
Haryana Congress: एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत, शादी सीजन में जनता परेशान
• भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी सरकार पर लगाया कालाबाजारी को बढ़ावा देने और भ्रम फैलाने का आरोप
• हाल में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि तुरंत वापस ली जाए और उपभोक्ताओं को समय से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
चंडीगढ़, 12 मार्च : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने देशभर की तरह हरियाणा में रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) की भारी कमी के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि राज्य में घरेलू और कमर्शियल दोनों स्तर पर गैस की आपूर्ति ठप पड़ गई है, जिससे आम जनता का जीवन दूभर हो गया है। पहले रसोई गैस की बढ़ती कीमतें और अब सिलेंडर की आपूर्ति की किल्लत से साबित होता है कि भाजपा सरकार आम लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने मांग करी कि हाल में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए और उपभोक्ताओं को समय पर पर्याप्त गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। हुड्डा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से तुरंत कालाबाजारी पर रोक लगाने, घरेलू व कमर्शियल गैस की सप्लाई सुचारु रूप से बहाल करके जनता को राहत देने की भी मांग की। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि एलपीजी गैस किल्लत का असर हरियाणा समेत उत्तर भारत में भी गहरा गया है। हालात दिनों-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्ग की रसोई पर सीधा हमला हो रहा है। पहले ही रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ाकर सरकार ने लोगों को भारी आर्थिक चोट दी और अब गैस सिलेंडर की किल्लत ने लोगों को घंटों लाइन में लगने और कई-कई दिनों तक इंतजार करने को मजबूर कर दिया है। लोगों की शिकायत है कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। जमीनी स्तर पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। हरियाणा के लगभग हर जिले में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतार देखी जा रही है। कई जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह बंद हो गई है या बुकिंग होने पर भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। शादी-विवाह के मौसम में यह समस्या सबसे ज्यादा परेशान कर रही है। जिन परिवारों में ब्याह चल रहे हैं, उन्हें खाना पकाने, मेहमानों की व्यवस्था करने में भारी दिक्कत हो रही है। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह रोक दी गई है, जिसके कारण होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैटरिंग और अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय ठप पड़ गए हैं या बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कालाबाजारी के चलते सिलेंडर कई गुना महंगे दामों पर बिक रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जनता को राहत दिलाने की बजाय भ्रामक दावे कर रही है। एक तरफ बीजेपी सरकार दावा करती है कि गैस की कोई कमी नहीं है, जबकि दूसरी तरफ सप्लाई रोक दी गई है। कमर्शियल सिलेंडर तो बंद कर दिए गए हैं और घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी में भी भारी देरी हो रही है। सरकार न तो किल्लत की पूरी जानकारी दे रही है और न ही कालाबाजारी पर कोई सख्त कार्रवाई कर रही है। जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
एसवाईएल पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री रोज पंजाब जाते हैं, लेकिन कभी एसवाईएल का नाम तक नहीं लेते। जबकि हरियाणा सुप्रीम कोर्ट में केस जीत चुका है। लेकिन उसपर अमल की जिम्मेदारी प्रदेश व केंद्र सरकार की है। दोनों जगह बीजेपी की सरकार है। लेकिन फिर भी कोई ना कोई कोशिश हो रही है और ना ही सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का मुकदमा दायर किया जा रहा है।
सरसों खरीद में देरी के पीछे वजह बताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार जानबूझकर किसानों को प्राइवेट एजेंसियों के हाथों लुटवाना चाहती है। खरीद में देरी की वजह से किसानों को एमएसपी नहीं मिलेगी और सरकार का मकसद पूरा हो जाएगा। क्योंकि बीजेपी किसानों को एमएसपी से पूरी तरह वंचित करने की नीति पर आगे बढ़ रही है।



