
Palwal News: मुकेश बघेल, ब्यूरो चीफ, पलवल। आईजीपी लॉ एंड ऑर्डर श्री कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में जिला पलवल में कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा बैठक
अपराध व कानून व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम तथा अपराधियों की पहचान करने में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका- कुलदीप सिंह,आईजीपी लॉ एंड ऑर्डर।
जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता,कानून-व्यवस्था एवं शांति भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटे -कुलदीप सिंह,आईजीपी लॉ एंड ऑर्डर।
पलवल, 17 मार्च। पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था, हरियाणा पंचकूला श्री कुलदीप सिंह ने आज जिला पलवल का दौरा किया। इस दौरान लघु सचिवालय स्थित सभागार में पलवल पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पलवल श्री वरुण सिंगला(IPS), एडिशनल एसपी श्रीमती ममता खरब, डीएसपी हेडक्वार्टर श्री साहिल ढिल्लों, डीएसपी पलवल श्री अनिल कुमार, डीएसपी सदर पलवल श्री सुरेंद्र कुमार, डीएसपी हथीन श्री मोहिन्दर वर्मा, डीएसपी होडल श्री सुरेश भड़ाना, डीएसपी ट्रैफिक श्री मनोज वर्मा, डीएसपी पलवल श्री नरेंद्र खटाना सहित जिले के सभी थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे।

गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने जिला पलवल की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा अपराध डायरी का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जिले में चोरी, लूट व साइबर अपराध के मामलों में आई कमी तथा मुकदमों एवं शिकायतों का त्वरित निपटान पर पलवल पुलिस के कार्यों की सराहना की। साथ ही नशा तस्करी, उद्घोषित अपराधियों व जमानत पर चल रहे अपराधियों सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान आईजीपी लॉ एंड ऑर्डर ने जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों, आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर तुरंत प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी थाना एवं चौकी क्षेत्र में नियमित रूप से पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए तथा सीलिंग प्लान के तहत नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जाए। महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान की जाए।
बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि पेट्रोल पंप, बैंक, ज्वैलरी की दुकानें, होटल, ढाबे, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, मार्केट व कोचिंग संस्थानों सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। प्रवेश व निकासी द्वारों पर कैमरे अवश्य लगाए जाएं तथा कम से कम 30 दिनों का बैकअप सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम तथा अपराधियों की पहचान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को आम नागरिकों के साथ विनम्र व सभ्य व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आपातकालीन कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया देना पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करता है। इसलिए हर कॉल पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उनका समाधान किया जाए।
गोष्ठी के दौरान उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती है तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसलिए आमजन को मोटर वाहन अधिनियमों की पालना के लिए प्रेरित किया जाए। हरियाणा पुलिस द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान व प्रतियोगिताओं के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का समाज पर विशेष प्रभाव होता है, इसलिए पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
आईजीपी ने कहा कि जन-सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर तैयार रहना आवश्यक है। कानून-व्यवस्था एवं शांति भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपटे। एसपी पलवल श्री वरुण सिंगला (IPS) ने आईजीपी लॉ एंड ऑर्डर श्री कुलदीप सिंह को पलवल जिले में की जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं, पुलिस बल की तैनाती तथा अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी।
एसपी पलवल श्री वरुण सिंगला ने बताया कि जिला पलवल में लॉ एंड ऑर्डर की 3 कंपनियां जिनमें एक महिला पुलिसकर्मी कंपनी भी शामिल है तथा कमांडो की दो SWAT टीम बनाई हुई है। प्रत्येक कंपनी में 100 के करीब जवान नियुक्त किए हुए हैं तथा शॉर्ट नोटिस पर कंपनियां ड्यूटी के लिए तुरंत पहुंचती है। इन कंपनियों का ट्रेनिंग प्रोग्राम भी निर्धारित किया हुआ है तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनका प्रशिक्षण लगातार चल रहा है, जवानों को ट्रेनिंग के दौरान विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।







