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AAP News: कोर्ट ने भी कह दिया केजरीवाल कट्टर ईमानदार है- सुशील गुप्ता

AAP News: कोर्ट ने भी कह दिया केजरीवाल कट्टर ईमानदार है- सुशील गुप्ता

AAP News: कोर्ट ने भी कह दिया केजरीवाल कट्टर ईमानदार है- सुशील गुप्ता

कोर्ट ने केजरीवाल- सिसोदिया को किया आरोप मुक्त, ‘‘आप’’ को खत्म करने के लिए आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था शराब घोटाला: सुशील गुप्ता

– कोर्ट ने केस चलाने योग्य भी नहीं माना और सीबीआई को जांच अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया- सुशील गुप्ता

– मोदी जी को पता है कि जनता केजरीवाल को कट्टर ईमानदार मानती है, इसलिए उनकी ईमानदारी पर चोट की- सुशील गुप्ता

– लाख साजिशों के बाद भी मोदी जी केजरीवाल जी का कुछ नहीं बिगाड़ पाए: सुशील गुप्ता

– आज मोदी जी और अमित शाह की सत्ता की हवस का खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है- सुशील गुप्ता

शनिवार, 28 फरवरी 2026

चण्डीगढ़: तथाकथित शराब घोटाला, आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था। केजरीवाल जी ने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है और आज कोर्ट ने भी कह दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। दिल्ली की सत्ता पाने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह ने राजनीतिक षड्यंत्र रचा। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। कोर्ट ने केस चलाने योग्य भी नहीं माना। मोदी जी को पता है कि जनता केजरीवाल को कट्टर ईमानदार मानती है। इसलिए उन्होंने केजरीवाल जी की ईमानदारी पर चोट की।

शनिवार को ‘‘आप’’ हरियाणा मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सुशील गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने पिछले चार साल से ‘शराब घोटाला’ शब्द का भारतीय राजनीति में खूब इस्तेमाल किया है। सभी जान रहे हैं कि किस तरह से पिछले चार साल से ईडी, सीबीआई और सारी संस्थाओं का इस्तेमाल करके हमारे ऊपर शराब घोटाले नाम का एक आरोप लगाया गया। सीबीआई और ईडी ने उसमें चार्जशीट फाइल की। आज कोर्ट को प्रथम दृष्टया यह निर्णय लेना था कि क्या सबूत और गवाहों के बयानों के आधार पर इतनी पर्याप्त सामग्री है कि इसमें मुकदमा चलाया जाए। अभी मुकदमा चला नहीं था।

कोर्ट ने लगभग 600 पन्नों के आदेश में सारे सबूतों और सारे गवाहों को मद्देनजर रखते हुए यह कहा है कि केस में इतना भी सबूत और गवाहों के बयान नहीं हैं कि इसमें मुकदमा तक चलाया जा सके। अगर मुकदमा चलाया जाता, 15-20 साल मुकदमा चलता, उसमें बहुत सारे गवाह बुलाए जाते, सबूत रखे जाते, उसके बाद जो होता, वह तो अलग बात है। कोर्ट का यह कहना है कि यह इतना फर्जी, बेकार और गलत केस है कि इसमें मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता। यह कोर्ट की भाषा है। यह आर्डर एक ऐतिहासिक आर्डर है।

यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर रचा। आज उन दोनों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन दोनों ने मिलकर षड्यंत्र रचा कि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जाए, आम आदमी पार्टी को बर्बाद किया जाए। उस षड्यंत्र के तहत उन लोगों ने आजाद भारत का सबसे बड़ा और सबसे घिनौना षड्यंत्र रचा। वे जान रहे थे कि भाजपा दिल्ली में आम आदमी पार्टी को नहीं हरा सकती। मोदी जी को पता था कि दिल्ली की जनता “आप” के कामों से बहुत खुश है। वे देख रहे थे कि दिल्ली में कामों की राजनीति के आधार पर वे कहीं खड़े नहीं होते। इसलिए उन्होंने यह षड्यंत्र रचा।

