
Haryana Big Fraud: फर्म ने बिना एक पैसे का भुगतान किए करवा ली 22 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री
नौरंगाबाद के 38 किसान हुए कंपनी की ठगी का शिकार
1.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ में हुआ था सौदा, दिए गए सभी चेक हुए बाउंस • किसानों ने DC, SP और मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
फर्म ने किसानों को जारी किए थे 79 चैक, एक के बाद एक सभी चैंक हो गए बाउंस
पैसे लेने के लिए दो माह से दर-दर भटक रहे हैं दर्जनों किसान
भिवानी। गांव नौरंगाबाद में भिवानी की दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म द्वारा 38 किसानों के साथ कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि दिसंबर 2025 माह में उपरोक्त फर्म ने उनकी 22 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी एक भी पैसे का भुगतान किसानों को नहीं किया गया।
किसानों के अनुसार, रजिस्ट्री के समय फर्म ने भुगतान के लिए 79 चैक दिए थे, लेकिन जब किसानों ने फरवरी माह में चेक बैंक में लगाए तो सभी चेक बाउंस हो गए। पीड़ित किसानों ने इस मामले में जिला उपायुक्त, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन को शिकायत देकर जमीन की रजिस्ट्री रद्द करने और फर्म के मालिकों व साझेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी, एस.सी. एक्ट व दूसरी आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।

घड़ाघड़ चैक बाउंस हुए तो खुली पोल:–
गांव नौरंगाबाद के किसानों व इस मामले के मुख्य शिकायतकर्ता महीपाल किरतान के अनुसार, भिवानी में “चावला स्टील एण्ड चावला मार्बल एवं ग्रेनाईट के नाम से मार्बल पत्थर, सरिया व जापानी चादर की चौखट व जंगले बनाने का काम करने वाले चंचल चावला एवं सुरजीत चावला व अन्य उनके पार्टनर ने किसानों को बड़ी-बड़ी बातें करके अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद रजिस्ट्री करवाते समय उन्होंने किसानों को लगभग दो माह बाद की तारीख के चेक जारी कर दिए। किसानों को कंपनी द्वारा 7 फरवरी के आसपास की तारीख के चेक दिए गए थे। जब किसानों ने बैंक में चैक लगवाएं तो एक-के-बाद-एक सभी चेक बाउंस हो गए।
किसानों ने कहां-कहां लगाई है फरियाद:–
किसानों ने इस मामले में न्याय के लिए स्थानीय विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक अलग-अलग माध्यमों से गुहार लगाई है। इसी प्रकार किसानों ने मुख्यमंत्री कार्यालय, जिला उपायुक्त भिवानी, पुलिस अधीक्षक भिवानी, पुलिस अधीक्षक हिसार, जीएसटी कार्यालय भिवानी, तहसीलदार कार्यालय भिवानी, सांसद भिवानी-महेंद्रगढ़ तथा भिवानी के विधायक को शिकायत देकर इस जमीन की रजिस्ट्री रद्द करने एवं उक्त फर्म के मालिकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
1.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ में हुआ था सौदा:-
दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म ने बिचौलियों के माध्यम से किसानों से 1.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सौदा किया था। इस संबंध में फर्म ने जहां आधी जमीन की रजिस्ट्री 42 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से करवाई, वहीं कुछ जमीन की रजिस्ट्री केवल 17 लाख रुपये प्रति एकड़ की स्टांप ड्यूटी अदा करके करवाई गई।

सरकार को भी लगाया करोड़ों का चूना :–
दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म ने न केवल किसानों को ठगा, बल्कि एक ही खेवट में अलग-अलग कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्री करवा कर सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। इसमें जहां नौ एकड़ जमीन की रजिस्ट्री 42 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से करवाई, जबकि 13 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री 18 लाख रुपये के हिसाब से करवाई गई। जबकि वास्तव में यह सौदा 1.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से हुआ है।

ये सात लोग हैं फर्म के हिस्सेदार :–
किसानों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म में गौरव पुत्र सुरजीत कुमार (पार्टनर), चंचल पुत्र सुरजीत कुमार, सुरजीत कुमार पुत्र मांगे राम निवासी ज्वाला पुरी, वेस्ट दिल्ली, दीपक सैनी पुत्र अनिल सैनी, आयुष लाठर पुत्र प्रदीप लाठर, प्रदीप लाठर पुत्र सुमुन्द्र लाठर तथा गोहाना निवासी सतीश (जो गौरव पुत्र सुरजीत का ससुर है) शामिल हैं।
जमीन हड़पने के लिए ही बनाई थी फर्म :–
दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म के मालिकों का अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार है, मगर इन लोगों ने चालाकी से अपनी अन्य फर्मों के बजाय जमीन के लेन-देन के लिए अलग से यह नई फर्म बनाई। इन लोगों ने नौरंगाबाद गांव में करीब 81 करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के लिए घड़ाघड़ सौदे किए। इस संबंध में फर्म ने किसानों को इतनी बड़ी रकम के चेक जारी किए, जबकि इस नई फर्म के बैंक खाते में उतनी राशि उपलब्ध ही नहीं थी।
बेटी की शादी के लिए भी किसान को फर्म ने नहीं दी रकम :–
इस फर्म को जमीन बेचने वाले एक परिवार ने बताया कि जब वे अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे लेने फर्म के पास गए, तो उन्हें लगातार टाल दिया गया। उनकी बेटी की शादी 19 फरवरी को हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक उक्त किसान को फर्म द्वारा एक भी रुपया नहीं दिया गया।
इन किसानों की जमीन हुई है कंपनी के नाम:-
भिवानी तहसील के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर माह में नौरंगाबाद के उदयभान, कमल, उमेद देवी, रणजीत, बहादूर, विष्णु पुत्र सुरेन्द्र, जयबीर, समें, सारदूल, संदीप, विजय, संजय, शिवराज, मेघराज, फूलपति, गीता, गजेन्द्र, सरबति, सुरती, मंजीत राणा, प्रदीप, पूजा, सुनीता, बीरा, जितेन्द्र, नरेन्द्र, सुरेन्द्र, समें सिंह, रतनी देवी, सीमा, संजय, जगदेव, विक्रम, ओमली बाई, सज्जन, बार सरोज, विश्वजीत, कविता, हरदूल, ज्येन्द्र व विकास नामक किसानों की जमीन दीप ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी नामक फर्म के नाम हुई है।



