
Haryana News: मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करें : नायब सिंह सैनी
– कहा ,माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा देकर पानी की बचत करें
– मुख्यमंत्री ने हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की “रिपोर्ट ऑफ़ वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ़ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स इन हरियाणा” तथा ” रिपोर्ट ऑन वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ़ माइक्रो इरिगेशन इन हरियाणा” का विमोचन किया
नई दिल्ली, 6 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी प्रदेश में मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करें ताकि कम कृषि भूमि में किसान अधिक आमदनी कर सकें। उन्होंने माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा देकर पानी की बचत करने के लिए भी किसानों में जागरूकता पैदा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की “रिपोर्ट ऑफ़ वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ़ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स इन हरियाणा” तथा ” रिपोर्ट ऑन वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ़ माइक्रो इरिगेशन इन हरियाणा” का विमोचन कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरीफ फसलों के लिए मूल्य नीति निर्धारण पर आयोजित बैठक ( विपणन सत्र 2026 -27) की अध्यक्षता भी की और इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल,मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार , कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री राजनारायण कौशिक ,हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ रविंदर सिंह चौहान तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हितेश कुमार मीणा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े मेडिसिनल जड़ी-बूटियों के निर्यातकों में शामिल है और इस क्षेत्र में हरियाणा भी अपनी रणनीतिक स्थिति और मजबूत कृषि ढांचे के कारण महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों को टिकाऊ और योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जाए तो यह क्षेत्र किसानों और उद्यमियों के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों का क्षेत्र केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रोसेसिंग, एक्सट्रैक्शन, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का निर्माण और मार्केटिंग जैसी कई गतिविधियां शामिल होती हैं। इस कारण यह क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अनुसंधान संस्थान और निजी क्षेत्र मिलकर इस दिशा में योजनाबद्ध प्रयास कर हरियाणा को मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों के उत्पादन और प्रोसेसिंग का एक प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं को तलाश करें।
श्री नायब सिंह सैनी ने ” रिपोर्ट ऑन वर्किंग ग्रुप ऑन प्रमोशन ऑफ़ माइक्रो इरिगेशन इन हरियाणा” का विमोचन करते हुए कहा कि अधिकारी किसानों को ऐसी फसलें बोने के लिए प्रेरित करें जिनमें माइक्रो-इरिगेशन का प्रयोग किया जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस रिपोर्ट से राज्य में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाने को प्रोत्साहन और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों को मेडिसिनल और एरोमैटिक पौधों की खेती करने तथा माइक्रो-इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।







