HARYANAHOME

Haryana ki Chaupal: हरियाणा की चौपाल, जानिए इस हफ्ते क्या रहा खास?

Haryana ki Chaupal: हरियाणा की चौपाल, जानिए इस हफ्ते क्या रहा खास?

Haryana ki Chaupal: जुबा पर आया दिल का दर्द: वैसे तो भारतीय जनता पार्टी को अनुशासित पार्टी माना जाता है, लेकिन एक कहावत है कि प्यार और जंग में सब कुछ जायज है। यदि इसके साथ राजनीति को भी जोड़ लिया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। खासकर हरियाणा के अहीरवाल की राजनीति जंग में तो यह जगजाहिर हो ही चुका है। दअरसल, आजकल हरियाणा की राजनीति चौपालों पर कुछ ऐसी ही चर्चाएं चल रही है। एक चौपाल पर हमें फुल वे दल की कुछ राजनीतिक चर्चांएं सुनाई तो हम भी कान लगाकर उसे सुनने लगे। चौपाल पर चर्चा हो रही थी कि देश की सबसे बड़ी पंचायत यानि संसद में प्रधानमंत्री के हरियाणा के अहीरवाल से सहयोगी राव इंद्रजीत दक्षिण हरियाणा के हाथ में प्रदेश की सत्ता नहीं होने का दर्द कई बार ब्यान कर चुके हैं। अब बादशाहपुर से विधायक व प्रदेश सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी दर्द का आभास कराना शुरू कर दिया है। राव नरबीर सिंह ने तो अपना दर्द हल्का करने के लिए प्रदेश सरकार के बड़े साहब यानि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से यहां तक कह दिया कि अगली बार गुरुग्राम में कहीं से चुनाव लड़ लो ताकि यह कहा जा सके कि दक्षिण हरियाणा से भी मुख्यमंत्री है। इससे दक्षिण हरियाणा के लोगों का दर्द कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री किस जिले का रहने वाला है, यह मायने नहीं रखता। किस विधानसभा से जीतकर मुख्यमंत्री बना है, यह मायने रखता है, इसलिए आप गुरुग्राम से चुनाव लड़ जाओ। इब इस चर्चा को सुनने के बाद हमें तो सब कुछ समझ आ गया कि फूल वाले दल की दक्षिण हरियाणा की राजनीति में क्या चल रहा है? उम्मीद है कि आप भी समझ ही चुके होंगे। वैसे बता दें कि प्रदेश में भाजपा को सत्ता में लाने में दक्षिण हरियाणा की शुरू से ही विशेष भूमिका है। इसे देखते हुए दक्षिण हरियाणा के नेताओं का दर्द समय-समय पर छलकता रहता है कि सरकार का मुखिया उनके इलाके से नहीं।

