
Haryana Vidhansabha Session: हरियाणा विधानसभा का बजट सेशन, जानिए आज क्या रहा खास?
बुजुर्ग हमारे लिए बहुत आदरणीय, सरकार ने बुजुर्गों का हमेशा सम्मान किया है: मुख्यमंत्री
कांग्रेस के समय में बुजुर्गों को कई-कई महीने पेंशन के लिए करना पड़ता था इंतजार
विपक्ष बुजुर्गों की पेंशन काटने की अफवाहें फैलाकर पाप कर रहा है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 24 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बुजुर्ग हमारे सम्मानीय हैं और उनकी सुरक्षा और सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री आज हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के दौरान पेंशन काटने के संबंध में एक सवाल के संबंध में बोल रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संकल्प पत्र में यह स्पष्ट किया है कि 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग यदि किसी बीमारी से पीड़ित होते हैं, तो उनके परिवार को ईलाज की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उनके ईलाज की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार ने व्यवस्था करते हुए 5 लाख रुपये तक राशि सुनिश्चित कर रखी है।
उन्होंने पेंशन को लेकर विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा पेंशन बंद किए जाने को लेकर विपक्ष अफवाहें फैला रहा है। यह अफवाहें फैलाकर पाप कर रहे है कि बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के बीच ऐसा भ्रम फैलाना पूरी तरह गलत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेंशन काटी नहीं है, बल्कि उसमें बढ़ोतरी कर उनके सम्मान को बढ़ाने का काम किया है। प्रदेश में आज बुजुर्गों को उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से सूचना मिलती है कि उनकी पेंशन बैंक खाते में जमा हो गई है। वे आसानी से बैंक से राशि निकाल सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के समय की तुलना करते हुए कहा कि पहले बुजुर्गों को कई महीनों तक पेंशन नहीं मिलती थी। उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। गर्मी और दूरी में परेशानियां होती थीं, और उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं था।
उन्होंने कहा कि पेंशन के संबंध में यदि कोई शिकायत आती है तो उसे सत्यापित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान पेंशन को होल्ड कर दिया जाता है, लेकिन सत्यापन पूरा होते ही राशि जारी कर दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बुजुर्गों के लिए पारदर्शी, सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था बनाई है।

हरियाणा सरकार रख रही है जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब: मुख्यमंत्री
अब हरियाणा में शासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल चुकी है, भ्रष्टाचार की फाइलें दबाने का समय अब खत्म हो गया है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
सदन में मुख्यमंत्री ने कहा: सरकार जीरो टॉलरेंस टू करप्शन की नीति के साथ काम कर रही है
डबल इंजन की सरकार यह सुनिश्चित करती है कि कोई पैसा गलत तरीके से खर्च न हो: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मामले पर सदन के समक्ष बताया कि इस प्रकरण में शामिल हरियाणा सरकार के विभाग व बोर्ड कॉरपोरेशन सहित संपूर्ण राशि का शत-प्रतिशत भुगतान आईडीएफसी फर्स्ट बैंक द्वारा विभिन्न विभागों के खातों में वापस जमा कर दिया गया है। बैंक द्वारा कुल 556 करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं, जिसमें लगभग 22 करोड़ रुपये ब्याज भी शामिल हैं। 24 घंटे से भी कम समय में सरकार द्वारा बैंक के उच्चाधिकारियों के सहयोग से पूरा पैसा रिकवर कर लिया गया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि आज देश में नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत चौकीदार है, जिनके नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार जनता के पैसे की एक -एक पाई का हिसाब रख रही है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोगों की मेहनत का पैसा है और इसे उनके कल्याण पर ही खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई हाई-लेवल कमेटी कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगी।
