
Palwal News: मुकेश बघेल ब्यूरो चीफ पलवल।नगर पालिका कर्मचारी संघ की राज्यव्यापी हड़ताल 11वें दिन भी जारी है। पलवल शहर के कमेटी चौक स्थित कार्यालय नगर परिषद में सैकड़ों सीवर , डोर टू डोर और सफाई कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों की मांगों को समर्थन देने पूर्व मंत्री , हरियाणा सरकार श्री करण सिंह दलाल भी पलवल जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्यों के साथ हड़ताल स्थल पर पहुंचे । उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि पलवल नगर परिषद में 13 नए गांव जुड़ने के बावजूद सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ना उनके कार्य के दवाब और परिणामस्वरूप सफाई अव्यवस्था का कारण बनता है। उन्होंने ठेकेदारी प्रथा खत्म कर ठेकेदारी में काम कर रहे कर्मियों को पक्का करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शहर में गन्दगी और कूड़ो के ढेर लगे हुए हैं इसलिए वर्तमान सरकार को हठधर्मिता छोड़ सर्व कर्मचारी संघ और नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर उनकी सभी मांगों को पूरा करना चाहिए,ताकि सफाई के सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई करा,उनको पौष्टिक आहार व कपड़े जैसी मूलभूत सुविधाएं दिला सकें। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री नेत्रपाल अधाना ने बोला कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के शोषण और पूंजीपतियों के पोषण में व्यस्त है,इसलिए सरकार के प्रतिनिधियों को गन्दगी से फैलने वाली बीमारियों के फैलने की आशंका नहीं दिख रही है। कांग्रेस नेताओं ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों की मांगों से जुड़ा पत्र मुख्यमंत्री को भेजने और नेता प्रतिपक्ष द्वारा इन मुद्दों को विधानसभा के आगामी सत्र में उठाने का आश्वाशन दिया।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जितेंद्र तेवतिया ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार माननीय उच्च न्यायालय के 23 दिसम्बर और 31 दिसंबर 2025 को कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के आदेशों को लागू करने की जगह विकल्प तलाश रही है। जॉब सिक्योरिटी के नाम पर कर्मचारियों को 58 साल की आयु तक कच्चा रखना चाहती है। अगर सरकार अग्निशमन और नगर परिषद के कर्मचारियों की मांगे नहीं मानती है तो सर्व कर्मचारी संघ और उसके सहयोगी संगठन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने गंदगी से होने वाले संक्रामक रोग फैलने की गंभीर आशंका जताई और इसके लिए सरकार की हठधर्मिता को जिम्मेदार ठहराया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरेंद्र देशवाल ने बताया कि नवंबर 2024 में महर्षि वाल्मीकि के प्राकट्य दिवस पर जींद में माननीय मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों को 26000 और शहरी क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों को 27000 रुपए न्यूनतम मासिक वेतनमान की घोषणा की थी, लेकिन आज तक किसी भी कर्मचारी को ये लाभ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर,ऑपरेशनल मेंटिनेंस के ठेकों को समाप्त कर कर्मचारियों को पे रोल पर लेने, भत्तों सहित समान काम समान वेतन देने, न्यूनतम वेतनमान 30 हजार देने, कैशलैस मेडिकल सुविधा देने, रिक्त पड़े पदों पर पक्की भर्ती करने,पुरानी पेंशन बहाल करने जैसी मांगों को लेकर पूरे प्रदेश में कर्मचारियों में रोष है,जिसके चलते संघ द्वारा कई बार चेतावनी देने पर भी सरकार द्वारा कोई समाधान नहीं करने पर कर्मचारियों को मजबूरन हड़ताल पर जाना पड़ा। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान श्री अशोक कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीवर और सफाई कर्मचारियों को 2100 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा का लाभ किसी कर्मचारी को नहीं मिला है। इकाई प्रधान श्री अशोक बेनीवाल ने बताया कि वर्ष 2020 से पलवल के किसी भी सफाई कर्मचारी को वर्दी और जूतों का भत्ता नहीं मिला है। इस अवसर पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान कन्हैया लाल, सूरज मंडोतिया,सतवीर मांडोतिया,शरण लाल मंडोतिया,राजा प्रधान,सुरेश प्रधान,कर्मवीर बेनीवाल,जसवीर दरोगा सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिला कर्मचारी मौजूद रहे
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