
Palwal News: मुकेश बघेल, ब्यूरो चीफ, पलवल। सीताराम मंदिर, सोहना रोड में चंद्रपाल शास्त्री जी की अध्यक्षता में हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लेकर नारी शक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक विकास जी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में विकास जी ने नारी शक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी ही देश, समाज और पूरे विश्व को संभालने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि नारी सनातन संस्कृति की असली रक्षक है, जो अपने संस्कारों और कर्तव्यों के माध्यम से परिवार और समाज को मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने माता जीजाबाई का उदाहरण देते हुए कहा कि जीजाबाई के संस्कारों और मार्गदर्शन ने ही छत्रपति शिवाजी को महान योद्धा और आदर्श शासक बनाया। इससे स्पष्ट होता है कि एक नारी ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला रखती है।

उन्होंने कहा कि नारी परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखने का कार्य करती है और कुटुंब व्यवस्था को मजबूत बनाना उसका सबसे बड़ा योगदान है। स्वदेशी भावना को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने में भी नारी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। नारी अपने दैनिक जीवन में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के माध्यम से न केवल परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
कार्यक्रम में कुल 170 महिलाओं और 50 पुरुषों ने भाग लिया और सभी ने नारी शक्ति के सम्मान और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
अंत में चंद्रपाल शास्त्री जी ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन का समापन धार्मिक वातावरण और राष्ट्र एवं समाज की उन्नति के संकल्प के साथ हुआ।



