
Haryana News: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, पुन्हाना। शहर के चारों ओर कृषि योग्य भूमि पर भू माफियाओं द्वारा अवैध कलोनियां विकसित करने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्रोपर्टी डीलर लोगों को नई नई सुविधाओं को लालच देकर उन्हें महंगे दामों पर जमीन बेच रहे है, जिनमें रातों रात मकान बनकर तैयार हो रहे है। ऐसा नहीं की जिला नगर योजनाकार विभाग के अध्किारियों को इसकी जानकारी नहीं है बल्कि जानकारी होने के बादवूद भी ऐसी क्लोनियों पर केवल खानापूर्ति के लिए कार्यवाही की जाती है।
बता दे कि पुन्हाना के जमालगढ रोड शिकरावा मोड, पुन्हाना होडल रोड, ट्रक मार्केट सहित जुरहेडा रोड, व जमालगढ रोड पर कृषि योग्य भूमि पर भू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। लोगों को बिजली पानी सड़क जैसी हर प्रकार की सुविधाओं का लालच देकर भूमाफियाओं द्वारा प्लाट तो बेच दी जाती है लेकिन जब प्लाट मालिक मकान बनाता है तो उसे धोखाधडी की अनुभूति होती है। ऐसी क्लोनियों में रहने वाले लोगों को पानी के लिए भटकना पड रहा है।

दो वर्ष पहले हुआ था आधा दर्जन प्रॉपर्टी डीलरों पर मुकदमा-
अवैध रूप से प्लानिंग कर कॉलोनियां विकसित करने के आरोप में डीटीपी विभाग द्वारा अक्टूबर 2022 में शहर के आधा दर्जन प्रॉपर्टी डीलर पर मुकदमा दर्ज कराया था जिसके बाद कुछ दिनों तक प्लांटिंग पर रोक लगी थी। लेकिन इसके कुछ दिनो बाद ही यहां कृषि योग्य भूमि पर दोबारा से बिना प्रशासन की अनुमति के प्लाटिंग शुरू हुई हो गई।
गाँव में डीटीपी टीम को करना पडता है विरोध का सामना-
शहर में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर डीटीपी विभाग द्वारा केवल खानापूर्ति के लिए कार्यवाही होती है लेकिन गांव में विभाग की टीम निर्माणाधीन मकानों को गिराने से नहीं चूकती। इसका उदाहरण दो सप्ताह पहले भी ठेक गांव में देखा गया जहां पुन्हाना में एक दो जगह केवल रास्तों को काटकर कार्यवाही की गई वहीं ठेक गांव में दीवारों को मशीन से गिराया गया। विरोध में ग्रामीणों ने टीम से हाथापाई की।
अवैध प्लाटिंग से घट रही कृषि योग्य भूमि-
शहर के लोगों का मानना है कि शहर के आस पास की कृषि योग्य भूमि पर हो रही अवैध प्लाटिंग से नगरपालिका की कृषि योग्य भूमि का रकबा कम हो रहा है जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी-
शहर के चारों ओर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों में सैकड़ों परिवार रह रहे है। प्लाटिंग के दौरान प्रॉपर्टी डीलर ने कॉलोनी में हर प्रकार की सुविधा देने का वादा किया था लेकिन कई वर्ष बाद भी यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे है जो अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है।
रसूखदार डीलरों पर नहीं होती कार्यवाही-
कुछ वर्षों पहले जमीनों के दामो में एकाएक उछाल आने के बाद यहां भी जमीन के दाम बढे। प्लाटिंग करने व अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करने में यहां अधिकतर राजनीतिक परिवार व रसूखदार लोग है। जिनके उपर डीटीपी विभाग कार्यवाही करने से कतराता है। विभाग द्वारा शहर में कई बार कार्यवाही की गई लेकिन शिकरावा मोड पर विकसित हो रही क्लोनियों पर विभाग ने कभी कार्यवाही नहीं की।
“बिना अनुमति के विकसित होने वाली ऐसी कालोनियों में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही ऐसी क्लोनियों पर कार्यवाही की जाएगी।”
बिनेश कुमार, जिला नगर योजनाकार अधिकारी नूंह।
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