
UP की ‘लेडी सिंघम’: इन 5 धाकड़ महिला IAS अफसरों के नाम से कांपते हैं अपराधी, सुशासन की लिखी नई इबारत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में इन दिनों महिला शक्ति का बोलबाला है। अपनी सूझबूझ, तेजतर्रार कार्यशैली और कड़े फैसलों के लिए मशहूर ये महिला आईएएस अधिकारी न केवल यूपी, बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल बन गई हैं। ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर बी. चंद्रकला से लेकर भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाली दुर्गा शक्ति नागपाल तक, आइए जानते हैं यूपी की उन 5 जांबाज महिला अफसरों के बारे में जिनकी धमक से सिस्टम में सुधार की लहर है।

1. बी. चंद्रकला: सोशल मीडिया की सनसनी और ‘लेडी सिंघम’
2007 बैच की आईएएस बी. चंद्रकला का नाम सुनते ही लापरवाह कर्मचारियों के पसीने छूट जाते हैं। औचक निरीक्षण के दौरान उनके सख्त लहजे और जनता के प्रति जवाबदेही ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। वर्तमान में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में सचिव के पद पर तैनात चंद्रकला आज भी अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं।

2. दुर्गा शक्ति नागपाल: खनन माफियाओं की नींद उड़ाने वाली अधिकारी
2010 बैच की आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल ने करियर की शुरुआत से ही दिखा दिया था कि वे झुकने वालों में से नहीं हैं। अवैध खनन के खिलाफ उनकी मुहिम ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक और यूपीएससी में 20वीं रैंक हासिल करने वाली दुर्गा शक्ति वर्तमान में लखीमपुर खीरी की कमान बतौर डीएम (DM) संभाल रही हैं।

3. रितु माहेश्वरी: करोड़ों का बिजनेस छोड़ चुनी देशसेवा
पंजाब की रहने वाली रितु माहेश्वरी की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। एक संपन्न व्यापारिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने आराम की जिंदगी छोड़ कांटों भरी प्रशासनिक राह चुनी। 2003 बैच की यह अधिकारी वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं।

4. दिव्या मित्तल: जुनून ऐसा कि IPS की नौकरी छोड़ बनीं IAS
हरियाणा की रहने वाली दिव्या मित्तल की सफलता की कहानी संघर्ष और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। पहले प्रयास में ही आईपीएस (IPS) बनने के बावजूद उनका मन नहीं भरा। उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और 68वीं रैंक लाकर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। देवरिया की डीएम रहते हुए उनके द्वारा किए गए जनहित के कार्यों की आज भी चर्चा होती है।

5. कृतिका ज्योत्सना: संवेदनशीलता और सख्ती का संगम
2014 बैच की आईएएस कृतिका ज्योत्सना अपनी कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं। बस्ती जिले की जिलाधिकारी के रूप में तैनात कृतिका ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्हें एक तेजतर्रार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जो विकास कार्यों को गति देने में माहिर हैं।
उत्तर प्रदेश की ये पांचों महिला अधिकारी न केवल प्रशासनिक पदों की गरिमा बढ़ा रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की बेटियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत भी हैं। इनकी सफलता साबित करती है कि अगर इरादे फौलादी हों, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।
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