HARYANA

Palwal News: पलवल में विज्ञान, तकनीक और कौशल मातृभषा में पढ़ाए जाने पर मंथन 

Palwal News:मुकेश बघेल, ब्यूरो चीफ, पलवल। तकनीकी और कौशल शिक्षा की परिवर्तनकारी गतिशीलता पर मंगलवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित किया गया।

Palwal News:मुकेश बघेल, ब्यूरो चीफ, पलवल। तकनीकी और कौशल शिक्षा की परिवर्तनकारी गतिशीलता पर मंगलवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के विशेषज्ञों ने 50 भी अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए। तकनीक, विज्ञान और कौशल जगत की विभूतियों ने इन विषयों को मातृभाषा में विकसित करने और पढ़ाने पर रणनीति तय की। उद्घाटन सत्र के मुख्यातिथि एवं विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार ने कहा कि कौशल विद्वता का प्रामणीकरण करता है। जिस भाषा में कौशल को समझने की सिद्धता है, उसी में उस कौशल को पढ़ाए जाने से मौलिकता आएगी। इसलिए हमें कौशल, तकनीक और विज्ञान को मातृभाषा में पढ़ाना चाहिए। समापन सत्र के मुख्यातिथि एवं मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्य अधिकारी डॉ. राज नेहरू ने कहा कि तकनीकी और कौशल शिक्षा देश व समाज के उत्थान में उपयोगी होनी चाहिए। हमारे पेटेंट सामाजिक और आर्थिकी को बदलने में सक्षम होने चाहिएं। यदि परिवर्तनकारी गतिशीलता हमारे व्यवहार में नहीं आएगी तो कौशल विकास संभव नहीं होगा। डॉ. राज नेहरू ने कहा कि देश की इकोनॉमी के विकास में इनोवेशन, स्टार्टअप और पेटेंट की बड़ी भूमिका है। इसमें विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को अपना योगदान देना होगा।

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि कौशल, तकनीक और विज्ञान को अपनी मातृभषा में पढ़ाएंगे तो और श्रेष्ठ परिणाम सामने आएंगे। जापान, जर्मनी, फ़्रांस और रूस जैसे देश इसका बहुत बड़ा जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कुलगुरु प्रोफसर दिनेश कुमार ने आह्वान किया कि सभी विषय विशेषज्ञ कौशल, तकनीक और विज्ञान की पाठ्य सामग्री अपनी मातृभाषा में विकसित करें, तभी यह अभियान सफल होगा। भविष्य में सेमी कंडक्टर कस फील्ड में बड़ी क्रांति आने वाली है। हम अपने युवाओं को उसके लिए तैयार करें। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि जब हम सपने हिन्दी में देखते हैं तो उनको साकार करने के लिए अध्ययन भी हिंदी में आवश्यक है।

राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सीसी त्रिपाठी ने कहा कि हमें व्यवसाययुक्त शिक्षा से विद्यार्थियों को तैयार करना होगा। प्रभावी परिणामों के लिए कौशल शिक्षा में मातृभाषा का होना नितांत आवश्यक है। प्रोफेसर सीसी त्रिपाठी ने कहा कि अपनी आवश्यकताओं की वस्तुओं का निर्माण स्वयं करके ही हम विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

आईयूएसी के निदेशक अविनाश पांडे विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि स्वदेशी ज्ञान और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन अत्यंत आवश्यक है। अतीत में भारतीय ज्ञान-कौशल की घोर उपेक्षा हुई है। हमें अपने ज्ञान और भाषा कौशल के साथ तकनीक, शोध, उद्यमिता को बढ़ावा देना होगा।

जेसी बोस विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजीव कुमार ने कौशल को शिक्षा में समन्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग नई सोच से आगे बढ़ रहा है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने कौशल विकास में अहम भूमिका निभाई है।

दिल्ली उद्यमिता एवं कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक कुमार नागावत ने कौशल, तकनीक, शिक्षा और इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे परिवर्तनों और उनके लिए तैयार रहने को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि हमने एआई के इस दौर में स्वयं को तैयार नहीं किया तो हमारे ऊपर अप्रासंगिकता का खतरा मंडरा रहा है। वेब टेक्नोलॉजी के आने से भौगोलिक बाधाएं टूट चुकी हैं। हमें तकनीक के ज्ञान को आत्मसात करते हुए स्वयं को संवर्धित करना होगा।

अंत में कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। शोध पत्र प्रस्तुत करने वालों को अतिथियों ने प्रमणपत्र प्रदन किए। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने अतिथियों का स्वागत किया। अकादमिक अधिष्ठाता एवं सम्मेलन के संयोजक प्रोफेसर विक्रम सिंह ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। इससे पूर्व सम्मेलन के संयोजक प्रोफेसर आर एस राठौड़ ने इस आयोजन की सार्थकता और आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विज्ञान भारती के प्रदेशाध्यक्ष प्रोफेसर सतहंस ने इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला के उद्देश्यों पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। प्रोफेसर रंजन माहेश्वरी, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर डीवी पाठक और डॉ. सविता शर्मा ने सत्रों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील गर्ग ने नवंबर में होने वाले सम्मेलन के पोस्टर का विमोचन करवाया। प्रियम श्योराण एवं डॉ. कल्पना माहेश्वरी ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकादमिक जगत की हस्तियां मौजूद रहीं।

 

कार्यक्रम में वक्तव्य देते डॉ. राज नेहरू।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Rakulpreet की तस्वीरें वायरल, फोटोशूट में ढाया कहर Arbaz Khan की एक्स ने सोशल मीडिया पर मचाई तबाही, Viral तस्वीरों से मची सनसनी Haryanvi छोरी ने Instagram पर तस्वीरें post कर पूछा- कै ज्ञान, हो गई वायरल PM Modi in Srisailam: प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीशैलम के पवित्र श्री भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन स्वामी देवस्थानम में की पूजा-अर्चना, तस्वीरें Viral श्वेता तिवारी की लाडली ने सोशल मीडिया पर डाली ऐसी तस्वीरें, फैंस बोले wow