‘बागियों’ पर कार्रवाई से हिचक रहा पंजे वाला दल

हरियाणा की राजनीतिक चापौलों में एक और मुद्दा खूब चर्चा में है। दअरसल, हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में पंजे वाले दल के कुछ नेताओं पर क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगा, जिसके बाद पार्टी में राजनीतिक घमासान तेज हो गया। इसे लेकर एक माननीय तो धरने तक पर बैठ गए। वहीं, पंजे वाले दल के समर्थन से राज्यसभा में पहुंचे नेताजी ने तो पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर डाली। शायद उन्हें किसी ने यह नहीं बताया कि यह उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसमें सीबीआई जांच नहीं हो सकती। वहीं, इसे लेकर चौपाल पर चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव में पांच विधायकों द्वारा क्रास वोटिंग करने और चार विधायकों के वोट रद होने के बाद कांग्रेस में छिड़ा राजनीतिक घमासान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ‘बागियों’ पर सीधी कार्रवाई से हिचक रही कांग्रेस ने नई दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें अगली रणनीति पर चर्चा होगी। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में चंडीगढ़ में अनुशासनात्मक कार्यवाही कमेटी की बैठक होगी, जिसमें पूरे मामले में कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली में होने वाली बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शामिल होने की पूरी संभावना है। इन दोनों नेताओं की मौजूदगी स्पष्ट संकेत होगी कि हाईकमान हरियाणा के घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से ले रहा है। हर किसी की नजर इस बात पर रहेगी कि बैठक में वे पांचों विधायक मौजूद रहेंगे या नहीं, जिन्हें नोटिस दिए गए हैं। राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग और वोट रद होने से न केवल कांग्रेस की चुनावी रणनीति विफल साबित हुई, बल्कि संगठनात्मक कमजोरी और अंदरूनी गुटबाजी भी एक बार फिर सबके सामने आ गई। दिल्ली की बैठक पहला बड़ा राजनीतिक मंच होगी, जहां विधायक दल और पार्टी नेतृत्व आमने-सामने बैठकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे। चौपाल पर चर्चा है कि कमेटी की नजर खास तौर पर उन पांच विधायकों पर रहेगी, जिन्हें क्रास वोटिंग के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। इनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। इन विधायकों से जवाब मांगा गया था, लेकिन देरी और सार्वजनिक बयानबाजी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता और बढ़ा दी है। चौपाल पर मौजूद राजनीति के जानकार मानते हैं कि यह घटनाक्रम सिर्फ मौजूदा संकट तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर आने वाले चुनावों, टिकट वितरण और संगठनात्मक ढांचे पर भी पड़ेगा। अगर पार्टी सख्त कदम उठाती है, तो यह एक मजबूत संदेश होगा, लेकिन इसके साथ ही अंदरूनी समीकरण भी बदल सकते हैं।

हरियाणा में सरकारी खजाने की सुरक्षा पर बड़ा सवाल!

हरियाणा में सरकारी धन की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में घोटाले के एक माह बाद अब कोटक महिंद्रा बैंक में पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपए के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक कर्मियों की कथित मिलीभगत से नगर निगम पंचकूला के लगभग 150 करोड़ रुपए की राशि की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) में हेर-फेर किया गया है। इस घोटाले के उजागर होने के बाद हरियाणा सरकार ने पूरे मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसडब्ल्यू-एसीबी) को सौंप दी है। कोटक महिंद्रा बैंक की एक शाखा में पंचकूला नगर निगम की लगभग 150 करोड़ रुपए की सावधि जमा रसीदों (एफडीआर) में कथित अनियमितताओं के संबंध में अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। नगर निगम ने अपने आधिकारिक रिकॉर्ड और कोटक महिंद्रा बैंक की पंचकूला शाखा की ओर से दर्शाए गए शेष/रिकॉर्ड में करोड़ों रुपए की विसंगति का दावा किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सावधि जमा रसीदों के परिपक्वता मूल्य और बैंक की ओर से दर्शाई गई वास्तविक शेष राशि में भारी अंतर है। जहां निगम के रिकॉर्ड में दो खाते दर्ज थे, वहीं सत्यापन के दौरान बैंक की ओर से दो अतिरिक्त खाते बताए गए, जो निगम के अभिलेखों में दर्ज नहीं थे। प्राथमिकी में कहा गया है कि बैंक विवरणों में विसंगतियां और इन अघोषित खातों का अस्तित्व वित्तीय अभिलेखों की सत्यता और अखंडता पर गंभीर प्रश्न उठाता है। खैर देखन होगा कि इस दूसरे घोटाले के बाद सूबे की सरकार अब क्या कदम उठाएगी?

जंग के बीच हरियाणा में होगा रुस से निवेश !

