
Haryana roadways: हरियाणा में निजी बस ऑपरेटरों द्वारा पास धारकों को बस में न चढ़ाने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायतों पर अब राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। हरियाणा के परिवहन आयुक्त ने कड़े आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी निजी बसों में हरियाणा रोडवेज की तर्ज पर सभी फ्री और रियायती पास मान्य होंगे।
परिवहन आयुक्त के सख्त निर्देश
विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, निजी बस संचालकों को उन सभी श्रेणियों के यात्रियों को यात्रा करवानी होगी जिन्हें रोडवेज बसों में मुफ्त या रियायती सुविधा मिलती है। इसमें छात्र, बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य पात्र श्रेणियों के पास धारक शामिल हैं।

मुख्य बिंदु: जो पाठकों के लिए जानना जरूरी है
समान नियम: निजी बसें अब रोडवेज के नियमों से बाहर नहीं होंगी; पास धारकों को बैठाना अनिवार्य होगा।
मनमानी पर रोक: अक्सर शिकायतें आती थीं कि प्राइवेट बस चालक पास देखकर यात्रियों को बस में नहीं चढ़ाते, अब ऐसा करने पर परमिट रद्द हो सकता है।
शिकायत दर्ज: यदि कोई ऑपरेटर मना करता है, तो यात्री सीधे परिवहन विभाग या संबंधित आरटीओ (RTO) कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
निजी बस संचालकों को रोडवेज की तर्ज पर ही सभी रियायती पास स्वीकार करने होंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। — परिवहन विभाग, हरियाणा
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