
Haryana Rajyasabha Chunav: चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर से राज्यसभा चुनाव को लेकर जबरदस्त बयानबाजी शुरू हो गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। चौटाला का दावा है कि खट्टर ने उन्हें राज्यसभा की एक सीट का प्रस्ताव दिया था और यहां तक कहा था कि वे कांग्रेस के 9 विधायकों का समर्थन भी दिलवा देंगे।
खट्टर का वो ‘सीक्रेट ऑफर’: अजय चौटाला की जुबानी
अजय चौटाला ने बताया कि भाजपा के साथ गठबंधन के दौरान मनोहर लाल खट्टर ने उनसे राज्यसभा चुनाव के लिए संपर्क किया था। चौटाला के अनुसार, खट्टर ने उनसे कहा था, “आप तैयारी करें, मैं कांग्रेस के 9 विधायकों के वोट आपको दिलवा दूंगा।” साथ ही यह भी भरोसा दिया गया था कि भाजपा के 31 वोटों के अलावा अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी उन्हें ही मिलेगा।
हालांकि, चौटाला ने इस ऑफर को ठुकरा दिया। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि उन्हें पता था कि इनेलो (INLD) के दो विधायक उन्हें वोट नहीं देंगे, इसलिए उन्होंने इस ‘डील’ में शामिल होना उचित नहीं समझा।
इस खुलासे के पीछे JJP की 3 बड़ी रणनीतियां
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अजय चौटाला ने यह बयान बेहद सोच-समझकर दिया है:
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नैतिक बढ़त बनाना: राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद जेजेपी खुद को किसी भी तरह की गुप्त ‘डील’ से दूर दिखाकर जनता के बीच अपनी छवि साफ करना चाहती है।
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स्वतंत्र पहचान: लंबे समय तक बीजेपी की सहयोगी रही जेजेपी अब यह संदेश दे रही है कि वह किसी के दबाव में काम नहीं करती और अपनी अलग राजनीतिक राह पर है।
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भाजपा-कांग्रेस को घेरना: एक ही बयान से चौटाला ने भाजपा पर जोड़-तोड़ की राजनीति का आरोप लगाया और कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी (विधायकों के टूटने का डर) को भी उजागर कर दिया।
राज्यसभा चुनाव का वो ‘आधी रात’ वाला ड्रामा
याद दिला दें कि 16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव में भारी उठापटक देखने को मिली थी। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की थी, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल महज 0.66 वोट के मामूली अंतर से हार गए थे।
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कांग्रेस की मुश्किलें: कांग्रेस के 9 वोट खराब हुए थे, जिसमें 4 रद्द हुए और 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।
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अनुशासनात्मक कार्रवाई: क्रॉस वोटिंग के शक में कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों (रेनू बाला, मोहम्मद इलियास, शैली चौधरी, जरनैल सिंह और मोहम्मद इजराइल) को नोटिस जारी किया है और उन्हें विधायक दल की बैठकों से भी बाहर कर दिया गया है।
काउंटिंग एजेंट पर भी कानूनी पेंच
इस मामले में केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि कानूनी विवाद भी जुड़ गया है। हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है कि नियमों के विरुद्ध जाकर मंत्रियों और विधायकों को काउंटिंग एजेंट बनाया गया, जो चुनाव आयोग के 2014 के सर्कुलर का उल्लंघन है।
निष्कर्ष: अजय चौटाला के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव की तपिश अभी शांत नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि भाजपा और कांग्रेस इस ‘ऑफर’ वाले दावे पर क्या पलटवार करती हैं।
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