकार बनवाई। सरकार का हिस्सा बने और फिर शराब घोटाला, रजिस्ट्री घोटाला व धान घोटाला किया और लगातार 5 साल तक जनता को लूटा। इनैलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आज जजपा का नाम लेने वाला कोई नहीं रहा है। अब भाजपा की तीसरी बार जो भाजपा की सरकार बनी है, इसके पीछे पिता-पुत्र भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा जिम्मेदार है। जैसे जनता ने पिछले विधानसभा चुनाव में जजपा का सुपड़ा साफ किया, उम्मीद है आने वाले समय में जनता कांग्रेस को भी सबक सिखाएगी। अभय सिंह ने कहा कि कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी की बी. टीम के रूप में काम कर रही है। 2029 में जब चुनाव होगा तो जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी और कांग्रेस को भी करारा सबक सिखाएगी। चौ. देवीलाल की जब जनता दल की सरकार थी तो जनता का राज था। यह उनकी दूरदर्शी सोच थी कि बुजुर्गों के लिए 100 रुपए पैंशन लागू की। हम जब 2029 में सत्ता में आएंगे तो पैंशन को 3 हजार रुपए से बढ़ाकर दोगुणा कर देंगे और किसानों को फ्री बिजली देंगे।

पहली कलम से ही तीन फैसले लेंगे। बेरोजगारी को खत्म कर युवाओं को रोजगार देंगे। भ्रष्टाचार को जड़मूल से खत्म करेंगे। आज प्रदेश में अपराध का बोलबाला है। फिरौतियां मांगी जाती हैं। सरेराह हत्या की वारदातें हो रही हैं। इनैलो में शामिल हुए हजारों लोगों का अभिवादन व स्वागत करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जनता इस सरकार से निजात चाहती है। पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत्त सिंह ने अभय सिंह चौटाला को जुझारु एवं संघर्षशील व्यक्ति बताते हुए कहा कि पहली बार चौ. ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में इंडियन नैशनल लोकदल का गठन किया और आज बेशक चौटाला साहब हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन इनैलो का नेतृत्व चौ. अभय सिंह चौटाला बखूबी कर रहे हैं। प्रो. संपत्त सिंह ने अपने आप को ताऊ देवीलाल व चौ. ओमप्रकाश चौटाला परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि अभय सिंह चौटाला ने एक बड़ी हिम्मत दिखाते हुए रोहतक में एक कामयाब रैली की। पिछले कुछ दिनों से रोहतक में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। रोहतक एवं सोनीपत चौ. देवीलाल कर्मभूमि रही है। चौ. देवीलाल ने मुझे पहली बार भट्टू से विधायक बनने का अवसर दिया। बेशक मुझे मेरे मां-बाप ने जन्म दिया, लेकिन सियासत में चौ. देवीलाल ने मुझे जन्म दिया।

