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Haryana News: हरियाणा सरकार प्राकृतिक आपदा के राहत उपायों के लिए तत्काल 3.26 करोड़ रुपये किए जारी – मुख्यमंत्री

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ जैसे हालातों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपायों के लिए सरकार ने जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल 3 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।

Haryana News: हरियाणा सरकार प्राकृतिक आपदा के राहत उपायों के लिए तत्काल 3.26 करोड़ रुपये किए जारी – मुख्यमंत्री

भारी बारिश से मकान ढहने से हरियाणा में 13 लोगों की मौत, प्रभावित  परिवारों को 52 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की प्रदान

फसलों व अन्य नुकसान की जानकारी के लिए खुला है क्षतिपूर्ति पोर्टल

अब तक 5217 गांवों के 2,53,440 किसानों ने 14,91,130 एकड़ क्षेत्र का करवाया पंजीकरण

उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में मकानों को हुए नुकसान का करें सर्वे – नायब सिंह सैनी

नई दिल्ली, 8 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ जैसे हालातों में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपायों के लिए सरकार ने जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल 3 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस धनराशि का उपयोग प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा और पेट्रोल, डीजल व अन्य ईंधन सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री आज यहां मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह दुख की बात है कि इस प्राकृतिक आपदा में मकान ढहने से प्रदेश के 13 लोगों की जान चली गई। इनमें जिला फतेहाबाद में चार, भिवानी में तीन, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर में दो-दो और हिसार व फरीदाबाद में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने तुरंत 52 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता जारी की है। प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा, घायलों को भी मदद के लिए 2 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बाढ़ से नागरिकों को हुई कठिनाइयों को कम करने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला हुआ है। इसका उद्देश्य आम जनता द्वारा अपने नुकसान व क्षति के लिए आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही प्रभावित लोगों को हुए नुकसान के समयबद्ध तरीके से सत्यापन और मुआवजे के वितरण की प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेश के 5217 गांवों के 2 लाख 53 हजार 440 किसानों ने 14 लाख 91 हजार 130 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इस क्षेत्र के सत्यापन का काम जारी है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जिन लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा, ऐसे लोगों के लिए राहत शिविर लगाए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पानी भर गया है वहां खराब फसलों के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे क्षेत्रों में हरे चारे की कमी हुई तो इस समस्या को दूर करने के लिए उन जिलों से सूखा चारा मंगवाने का निर्णय लिया है, जिनमें जलभराव की समस्या नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों में गिर गए अथवा आंशिक नुकसान वाले मकानों का सर्वे करवाया जाए। इसके अलावा, जो परिवार 20 वर्षों से पंचायती जमीन या इस प्रकार की अन्य जमीन पर काबिज हैं, उनके मकानों को भी यदि नुकसान हुआ है तो उनकी भी सूची तैयार की जाएगी और उन्हें भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमें भेजकर उनकी चिकित्सा के व्यापक प्रबंध किये हैं। प्रभावित लोगों को चिकित्सा शिविर लगाकर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस स्थिति में जल की स्वच्छता का ध्यान रखें और पानी को उबालकर पीएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसी भी नुकसान की स्थिति में प्रभावित लोगों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों को सहायता

क्रमांक नुकसान सहायता राशि
1 मृत्यु 4 लाख रुपये
2 अंग हानि (40-60 प्रतिशत) 74,000 रुपये
3 अंग हानि (60 प्रतिशत से अधिक) 2,50,000 रुपये
4 क्षतिग्रस्त मकान के लिए (मैदानी क्षेत्र में) 1,20,000 रुपये
5 क्षतिग्रस्त मकान के लिए (पहाड़ी क्षेत्र में) 1,30,000 रुपये
6 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए (15 प्रतिशत) 10,000 रुपये
7 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए (15 प्रतिशत) 5,000 रुपये
8 गांव में दुकान, संस्थान व उद्योग 100 प्रतिशत हानि (1 लाख रुपये तक) 1 लाख रुपये या वास्तविक हानि
  1 लाख से 2 लाख तक 1.75 लाख रुपये
  2 लाख से 3 लाख तक 2.35 लाख रुपये
  3 लाख से 4 लाख तक 2.75 लाख रुपये
  4 लाख से 5 लाख तक 3.05 लाख रुपये
  5 लाख से अधिक 3.05 लाख रुपये + 10 प्रतिशत
9 फसल हानि सब्सिडी (प्रतिशतता के आधार पर) प्रति एकड़ 7,000 से 15,000 रुपये तक
10 दुधारू पशु हानि, भैंस, गाय, ऊंटनी आदि 37,500 रुपये
  भेड़, बकरी, सुअर 4,000 रुपये
  दूध न देने वाले पशु ऊंट, घोड़ा, बैल आदि 32,000 रुपये
  मुर्गी पालन 10,000 रुपये तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 दिनों में उन्होंने स्वयं जलभराव वाले गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लिया है और लोगों से बात की है। धरातल पर नरमा, धान व बाजरा की फसलों को नुकसान हुआ है। इसके लिए अधिकारियों को ड्रोन से भी मैपिंग करवाने की निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैदी से लोगों को आवश्यक सुविधाएं व सहायता पहुंचा रहे हैं।

इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग और मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती उपस्थित रहे।

जम्मूकश्मीर और पंजाब के बाद हिमाचल को भी हरियाणा सरकार ने भेजे 5 करोड़ रुपये

मंत्री और विधायक मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे एक माह का वेतनजल भराव से प्रभावित लोगों को शीघ्र पहुंचेगी राहत

अधिकारियोंकर्मचारियों और सामाजिक संस्थाओं से भी किया सहयोग का आह्वान

संकट की घड़ी में हरियाणा सरकार जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी – मुख्यमंत्री

नई दिल्ली, 8 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बाढ़ पीड़ितों को राहत के लिए 5-5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी। इसी क्रम में आज हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजी गई है।

मुख्यमंत्री ने यह बात आज मंत्रिमंडल की अनौपचारिक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि सभी मंत्रीगण, पार्टी के विधायकों तथा समर्थित विधायकों से एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का अनुरोध किया गया है ताकि बचाव और पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करते हुए परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा सके।

इसके साथ-साथ हरियाणा प्रदेश के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी आग्रह किया गया है कि वह अपनी इच्छा अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद करें।

साथ ही, सामाजिक संगठनों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से भी सहयोग का अनुरोध किया गया है ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

राहत कोष सभी के लिए खुला हैहर कोई कर सकता है योगदान

विपक्ष से राहत कोष में योगदान देने संबंधी अपील को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष सभी के लिए खुला है और कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा अनुसार योगदान कर सकता है।

पड़ोसी धर्म निभाना हमारा दायित्वहरियाणा सरकार पूरी तरह पंजाब के साथ खड़ी – नायब सिंह सैनी

पंजाब में कल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पड़ोसी धर्म निभाना हमारा दायित्व है। उन्होंने बताया कि उन्होंने आज पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान से मिलकर उनका स्वास्थ्य और कुशलक्षेम पूछा और पंजाब पर आई प्राकृतिक आपदा के बारे में भी जानकारी ली है। श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार और पार्टी की ओर से पंजाब को लगातार सहायता और राहत सामग्री भेजी जा रही है और साथ ही अन्य सहायता की आवश्यकता के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमारा भाई है और हरियाणा सरकार पूरी तरह से पंजाब के साथ खड़ी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के बीचकांग्रेस का युवराज विदेश में

विपक्ष द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा है विपक्ष के नेता बाहर निकले हैं, वरना पहले तो केवल ट्वीट करके ही अपनी जिम्मेदारी निभाते थे। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी देश पर विपत्ति आती है, कांग्रेस का युवराज विदेश चला जाता है। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जब भी देश में कहीं प्राकृतिक आपदा आती है तो अपने कार्यक्रम रद्द करके सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं। वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो संकट की घड़ी में जनता के बीच खड़े रहते हैं। प्रधानमंत्री जो बात मन से और दिल से कहते हैं, उसे समय पर पूरा भी करते हैं।

किसानों की फसल क्षति के बारे में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसानों द्वारा लगातार पंजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं फील्ड में जाकर फसल क्षति का जायजा लिया है। उन्होंने बताया कि एक माह पूर्व ही किसानों को मुआवजे के रूप में 88.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं लगातार फील्ड में लोगों के संपर्क में हैं और स्थिति पर नजदीकी से नजर बनाए हुए हैं। संकट की इस घड़ी में हरियाणा सरकार लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग और मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती उपस्थित रहे।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

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