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फोर्टिस अस्पताल मोहाली ने अंग दान के माध्यम से 10 मरीजों को दिया नया जीवन

चंडीगढ़। एक अभूतपूर्व चिकित्सा प्रगति में, फोर्टिस अस्पताल मोहाली ने अंग दान के माध्यम से 10 मरीजों को नया जीवन दिया है। इसमें चार किडनी ट्रांसप्लांट, दो लिवर ट्रांसप्लांट और चार कॉर्नियल ट्रांसप्लांट शामिल हैं। यह फोर्टिस मोहाली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो पहले ही खुद को दिल्ली-एनसीआर के उत्तर में पहली निजी स्वास्थ्य सुविधा के रूप में स्थापित कर चुका है, जो मृत दाता मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल और ट्रांसप्लांट के लिए उत्कृष्टता केंद्र बन गया है।

 

चंडीगढ़ के एक 65 वर्षीय व्यक्ति और लेह-लद्दाख की रहने वाली 59 वर्षीय महिला को ब्रेन हेमरेज के कारण फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में भर्ती कराया गया था। न्यूरोसाइंसेज विभाग के सर्वोत्तम संभव प्रयासों के बावजूद, दोनों मरीज ठीक नहीं हुए और बाद में उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

 

मरीजों की स्थिति के बारे में उनके संबंधित परिवारों को सूचित किया गया और अंगदान पर चर्चा की गई। दुख की घड़ी में होने के बावजूद, परिवारों ने 10 असाध्य रूप से बीमार मरीजों को अंतिम उपहार- जीवन का उपहार देने का फैसला किया।

 

डॉ. सुनील कुमार, डॉ. साहिल रैली, डॉ. मिलिंद मंडवार, डॉ. अमित नागपाल, डॉ. स्नेह, डॉ. जसमीत, डॉ. अंजना, डॉ. अमित शर्मा और डॉ. अन्ना गुप्ता की रीनल साइंसेज टीम ने हाल ही में दो मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की। दोनों मरीजों को पूरी तरह से सामान्य किडनी कार्य के बाद हस्पताल से छुट्टी दे दी गई और ट्रांसप्लांट के बाद से डायलिसिस बंद कर दिया गया है।

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डॉ. गगनीन कौर, नोडल अधिकारी, एसओटीटीओ (स्टेट आॅर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आॅर्गेनाइजेशन), पंजाब ने आॅर्गन अलाॅटिड पाॅलिसी के अनुसार अन्य अंगों की साझाकरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया। दान की गई दो किडनी अयकाई अस्पताल, लुधियाना के साथ साझा की गईं, दो लिवर क्रमशः आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नई दिल्ली और महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर में ट्रांसप्लांट किए गए। चार कॉर्निया पीजीआई, चंडीगढ़ के साथ साझा किए गए।

अंग दान पर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के डॉक्टरों की एक टीम ने एआईएमएस (डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), मोहाली और पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की। टीम में किडनी ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. मुकुट मिंज़; प्रोफेसर डॉ. वीके खोसला, डायरेक्टर, न्यूरोसर्जरी; प्रोफेसर डॉ. आशीष पाठक, निदेशक, न्यूरो सर्जरीय प्रोफेसर डॉ. टीएस महंत, डॉ. एचएस गिल, निदेशक, नेफ्रोलॉजीय डॉ. अरविंद साहनी, निदेशक, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजीय डॉ. एचएस मान, डायरेक्टा न्यूरोलॉजी डॉ. हरसिमरत बीर सिंह सोढ़ी, वरिष्ठ सलाहकार,कंस्लटेंट न्यूरो-स्पाइन सर्जरी डॉ. संचिता गर्ग और डॉ. अभिषेक विश्वास;, क्रिटिकल केयर डॉ. विक्रमजीत सिंह, चिकित्सा निदेशक, फोर्टिस मोहाली डॉ. गगनीन कौर, नोडल अधिकारी, एसओटीटीओ, डॉ. नवदीप, सलाहकार, एआईएमएस, मोहाली और डॉ. आकाशदीप अग्रवाल, संयुक्त निदेशक, मल्टीऑर्गन रिट्रीवल और ट्रांसप्लांट शामिल थे।

डॉक्टरों की टीम ने संयुक्त रूप से कहा, “ब्रेप डेड एक ऐसी स्थिति है जिससे रोगी ठीक नहीं हो सकता है लेकिन कृत्रिम जीवन समर्थन प्रणाली पर रहते हुए अंगों को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। अंग दान समय की मांग है और यह नेक कार्य कई जिंदगियां बचा सकता है। किडनी, हृदय, फेफड़े, लीवर, अग्न्याशय, छोटी आंत, आंखें, लीवर और हाथ जैसे सभी ठोस अंगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इससे भी अधिक, एक दाता द्वारा 27 विभिन्न प्रकार के ऊतक दान किए जा सकते हैं। फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में मृत दाता प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से, इस सुविधा में पांच ऐसी मल्टीऑर्गन रिट्रीवल और ट्रांसप्लांट सर्जरी की गई हैं।

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