प्रो. संपत्त सिंह ने कहा कि उन्हें रोहतक रैली में जाने से पहले कई फोन आए, लेकिन मंै रैली में आने के लिए पूरी तरह से अडिग़ था, चाहे इसके लिए कुछ भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। प्रो. संपत्त सिंह ने चौ. देवीलाल के सम्मान दिवस पर चौ. अभय सिंह चौटाला की ओर से की गई कामयाब रैली को लेकर सराहना की और कहा कि रोहतक के लोग जब अभय सिंह चौटाला के साथ लगने लगे तो कुछ लोगों के पेट में मरोड़ पडऩे लगी। उन्होंने कहा कि रैली को लेकर नोट संबंधी एक वीडियो वायरल भी किया गया। प्रो. संपत्त सिंह ने जनता से सवाल करते हुए कहा कि जनता ईमानदारी से आई है। यह प्यार और लगाव उमड़ता है और अब ठग नेताओं की बातों में जनता नहीं आएगी। प्रो. संपत्त सिंह ने कहा कि अब हरियाणा में बदलाव निश्चित है और यह बदलाव चो. अभय सिंह चौटाला ही लाएंगे। उन्होंने कहा कि चौ. देवीलाल तो सियासत में मेरे लिए जन्मदाता और देवता के बराबर हैं। जब 1982 का चुनाव हुआ। 31 लोकदल के विधायक थे। 8 आजाद थे। भाजपा के 6 विधायक चुनकर आए थे। 50 से अधिक विधायक गवर्नर से जाकर मिले। गवर्नर ने चौ. देवीलाल को मुख्यमंत्री बनाने की हामी भरी, लेकिन चौ. भजनलाल को विधायक बना दिया। इसके बाद कई विधायक लोकदल छोडक़र चले गए। उस वक्त आजाद विधायक के तौर पर मैं उनके साथ खड़ा रहा। 1987 में लोकदल की सरकार बनी और पहले 6 मंत्रियों में मेरा नाम भी शामिल था। प्रो. संपत्त सिंह ने कहा कि वे उसूल नहीं छोड़ेंगे, पदों की जरूरत नहीं है। प्रो. संपत्त सिंह ने कहा कि 1977 में चौ. देवीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। प्रकाश सिंह बादल पंजाब के जबकि किसान नेता रामनरेश यादव उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री थे। सभी किसान नेताओं को चौ. देवीलाल ने मुख्यमंत्री बनवाया। चौ. देवीलाल ने तो त्याग की ऐसी मिसाल कायम की और वी.पी. सिंह के सिर पर प्रधानमंत्री का ताज रख दिया। चौ. देवीलाल एक ग्रंथ थे। वे सोशल इंजीनियरिंग में बड़ा विश्वास रखते थे। जब देखा किसान,कमेरे, पिछड़े, दलित एवं मजदूर अलग-अलग लूट रहे हंै तो उन्होंने सबको एकजुट किया। हर वर्ग को इक_ा किया और उनको सियासत संग जोड़ा। प्रो. संपत्त सिंह ने कहा कि बाढ़ हरियाणा बेहाल रहा। पानी को लेकर जब विवाद हुआ तो किसानों के साथ अभय सिंह चौटाला नजर आए। इससे पहले चौ. अभय सिंह चौटाला ही इकलौते विधायक रहे जब किसान आंदोलन के हक में विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। रैली में खास तौर पर तेलांगना से पहुंचीं लोकसभा की पूर्व सदस्य के. कविता ने जय हरियाणा से अपना संबोधन शुरू किया। के. कविता ने कहा कि जिस तरह की उत्साहित भीड़ पहुंची है, उससे यह जाहिर होता है कि यह चौ. अभय सिंह चौटाला का मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह है। जब किसान शोषित और पीडि़त था, तब चौ. देवीलाल ने किसानों को सियासत से जोड़ा। जो सोच एवं संघर्ष चौ. देवीलाल का था वो एक मिसाल है। उनकी सादगी भी उत्तर भारत से लेकर दक्षित भारत तक एक मिसाल बनी। उन्होंने कहा हमें एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा। के. कविता ने चौ. ओमप्रकाश चौटाला की वाकशैली एवं भाषण शैली की सराहना करते हुए कहा कि उनका भाषण दिल को छू जाता था।

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अभय चौटाला को बताया चौ. देवीलाल का सच्चा वारिस

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने चौ. अभय सिंह चौटाला को अपना भाई बताते हुए कहा कि चौ. अभय सिंह चौटाला ही चौ. देवीलाल के सच्चे वारिस हैं। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए। इस लंबी अवधि में गांव तरक्की नहीं कर सके हैं। यह सरकारों की सोच की वजह से है। राष्ट्रीय दलों के दिलों में किसान एवं गरीब के प्रति कोई स्नेह नहीं है। भाजपा एवं कांग्रेस जैसे दल गरीब एवं किसानों के बारे में कभी नहीं सोचते। उनका लक्ष्य राज करना है न कि सेवा करना। ऐसे दल धर्म एवं जात-पात की सियासत करते हैं। केंद्र सरकार ने किसानों से सलाह किए बिना तीन कृषि कानून बनाए। यह किसानों की हिम्मत है, जो उन्होंने इन काले कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दल के फर्क पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षेत्रीय दल हमेशा प्रदेश के हितों की बात को प्रभावी ढंग से उठाते हैं। देश में तीन बड़े किसान नेता पैदा हुए चौ. देवीलाल, चौ. चरण सिंह एवं स. प्रकाश सिंह बादल, जिन्होंने किसान व गरीब के हक के लिए ताउम्र लड़ाई लड़ी। आज के दल पूंजीपतियों को कर्ज माफ करते हैं, लेकिन किसान व गरीब का नहीं है। सुखबीर ङ्क्षसह बादल ने कहा कि चौ. देवीलाल उन्हें बच्चों की तरह से समझते थे और वे किसान व गरीब के दर्द को अच्छे से समझते थे। सुखबीर बादल ने हरियाणा की आवाम से आह्वान किया कि क्षेत्रीय दल को सत्ता में वापस लाओ। बाढ़ की वजह से आज आधा पंजाब तबाह हो गया। न केंद्र सरकार ने साथ दिया और न ही प्रदेश सरकार ने। इस मुसीबत में बाढ़ पीडि़तों का सहारा बना तो क्षेत्रीय दल शिरोमणि अकाली दल।

जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री बोले जो कील पाकिस्तान के लिए लगाने चाहिए थे, वो किसानों की राहों में लगाए

जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि आज चौ. अभय सिंह चौटाला चौ. देवीलाल व चौ. ओमप्रकाश चौटाला की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हिंदूस्तान के अंदर किसानों-मजदूरों, छोटे व्यापारियों हर वो व्यक्ति जो किसी भी कौम से हो उसके भीतर एक गुस्सा एवं दर्द है। 2014 में जनता ने जिनको देश की सत्ता सौंपी, उन्होंने बड़ी उम्मीदें जगाई थी, लेकिन पूरी नहीं हुईं। किसानों की आय दोगुणी करने का वादा किया। 11 वर्षों में किसान की माली हालत तंगहाल हो गई है। किसान अपने हक के लिए दिल्ली की हुकुमत के आगे अपनी बात रखना चाहता था, लेकिन किसानों को रोका गया। उन्हें अपनी फरियाद तक रखने नहीं दी गई। जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा कि पंजाब व हरियाणा के किसान इस देश के अन्नदाता है। वो अन्नदाता जब अपने हकों के लिए दिल्ली के रास्तों पर चल रहा था, उनकेे रास्ते में कील लगा दिए। वो कील जो पाकिस्तान के लिए लगाने चाहिएं थे। यह सवाल आज सामने है कि जंग के बाद भी भारत एवं पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन किया जा रहा है। सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि चौ. देवीलाल ने सदैव ही किसान-कमेरे के लिए लड़ाई लड़ी और उसे बाद में चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने जारी रखा। चौटाला साहब पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे और प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। रेवाड़ी के पूर्व विधायक रघु यादव ने अभय सिंह चौटाला को जुझारु व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि चौ. देवीलाल सियासत में कई पद ठुकराए। उन जैसे शख्स का दोबारा पैदा होना असंभव है। हमेशा ही आम आदमी की बात उन्होंने की। 1984 में जब सोनीपत का चुनाव हुआ तो उनसे पहली बार मिलना हुआ और उसके बाद न्याय युद्ध से लेकर हमेशा ही उनके साथ संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में जेल भरो आंदोलन अहीरवाल से शुरू किया। लंदन से विशेष रूप से रैली में पहुंचे राहुल अहलावत ने कहा कि वे लंदन से जब रोहतक आए तो उन्होंने देखा कि युवाओं को नशे की दलदल से निकालने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खुला हुआ है और उसके बगल में ही शराब के ठेके पर लिखा था कि महिलाओं के लिए उचित दाम पर शराब मिलती है। सवाल यह है कि क्या ताऊ देवीलाल ने ऐसे हरियाणा की कल्पना भी की थी।