पिछले कईं महीनों से यूक्रेन के साथ युद्ध मे उलझे रूस की ओर से इब म्हारे प्रदेश में निवेश किया जाएगा, अर यो सब कुछ हो पावैगा म्हारे प्रदेश की सरकार के बड़े साहब यान मुख्यमंत्री नायब सैनी की कोशिश के करके। दअरसल, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा में औद्योगिक निवेश और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रूसी संस्थानों और कंपनियों को आमंत्रित किया है। इसनू लेकर सरकार के बड़े साहब ने रुसी संघ के राजदूत डेनिस अलीपोव के साथ भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, संसाधनों और विशेष रूप से कृषि, ऑटोमोबाइल और विनिर्माण क्षेत्रों की संभावनाओं से रूसी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हरियाणा वस्त्र और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रूस के बाजार की मांगों को पूरा करने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री ने आईटी, ऑटोमोबाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में साझेदारी के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए रूसी कंपनियों को इसमें भागीदारी के लिए आमंत्रित किया है।

-=–===

इब के फैर होवैगा किसान आंदोलन !

तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों की ओर से महीनों तक किए गए आंदोलन ने सबसे ज्यादा हरियाण को प्रभावित किया। हालांकि उसके बाद भी किसानों की ओर से दिल्ली कूच की कई कोशिशें की गई, लेकिन हरियाणा सरकार ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इब एक बार फिर तै किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। दअरसल, फतेहाबाद में किसान नेताओं को गिरफ्तारी का नोटिस मिलने के बाद अखिल भारतीय किसान सभा के नेताओं ने इसे किसानों के साथ विश्वासघात बताया है। सभा के नेताओं ने कहा कि वर्ष 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए थे। आंदोलन समाप्त होने पर सरकार ने कृषि कानून वापस लेने के साथ-साथ किसानों पर दर्ज सभी मुकदमों को खारिज करने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब चार साल बाद पुराने मामलों को निकालकर किसान नेताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। नेताओं के अनुसार, हिसार के बालसमंद क्षेत्र में मंत्री रणबीर गंगवा के आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में कई किसानों पर गैर-जमानती वारंट जारी किए गए हैं। किसान सभा का कहना है कि यह कार्रवाई किसानों को डराने और भविष्य के आंदोलनों को दबाने की साजिश है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने वादे के अनुसार मुकदमे वापस नहीं लिए तो किसान सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

-=–===

इब मजदूरों का होवेगा अपना घर !

इस देश मै न्यू तो लाखों की संख्या में बेघर लोग है। हालांकि केंद्र और प्रदेश सरकारों की ओर से इकर के लोगा खातर ढेर स्कीमा चलाई जावै, लेकिन फेर भी बड़ी संख्या में लोग उसका लाभ कौनी ठा सकदे। ऐसे में इब हरियाणा सरकार ने प्रदेश के मजदूरों को उनका अपना आशियाना दिलान खातर बड़ी पहल की है। असल मै हरियाणा के श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसी ही एक योजना में पंजीकृत निर्माण कामगारों को अपने मकान की खरीद या निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके तहत पात्र श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत निर्माण श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा जाता है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के पास स्थायी आवास की सुविधा नहीं होती, ऐसे में यह योजना उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम है। योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा, श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण होना चाहिए और कम से कम पांच वर्षों की नियमित सदस्यता होना आवश्यक है। साथ ही, श्रमिक की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए और 60 वर्ष की आयु पूरी होने में कम से कम 8 वर्ष का समय शेष होना चाहिए। इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निर्माण श्रमिक न केवल रोजगार के अवसर प्राप्त करें, बल्कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं जैसे आवास का भी लाभ मिल सके। ब्याज मुक्त ऋण होने के कारण श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे आसानी से ऋण चुका सकते हैं।

–==-=-==

इब स्कूलां मै कौनी बनैगी रील-मीम !