जनता जानती है कि केजरीवाल जी ईमानदार है। इसलिए मोदी-शाह ने सोचा कि केजरीवाल की ईमानदारी पर चोट करो। जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी ईमानदार है। इसलिए इन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की ईमानदारी पर चोट करो। इन्होंने आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए षड्यंत्र रचा और बोले कि केजरीवाल बेईमान है। इन्होंने झूठ फैलाया कि केजरीवाल ने शराब घोटाला किया, केजरीवाल पैसे खा गया, केजरीवाल ने 100 करोड़ खा लिए।

केजरीवाल जी ने अपने जीवन में पैसा नहीं, केवल ईमानदारी कमाई

केजरीवाल जी ने जिंदगी में केवल ईमानदारी और इज्जत कमाई है। उन्होंने अपनी जिंदगी में एक नया पैसा नहीं कमाया है। वो इन लोगों की तरह नहीं है। और ये लोग उनकी ईमानदारी के ऊपर चोट करना चाहते थे। उसके लिए इन्होंने षड्यंत्र रचा था। आज कोर्ट के आर्डर के बाद यह देश के सामने साबित हो गया है कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सहित पूरी आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। यह हम लोग नहीं कह रहे हैं, बल्कि कोर्ट ने सारे देश के सामने यह बोला है।

अब मोदी जी से केजरीवाल संभलने वाला नहीं- सुशील गुप्ता

केजरीवाल को खत्म करने के लिए मोदी जी को काम करना पड़ेगा

केजरीवाल जी ने दिल्ली में 500 स्कूल बनवाए, मोदी जी 5000 स्कूल बनवाएं। केजरीवाल जी ने दिल्ली की सड़कें अच्छी कीं, मोदी जी पूरे देश की सड़कें ठीक कर दें। फिर देखिए केजरीवाल को कोई पूछेगा ही नहीं। केजरीवाल जी ने सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक बनाए, मोदी जी 20 हजार मोहल्ला क्लीनिक बनाकर दिखाएं। मोदी जी तो देश के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें अच्छे काम करने चाहिए। लेकिन वह उनसे नहीं होता है।

मोदी-शाह की सत्ता की हवस में हमारे नेताओं के परिवार झुलसे

यह केवल मोदी जी और अमित शाह की सत्ता की हवस है और यह उसी का नतीजा है कि यह षड्यंत्र रचा गया। उनके परिवार ने बहुत कुछ भुगता है। वो जब जेल गए तब उनकी मां बहुत ज्यादा बीमार रहती हैं, उन्हें अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा और उनकी मां बहुत रोईं। मनीष सिसोदिया की पत्नी को मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी है। जब सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा था, तब जस्टिस संजीव खन्ना ने भी कहा था कि यह बहुत गंभीर बीमारी है। उनके शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं करता और धीरे-धीरे बीमारी बढ़ती जा रही है।

इस षड़यंत्र का खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही-

मोदी जी और अमित शाह जी की सत्ता की हवस का सबसे बड़ा खामियाजा दिल्ली के 3 करोड़ लोगों ने भुगता है। दिल्ली के लोगों से जाकर पूछिए। अगर मोदी जी में हिम्मत है, तो वे दिल्ली में दोबारा चुनाव करा के दिखा दें। अगर भाजपा की 10 से ज्यादा सीटें आ जाएं, तो हम राजनीति छोड़ देंगे। दिल्ली की जनता भाजपा के लोगों से त्रस्त हो चुकी है।

जनता ने मोदी जी को देश संभालने की जिम्मेदारी दी है लेकिन मोदी जी केजरीवाल जी में उलझ गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हम कहना चाहते हैं कि अगर उन्हें सत्ता हासिल करनी है, तो कुछ सकारात्मक काम करके सत्ता हासिल करें। आज देश के सामने बहुत बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं। आज देश का युवा, व्यापारी और उद्योगपति दुखी है। आज अमेरिका भारत को आंखें दिखा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिम्मत नहीं है कि वे डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक शब्द भी बोल सकें। ट्रंप रोज प्रधानमंत्री और भारत को गालियां देता है, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री भीगी बिल्ली बने हुए हैं। मोदी जी, देश संभालिए न। जनता ने आपको देश चलाने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन मोदी जी अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी में उलझ कर रह गए। सकारात्मक काम करके सत्ता हासिल कीजिए और ये नकारात्मक काम करना बंद कर दीजिए।

