
India AI Impact Summit 2026: सांसद कार्तिकेय शर्मा ने भारत मंडपम में प्रस्तुत किया विश्व का सबसे बड़ा स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम
सत्र: Driving AI Impact Through Real World Action – The NaMo Shakti Rath Mission
स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भारत मंडपम से संबोधित करते हुए माननीय सांसद कार्तिकेय शर्मा ने नमो शक्ति रथ को विश्व का सबसे बड़ा स्तन कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम बताते हुए इसे एआई आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया।
वैश्विक नेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, ऑन्कोलॉजिस्ट, नीति-निर्माताओं और एआई समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि NXT का मूल सिद्धांत स्पष्ट है — नवाचार केवल तालियों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे संरचित प्रणाली में बदला जाए।
निजी अनुभव से राष्ट्रीय मिशन तक
अपने संबोधन की शुरुआत में सांसद शर्मा ने एक भावनात्मक प्रसंग साझा किया। उनकी बहन, जो स्वयं एक डॉक्टर हैं और जॉन्स हॉपकिन्स में अध्ययनरत थीं, स्तन कैंसर से पीड़ित पाई गईं। चिकित्सा ज्ञान होने के बावजूद प्रारंभिक चरण में पहचान नहीं हो सकी। आज वे पूर्णतः स्वस्थ हैं, परंतु इस अनुभव ने एक गहरा प्रश्न खड़ा किया।
यदि उन्नत चिकित्सा व्यवस्था में भी समय पर पहचान चुनौतीपूर्ण हो सकती है, तो ग्रामीण भारत में स्थिति क्या होगी?
इसी प्रश्न ने नमो शक्ति रथ की नींव रखी।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान उपचार की दिशा को निर्णायक रूप से बदल सकती है। एक व्यक्तिगत चिंता ने एक संगठित राष्ट्रीय हस्तक्षेप का रूप लिया।

NXT दृष्टिकोण: संवाद से क्रियान्वयन
सांसद शर्मा ने कहा कि NXT केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार मंच है जो विचारों को क्रियान्वयन तक ले जाता है।
1 मार्च 2025 को भारत मंडपम में एआई आधारित स्तन कैंसर पहचान तकनीक का प्रदर्शन किया गया। इस तकनीक को केवल प्रदर्शनी तक सीमित रखने के बजाय इसे जमीनी स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया गया।
परिणामस्वरूप नमो शक्ति रथ अस्तित्व में आया, जो आज विभिन्न राज्यों में संचालित हो रहा है और विश्व का सबसे बड़ा एआई-संचालित मोबाइल स्तन कैंसर स्क्रीनिंग अभियान बन चुका है।
विस्तार, संरचना और जवाबदेही
नमो शक्ति रथ को 17 सितंबर को हरियाणा में और 14 जनवरी को वाराणसी में प्रारंभ किया गया। वाराणसी में ही अब तक 30,000 से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं और प्रतिदिन अभियान जारी है।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ:
• एआई आधारित थर्मल इमेजिंग
• नॉन-इनवेसिव एवं रेडिएशन-फ्री जांच
• नो टच पद्धति
• सुरक्षित क्लाउड आधारित त्वरित डिजिटल रिपोर्ट
• यूनिक आईडी और जियो-टैग ट्रैकिंग
• रियल टाइम डिजिटल डैशबोर्ड
यह मॉडल पारदर्शिता, जवाबदेही और विस्तार क्षमता सुनिश्चित करता है। सांसद शर्मा ने कहा कि नवाचार केवल तकनीक में नहीं, बल्कि उसके वितरण तंत्र में भी है।
“अब स्वास्थ्य सेवाएँ भवनों में प्रतीक्षा नहीं करतीं, बल्कि स्वयं घर-घर पहुँचती हैं।”
विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
इस सत्र में स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
ऐश्वर्या शर्मा, चेयरपर्सन, iTV फाउंडेशन, ने जमीनी स्तर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई समुदायों में वरिष्ठ महिलाएँ पहले आईं और फिर अपने परिवार की अन्य महिलाओं को प्रेरित किया। यह अभियान सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
विकी नंदा, सीओओ, निरामई हेल्थ एनालिटिक्स, ने कहा कि स्तन कैंसर में देर से पहचान सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि Thermalytix तकनीक प्रारंभिक अवस्था में सूक्ष्म तापीय असामान्यताओं की पहचान करने के लिए विकसित की गई है, जब तक कि गांठ स्पष्ट रूप से महसूस न हो। इसकी नॉन-इनवेसिव और नो टच पद्धति इसे बड़े पैमाने पर जन-अभियानों के लिए उपयुक्त बनाती है, जिससे गरिमा, सहजता और व्यापक स्वीकार्यता सुनिश्चित होती है।
डॉ. मंदीप मल्होत्रा, वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट, सीके बिरला हॉस्पिटल, ने इसे भारतीय समस्या का भारतीय समाधान बताया और कहा कि एआई आधारित थर्मल इमेजिंग प्रारंभिक पहचान को सशक्त बनाती है।
रेणुका प्रसाद, सचिव, इंडियन कैंसर सोसाइटी, और स्वयं स्तन कैंसर सर्वाइवर, ने जागरूकता और समय पर जांच की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. संदीप दत्ता, सहायक सचिव, आईएमए, ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। आईएमए इस दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि नमो शक्ति रथ कैंसर जागरूकता को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ कर रहा है और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाएँ तकनीक-संचालित होंगी।
आयुष्मान भारत के साथ समन्वय
सांसद शर्मा ने आयुष्मान भारत के व्यापक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के साथ सार्वभौमिक प्रारंभिक पहचान भी अनिवार्य है।
स्तन कैंसर भारतीय महिलाओं में प्रमुख कैंसर प्रकारों में से एक है और देर से पहुंच एक बड़ी चुनौती है। नमो शक्ति रथ इसी अंतर को भरने का कार्य कर रहा है।
एआई की विरासत को नई परिभाषा
अपने समापन वक्तव्य में सांसद शर्मा ने कहा कि इस एआई युग का मूल्यांकन एल्गोरिद्म की जटिलता से नहीं, बल्कि मानव जीवन पर उसके प्रभाव से होगा।
एक विकसित राष्ट्र केवल आर्थिक सूचकों से नहीं, बल्कि इस बात से परिभाषित होता है कि रोके जा सकने वाले रोगों से मृत्यु दर घटती है या नहीं।
नमो शक्ति रथ केवल एक मोबाइल वैन नहीं है, बल्कि पहियों पर चलता हुआ एक संगठित, विस्तार योग्य सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र है।
भारत मंडपम में आयोजित यह सत्र भारत के एआई-संचालित स्वास्थ्य मॉडल को वैश्विक स्तर पर एक परिवर्तनकारी उदाहरण के रूप में स्थापित करता है।