मोबाइल आजकल हर व्यक्ति की पहली पसंद है। छोटा बच्चा हो या फिर कोई अधेड़, इतना ही नहीं कूड़ा बीनने वाले और सड़कों पर भीख मांगने वालों के पास भी आजकल स्मार्ट फोन मिल जाता है। इसके फायदों के साथ ही कईं प्रकार के नुकसान भी हो रहे हैं। खासतौर पर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई पर इसका काफी असर दिखाई दे रहा है। हाल ही में फरीदाबाद जिले में सरकारी स्कूलों में रील और मीम बनाने के कई मामले सामने आए हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से एक लेटर भी जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि टीचर, एनी वर्कर और स्टूडेंट रील, मीम और इंटरटेनमेंट को लेकर वीडियो बना रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को निर्देश जारी कर कहा है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की रील या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि इससे पढ़ाई, अनुशासन और स्कूल की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई स्कूल शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता से जुड़ा वीडियो बनाना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित अधिकारी की अनुमति लेनी होगी और शिक्षक की निगरानी में ही यह कार्य किया जा सकेगा। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों में सोशल मीडिया रील बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। कई राज्यों में पहले भी स्कूल परिसरों में मोबाइल और वीडियो उपयोग को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल गतिविधियां तभी स्वीकार्य हैं, जब उनका उद्देश्य शिक्षा या जागरूकता हो। इस सवाल ये उठा है के यो आदेश खाली फतेहाबाद तक ही क्यों, क्यों ना इसे पूरे हरियाणा में लागू किया जावै। खैर यो तो विभाग की बात है। पर देखन और समझन वाली बात यो है, कि यो सब कद तक चालैगा।

—==–=-==-==

इब ना लागेगा बिजली का करंट !

हरियाणा के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 83.79 लाख उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा। आयोग ने यह निर्णय उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा प्रस्तुत ‘वार्षिक राजस्व आवश्यकता’ याचिकाओं की विस्तृत सुनवाई के बाद लिया है। दोनों ने लगभग 4,484.71 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा दर्शाया था। इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है। बता दें कि पिछले 11 वर्षों से टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कृषि क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। किसानों को केवल दस पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा, जबकि वास्तविक लागत 7.48 रुपये प्रति यूनिट है। इसके अलावा, 10 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन वाले किसानों को 31 मई, 2026 तक लोड बढ़ाने का अवसर मिलेगा। वहीं, प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क और फिक्स्ड चार्ज पर 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

-========

इब घर-घर जावैंगे गुरुजी

इब तक हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ान वाले गुरुजी की ड्यूटी बालका ने पढ़ान के अलावा दूसरे सरकारी कामा में लागे करा थी। इब सरकार ने इन खातर नवा फरमान जारी किया है, जिसके चलते गुरुजी इन दिनों गुरुजी घर-घर दस्तक दे रहे हैं। असल में शिक्षा विभाग की ओर से तीन चरणीय अभियान तैयार किया गया है। पहला चरण 23 मार्च से शुरू हो चुका है, जोकि पहली अप्रैल तक चलेगा। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में दाखिला ग्राफ बढ़ाने के लिए कमर कस ली है। शिक्षक को ड्राप आउट बच्चों को स्कूल की दहलीज तक लाने का जिम्मा सौंपा गया है तो वहीं स्कूल मुखिया विद्यार्थियों को खुद अगली कक्षा में दाखिला कराएंगे। विभाग की ओर से प्रवेश उत्सव के शेड्यूल को तीन चरणों में तैयार किया गया है। पहले चरण में जागरूकता से लेकर नामांकन और फिर निगरानी तक, हर स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जिसमें स्कूल मुखिया, शिक्षक, एसएमसी और पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। दूसरा चरण 2 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चलेगा। दूसरे चरण में कक्षा 5 और 8 के छात्रों के नए स्कूलों में नामांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ड्रापआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के प्रयास होंगे और माइग्रेशन (स्थानांतरण) के मामलों में विद्यार्थियों का समायोजन किया जाएगा। आनलाइन मूल्यांकन के जरिए सीखने के स्तर का आकलन करने के साथ स्कूल स्तर पर एसएमसी बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button