न्यायालय और न्याय प्रणाली का यह बहुत ऐतिहासिक फैसला है। इसके लिए हम न्यायपालिका और जज साहब का धन्यवाद करते है। आज के इस माहौल में जब सारी संस्थाओं को डराया-धमकाया जा रहा है। ऐसे में इतना बड़ा न्याय करने के लिए जज साहब ने वाकई बहुत हिम्मत दिखाई है। जिन्होंने “आप” का साथ दिया।

तथाकथित दिल्ली आबकारी घोटाला मामले को खारिज करने वाली सीबीआई की विशेष अदालत का ऐतिहासिक फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। यह आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से भाजपा से साठगांठ करने वाली कांग्रेस पार्टी और मीडिया के एक वर्ग के लिए भी तमाचा है। इस मीडिया ने लगभग चार साल तक खुलेआम झूठी खबरें चलाईं।

अदालत का 598 पन्नों का फैसला इस मामले को मुकदमे के लायक भी नहीं मानता है। यह आम आदमी पार्टी के उस लगातार स्टैंड को सही साबित करता है कि यह मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी। यह अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों की ईमानदार छवि को खराब करने की एक हताश कोशिश थी। उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पार्टी को तोड़ने की साजिश रची गई थी।

इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे जिन्हें मोदी और उनके साथी चुनावों या जनता की अदालत में नहीं हरा सकते थे।

कोर्ट के फैसले ने पहले से ही दागदार केंद्रीय एजेंसियों की साख को और भारी ठेस पहुंचाई है। ये एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा करने के लिए अपनी पेशेवर ईमानदारी से पूरी तरह समझौता कर चुकी हैं। वे बेशरमी से एक राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रही हैं। आबकारी मामले में सीबीआई पर की गई टिप्पणियों से साफ है कि देश की इस प्रमुख जांच एजेंसी को इतना बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अदालत के फैसले से मोदी जी की भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस भी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। यह कांग्रेस ही थी जिसने काल्पनिक आरोपों के साथ इस मनगढ़ंत मामले की शुरुआत की थी। आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की गुप्त सहमति के तहत इसे भाजपा को सौंप दिया गया था।

फैसले को पढ़ने से यह साफ हो जाता है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के गुर्गे बेहद अक्षम साबित हुए। उन्हें बड़े पैमाने पर झूठ गढ़कर अरविंद केजरीवाल सरकार को अस्थिर करने का काम सौंपा गया था। दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना और उनके करीबी पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार को आज भी अपने दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए कोई शर्म नहीं होगी। लेकिन उनके आकाओं को यह समझना चाहिए कि यह टीम बेहद औसत दर्जे की थी। उनके द्वारा सीबीआई को परोसा गया झूठ अदालत में आरोप पत्र के संज्ञान की सीमा भी पार नहीं कर सका।

अदालत ने अपने फैसले में जोर देकर स्पष्ट किया है कि कोई भी आपसी लेन-देन नहीं हुआ था। किसी भी संस्था या व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ किसी भी गलत काम से जोड़ने का कोई सबूत नहीं था।

अदालत का फैसला उस मीडिया को भी आईना दिखाता है जिसने बिना किसी जांच-पड़ताल के सालों तक केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दिए गए झूठ को चलाया। मीडिया ने रिश्वत की रकम, नीतिगत बदलावों और कुछ समूहों को फायदा पहुंचाने के बारे में काल्पनिक सुर्खियां बटोरीं। आज ये सब औंधे मुंह गिर गए हैं।

इस ऐतिहासिक निर्णय के उपलक्ष्य में आम आदमी पार्टी हरियाणा ने प्रदेश के सभी 23 जिला मुख्यालयों पर कार्यकर्ताओं के साथ लड्डू बांटकर खुशी व्यक्त की। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और जनता के बीच जाकर इस फैसले को सत्य की जीत बताया। प्रदेश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं और ईमानदार राजनीति में विश्वास रखने वाले नागरिकों के बीच उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।
इस मौके पर वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष आदर्श पाल, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र अहलावत, ज्वाईनिंग कमेटी चैयरमैन औम प्रकाश गुज्जर, महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ रजनीश जैन, पंचकूला जिला अध्यक्ष मोनू मनोचा, राहुल भारतीय भी उपस्थित रहे।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

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