उन्होंने कहा कि अब हरियाणा में शासन की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल चुकी है। भ्रष्टाचार की फाइलें दबाने का समय खत्म हो गया है। डबल इंजन की सरकार हर पाई का हिसाब रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि कोई पैसा गलत तरीके से खर्च न हो। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में, भारतीय जनता पार्टी की सरकार जीरो टॉलरेंस टू करप्शन की नीति के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बैंक ने बताया कि यह प्रकरण मुख्य रूप से चंडीगढ़ की शाखा का था, और मिडिल तथा लोअर लेवल के कर्मचारियों की मिली-भगत से हुआ। श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि सरकार बैंक के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि इस प्रकरण में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह सरकारी अधिकारी हो या बैंक कर्मचारी, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोहराया कि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी को इस मामले में माफ नहीं किया जाएगा।
चंडीगढ़, 24 फरवरी- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के खेल अवसंरचना उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश में 3 राज्य स्तरीय खेल परिसर, 21 जिला स्तरीय खेल स्टेडियम, 25 उप-मण्डलीय स्टेडियम तथा 163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर, 245 मिनी/ग्रामीण स्टेडियम, 10 तैराकी तालाब, 9 बहुद्देशीय हाल, 11 सिंथेटिक एथलैटिक्स ट्रैक, 14 हॉकी एस्ट्रोट्रफ और 2 फुटबाल स्टेंथेटिक सर्फेस उपलब्ध हैं।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम आज हरियाणा विधान सभा में बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए जिला कुरुक्षेत्र में एक द्रोणाचार्य जिला स्तरीय स्टेडियम, 2 उप मंडलीय खेल स्टेडियम शाहबाद और गांव धनरौजटान में उपलब्ध है। इसी अलावा गांव अमीन, सुधपुर, बीड़कालवां, बाखली और खैरा में राजीव गांधी खेल स्टेडियम बनाये गए हैं। इसी प्रकार,गांव बेहौली, बोडला, चमुकलां, चन्द्र भनपुर, गुधा, खानपुर रोड़ान, बाकली व उमरी में मिनी ग्रामीण स्टेडियम हैं।
मंत्री ने कहा कि जिला कुरुक्षेत्र में दो रिहायशी अकादमी और 59 खेल नर्सरियां चलाई जा रही हैं। कुरुक्षेत्र में 33 प्रशिक्षक और कनिष्ठ प्रशिक्षक हैं, जो विभिन्न खेलों में खिलाडियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय स्टेडियम आमतौर पर 10 एकड़ और उससे अधिक भूमि में बनाए जाते हैं। उप-मंडल स्तरीय स्टेडियम आमतौर पर 6.5 एकड़ और उससे अधिक भूमि में बनाए जाते हैं।
चंडीगढ़, 24 फरवरी — हरियाणा की सिंचाई एवं जलसंसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि महम विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में बाढ़ एवं जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा कुल 112.56 करोड़ रुपये की लागत से 44 योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
हरियाणा की सिंचाई एवं जलसंसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।
उन्होंने कहा कि इसके प्रथम चरण में 30.16 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 योजनाओं को दिनांक 31.12.2025 को आयोजित HSDR & FCB की 57वीं बैठक में आवश्यक बजट प्रावधान सहित स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। वर्तमान में इन योजनाओं की निविदा प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से हजारों एकड़ क्षेत्र और अनेक गांवों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि पेंशन के लाभार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 31 जनवरी, 2026 तक 2,75,441 पेंशन लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
श्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि मृत्यु, आयु के कारण अयोग्यता, आय अयोग्यता, राज्य से बाहर चले जाने तथा पुनर्विवाह इत्यादि जैसी विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों के दस्तावेजों को सत्यापित करने के कारण 1,11,120 की पेंशन रोकी गई।
चंडीगढ़, 24 फरवरी- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि पुंडरी विधानसभा क्षेत्र में चंदाना माइनर (बुर्जी संख्या 0 से 28160) तथा थरोटा माइनर (बुर्जी संख्या 0 से 48600) के पुनर्वास एवं मरम्मत के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
हरियाणा की सिंचाई एवं जलसंसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं के लिए क्रमशः 752.69 लाख रुपये तथा 999.57 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है और विस्तृत अनुमान तैयार किया जा रहा है। सभी विभागीय औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद कार्य 01 अप्रैल 2026 तक शुरू होने की संभावना है। इन कार्यों को 30 जून 2027 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के किसानों को बेहतर एवं सुचारु सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मुनक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।
आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 24 जून 2019 को मुनक स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र को पीएचसी में अपग्रेड करने की घोषणा की थी और तदनुसार इसे 20 दिसंबर 2019 को अपग्रेड किया गया।
इसके बाद, पीएचसी भवन के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को 2 एकड़ भूमि पट्टे पर दी गई और भवन के निर्माण के लिए 3.60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई। लोक निर्माण विभाग द्वारा 25 जनवरी 2021 को 03.09 करोड़ रुपये का कार्य संविदा एजेंसी को आवंटित भी कर दिया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिक भुगतान किए जाने पर जांच की तो एजेंसी ने 20 प्रतिशत कार्य करने के बाद वर्ष 2022 में काम रोक दिया था और उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। एजेंसी द्वारा इस भवन की केवल चारदीवारी का निर्माण किया गया है। इस कार्य पर कुल व्यय 67.12 लाख रुपये हुआ है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा एजेंसी का वर्तमान अनुबंध 20 जून 2024 को समाप्त कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग को भवन निर्माण के लिए अनुमानित बजट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरती सिंह राव ने बताया कि आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त होने के उपरांत पीएचसी भवन के निर्माण का कार्य लगभग 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बताया कि उकलाना क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) के निर्माण पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया है कि सूरेवाला चौक से उकलाना मंडी होते हुए फतेहाबाद तक जाने वाले स्टेट हाईवे-2 को चारमार्गी बनाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हो और आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम बन सके।
श्री गंगवा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री नरेश सेलवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि उकलाना शहर में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही, शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भाखड़ा का पानी लाने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश के प्रत्येक हल्के में समान रूप से विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं। इसी नीति के तहत उकलाना में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सीवरेज नेटवर्क विस्तार, पेयजल आपूर्ति, आरओबी-आरयूबी निर्माण तथा सूरेवाला चौक से फतेहाबाद तक सड़क को चारमार्गी बनाने जैसे प्रस्तावों पर कार्य किया जा रहा है।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बताया कि गोहाना शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए 7.791 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण हेतु 238.54 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान पहले ही की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद की प्रक्रिया प्रगति पर है। भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
श्री गंगवा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री इंदूराज नरवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाईपास के निर्माण से गोहाना शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा, आवागमन सुचारू होगा तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार सड़कों के सुदृढ़ीकरण और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है तथा विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का ऐसा कोई भी जिला नहीं है जो राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं जुड़ा हो।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि वर्तमान में गुरुग्राम से भोंडसी तक मेट्रो रेल कनेक्टिविटी विस्तार प्रस्तावित है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में श्री तेज पाल तंवर विधायक द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि 04 दिसम्बर, 2025 को नियुक्ति पत्र जारी कर मैसर्स आरआईटीईएस द्वारा भोंडसी गांव सुभाष चौक राजीव चौक सोहना चौक रेलवे स्टेशन तक 17.09 किमी लंबे मेट्रो कॉरिडोर को तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। कंसल्टेंट ने 23 जनवरी,2026 द्वारा कार्य का दायरा, अध्ययन क्षेत्र, मौजूदा परिवहन प्रणाली, दृष्टिकोण और कार्यप्रणाली, प्राथमिक सर्वेक्षण, संरेखण विकल्प तथा प्रस्तावित कार्य कार्यक्रम को कवर करते हुए आरंभिक रिपोर्ट जमा कर दी है।
