
Haryana News: फोटोग्राफर के रिटायरमेंट डे पर आरटीआई से लोक संपर्क विभाग में मची हलचल
कर्मचारियों और अधिकारियों में डर पैदा करने की नाकाम कोशिश
सर्विस के अंतिम दिन 10 पेज की आरटीआई ने बढ़ाई प्रशासनिक सरगर्मी
हरियाणा के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एक फोटोग्राफर के रिटायरमेंट के दिन की गई हरकत ने विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों में हलचल पैदा कर दी है।
गुप्त सूत्रों के अनुसार, फोटोग्राफर नीरज चोपड़ा ने अपनी सर्विस के अंतिम दिन लगभग 10 पृष्ठों की विस्तृत आरटीआई आवेदन विभिन्न दस्तावेजों के साथ दिल्ली ऑफिस में जमा करवाई। बताया जा रहा है कि आवेदन में उठाए गए प्रश्न मुख्यालय स्तर से जुड़े विषयों से संबंधित हैं। हालांकि, इस आवेदन की प्रति दिल्ली इकाई में भी भेजी गई, जिसमें एक साल पहले की तिथि लिखी गई, जो ये साबित कर रही कि चोपड़ा पूरी तरह से खोस खला के हाथ खेल रहा है और इसमें इसकी साइको प्रवृत्ति भी दर्शाती है। इस आरटीआई के आने से दिल्ली के कर्मचारियों के बीच भी हलचल और जिज्ञासा का माहौल बन गया है और कहा जा रहा है ये हरकत केवल और केवल कर्मचारियों में डर व्याप्त करने के लिए कि गई है।

सूत्रों के अनुसार, नीरज चोपड़ा, फोटोग्राफर के विरुद्ध पूर्व में अनेक शिकायतें विभाग को प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए विभाग द्वारा एक अधिकारी को नियुक्त किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि दाखिल की गई आरटीआई में उसी जांच अधिकारी से संबंधित बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। इससे पूरे मामले को लेकर विभाग के कर्मचारियों के भीतर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ कर्मचारी इसे एक संदेहास्पद कारनामों का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे रिटायरमेंट के अंतिम दिन चोपड़ा द्वारा की गई एक रणनीतिक हरकत के रूप में देख रहे हैं।
जानकारी यह भी सामने आई है कि आरटीआई आवेदन में पूर्व के सूचना आयोग के आदेशों का उल्लेख करते हुए कुछ प्रशासनिक निर्णयों और प्रक्रियाओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुछ कर्मचारी इस घटनाक्रम को संदेह से देख रहे है तो कुछ इसे नीरज चोपड़ा की पुरानी मोड्स ऑपरेंडी की तरह साइको हरकत मानकर हंस कर मजाक बना रहे है।
रिटायरमेंट के दिन की गई यह हरकत कई सवाल खड़े कर रही है—क्या यह केवल सूचना प्राप्त करने की सामान्य प्रक्रिया है या इसके पीछे कोई व्यापक खोस खला की सोची समझी चाल का हिस्सा है।।।? क्योंकि चोपड़ा को खोस खला टाइम बम के रूप इस्तेमाल करने के लिए विभाग में विख्यात है।।।।पहले भी खोस खला द्वारा चोपड़ा की आरटीआई के सहारे कई अधिकारियों और कर्मचारियों को ठिकाने लगाने की नीच कोशिश की जा चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल, यह मामला विभाग के कर्मचारियों के भीतर चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता आने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि चोपड़ा की आरटीआई का मामला सरकार तक पहुंच रहा है, जोकि काफी गंभीर मसला है। अब इसमें वो सभी चोपड़ा के खैरख्वाह कर्मचारी और रिटायर्ड अधिकारी लपेटे जा सकते हैं जो चोपड़ा की आरटीआई हरकतों में मददगार है।
कुछ पुख्ता सूत्र बता रहे है कि चोपड़ा की आरटीआई के मामले के लिए सरकार उच्च स्तर पर जल्द कार्यवाही कर सकती है क्योंकि ये एक विभाग में समन्वय और सौहार्द पूर्ण माहौल का विषय है। आने वाला समय बताएगा कि चोपड़ा का होता है क्या?
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