रामपाल माजरा ने सुनाया चौ. देवीलाल का किस्सा

इनैलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि चौ. देवीलाल बाल्यकाल की अवस्था में झंडा लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे। हरियाणा निर्माण में अहम भूमिका अदा की। माजरा ने पुराना किस्सा सांझा करते हुए कहा कि चौ. देवीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे। चौ. चरण सिंह गृह मंत्री थे। किसी बात पर देसाई ने चौ. चरण सिंह को बर्खास्त कर दिया। तब किसानों ने चौ. चरण सिंह के जन्मदिन पर रैली रखी। चौ. देवीलाल ने भी रैली में भीड़ लेकर जाने का निर्णय लिया। मोरारजी देसाई ने चौ. देवीलाल को फोन कर रैली में न जाने की बात कही। चौ. देवीलाल ने प्रधानमंत्री को स्पष्ट कर दिया कि वे किसान पहले हैं और मुख्यमंत्री बाद में। वे रैली में गए और वहां जाकर किसानी के हक में झंडा फहराया। माजरा ने कहा कि आज अभय सिंह चौटाला भी चौ. देवीलाल के नक्शे कदम पर चल रहे हैं। 378 दिन तक किसान आंदोलन चला। कोई भी सांसद एवं विधायक किसानों के हक में आगे नहीं आया। इकलौते अभय सिंह चौटाला ने किसानी के हक में अपना इस्तीफा दे दिया। यही वजह है कि चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने अभय सिंह चौटाला को अपनी सियासी विरासत सौंपी। वहीं अभय सिंह चौटाला ने विधानसभा में शेर की तरह गरजकर आमजन की आवाज को बुलंद किया। इस देश के प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह थे और चौ. देवीलाल उपप्रधानमंंत्री थे। 15 अगस्त का दिन था। स्वतंत्रता दिवस समारोह का अवसर था।

जब देश के प्रधानमंत्री भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने रैली में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आंदोलन के दौरान चौ. अभय सिंह चौटाला ने विधायक पद से इस्तीफा दिया। आज बाढ़ से पंजाब, राजस्थान व हरियाणा के हजारों गांव में स्थिति चिंताजनक है। सरकार किसानों के दर्द को समझ नहीं रही है। यह पूंजीपतियों की सरकार है जो अम्बानी व आडानी के कर्ज माफी करती है। डबवाली के विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर इनैलो लगातार आवाज उठा रही है। उन्होंने रैली में पहुंची भीड़ का आह्वान किया कि वे पुराने साथियों को पार्टी के साथ जोड़ें।

भाजपा सरकार में किसान मायूस और युवा हैं हताश: अर्जुन चौटाला

विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि आज हमें कमी महसूस होती है चौ. देवीलाल के जीवन 5 हजार स्कूल प्रदेश में बंद हो चुके हैं। देश में 1 लाख स्कूल बंद हो चुके हैं। युवा बेरोजगारी से हताश हैं। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में रैली की तो जमीन के लिए किसानों को 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया। अब किसान बाढ़ एवं बरसात से बेहाल है। किसानों को महज 6 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है। अर्जुन चौटाला ने मौजूदा सरकार को पर्ची-पर्ची सरकार बताते हुए कहा कि बीज, खाद से लेकर फसल बेचने तक किसानों को कतारों में लगाया जाता है। सरकार पोर्टल-पोर्टल के खेल में लगी है। जननायक चौ. देवीलाल ने अनुसूचित जाति के लोगों को चौपालें बनाकर दी। बुजुर्गों को 100 रुपए पैंशन देने की योजना शुरू की। 5100 रुपए कन्यादान योजना लागू की। चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने गुडग़ांव जैसा मिलेनियम सिटी बनाया। चौ. देवीलाल कांग्रेस के बारे में कहा करते थे कि इनके घर गऊ नहीं और न ही बहू नहीं। विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि जब किसान अपनी आवाज उठाना चाहते थे तो इस तानाशाही सरकार ने देश की राजधानी के रास्तों को सरहद जैसा बना दिया। स्व. दीनबंधू सर छोटूराम की धरा रोहतक को नमन करते हुए कहा कि रोहतक की धरा ने ही चौ. देवीलाल को जननायक की उपाधि दी। अर्जुन चौटाला ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक देश ने 560 मैडल जीते हैं, जिनमें से 150 से अधिक मैडल हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते हैं। गुजरात ने 3 मैडल जीते हैं। यह उदाहरण इसलिए बताने की जरूरत है कि हमारे देश के गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि वे गुजरात की राजधानी अहमदाबाद को खेल राजधानी बनाएंगे। सही मायने में खेल राजधानी बनानी है तो रोहतक को बनाइए, भिवानी को बनाईए। आज दुख की बात यह है कि प्रदेश में सरकारी स्कूल कम हैं, शराब के ठेके ज्यादा हैं।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

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