श्री बेदी ने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया कि भविष्य में डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट और टेक्नो इकोनॉमिक फिजिबिलिटी के आधार पर भोंडसी से सोहना तक मेट्रो रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
चंडीगढ़, 24 फरवरी – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि गाँव कलाका जिला रेवाड़ी में स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मौजूदा जल शोधन संयंत्र में एक अतिरिक्त टैंक बनाने तथा जल उपचार सुविधाओं के नवीनीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट-एवं-विस्तृत अनुमान तैयार करने के लिए एक परामर्श एजेंसी नियुक्त की जा रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में श्री लक्ष्मण यादव विधायक द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि रेवाड़ी की अंतिम विकास योजना 2031 ई. को हरियाणा सरकार द्वारा 03 जून, 2020 को अधिसूचित किया गया। इस अधिसूचना के अनुसार शहरी सम्पदा रेवाड़ी में कुल 40 सैक्टर प्रस्तावित हैं। इनमें से 9 सैक्टर (अर्थात सैक्टर-1 एनएमटी ब्रास और संबद्ध बाजार, 3-भाग-1, 4. 5 (वाणिज्यिक), 7, 10, 18, 19 और 20) विकसित किए गए हैं। साथ ही, डीटीसीपी द्वारा सैक्टर-6, 7, 19, 21, 22, 25, 26, 27, 29, 32, 34, रेवाड़ी में आवासीय व्यावसायिक कॉलोनियों की स्थापना के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। वर्तमान में इन सभी सैक्टरों की पानी की आवश्यकता लगभग 20 एमएलडी है।
श्री बेदी ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने इन सैक्टरों की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए गांव कलाका (रेवाड़ी) में 4.54 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र बनाया है। साथ ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 06 ट्यूबवेल भी लगाए हैं। फिलहाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 20 एमएलडी जल की जरूरत के मुकाबले 14 एमएलडी जल आपूर्ति कर रहा है।
उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरु नहर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को 12.25 एमएलडी (5) क्यूसेक) जल दिया जा रहा है। भविष्य की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए, सिंचाई और जल संसाधन विभाग से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को पानी की अतिरिक्त मांग को मंजूरी देने का अनुरोध किया जा रहा है।
चंडीगढ़, 24 फरवरी- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल ने बताया कि वर्ष 2022-23 और 2024 के सर्वे में चिन्हित कॉलोनियों/क्षेत्रों को नियमित करने की प्रक्रिया जारी है यह आगामी तीन महीने में पूरी होने की संभावना है।
श्री गोयल आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि तत्कालीन नगर निगम, अंबाला की कुल 94 कॉलोनियों को 19 फरवरी 2014 की अधिसूचना के माध्यम से अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाएं तथा अवसंरचना क्षेत्र घोषित किया गया था। तत्पश्चात 26 जुलाई 2019 की अधिसूचना द्वारा नगर निगम अंबाला के पुनर्गठन के उपरांत उक्त 94 कॉलोनियों में से 31 कॉलोनियों को नगर निगम अंबाला की सीमा में तथा शेष 63 कॉलोनियों को नगर परिषद अंबाला सदर की सीमा में सम्मिलित कर दिया गया था। इन सभी कॉलोनियों में सीवरेज व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़कों एवं स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाएँ संबंधित नगर निकार्यों द्वारा समय-समय पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने आगे बताया कि उक्त 94 कॉलोनियों से संबंधित स्वीकृत खसरा नंबर एनडीसी/जीआईएस पोर्टल पर “स्वीकृत” श्रेणी में प्रदर्शित किया जा रहा है।
श्री गोयल ने आगे जानकारी दी कि नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग द्वारा वर्ष 2022-23 में किए गए सर्वेक्षण में नगर निगम अंबाला की 24 कॉलोनियों तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा वर्ष 2024 में चिन्हित 111 बहुभुज छूटे हुए क्षेत्रों को एनडीसी/जीआईएस पोर्टल पर अनाधिकृत दिखाया जा रहा है। हालाँकि, इन्हें “अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाएं तथा अवसंरचना वाले क्षेत्र घोषित करने के लिए नीतिगत मापदंडो के आधार पर नगर निगम अम्बाला में मूल्यांकन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया तीन महीने में पूरी होने की संभावना है।



