Haryana News: पुन्हाना अनाजमंडी में नियमों की उडाई जा रही धज्जियां, एमएसपी पर खेल यूपी राजस्थान से सस्ता गेहूं लाकर मंडी में दिखा रहे सरकारी खरीद
Haryana News: पुन्हाना अनाजमंडी में नियमों की उडाई जा रही धज्जियां, एमएसपी पर खेल यूपी राजस्थान से सस्ता गेहूं लाकर मंडी में दिखा रहे सरकारी खरीद

Haryana News: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, पुन्हाना। अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर गेहूं खरीदकर उसे स्थानीय मंडी में लाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद में दर्शाया जा रहा है। इस पूरे खेल में व्यापारियों के साथ-साथ मार्केट कमेटी के अधिकारियों व कर्मचारियों की कथित सांठगांठ भी सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार यूपी के सीमावर्ती क्षेत्रा से गेहूं 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा जा रहा है। इसके बाद इसी गेहूं को पुन्हाना अनाज मंडी में लाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी पर सरकारी खरीद में शामिल कराया जा रहा है। इस अंतर से कुछ ही दिनों में मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान मार्केट फीस की चोरी की जा रही है।पुनहाना अनाज मंडी में व्यापारी व मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की मिली भगत से बड़े-बड़े ट्रक ट्रैक्टर यूपी- राजस्थान कोसी, मथुरा,भारी गेहूं आ रहा है।जिससे प्राइवेट गेहूं मंगा कर सरकार को लगाया जा सकेपुनहाना अनाज मंडी में व्यापारी और कर्मचारियों की मिली भगत से फर्जी गेट पास काटे जा रहे हैं।क्योंकि मंडी व्यापारियों के पास फर्जी रजिस्ट्रेशन बहुत ज्यादा है।पुन्हाना अनाज मंडी में बाहरी राज्यों (यूपी-राजस्थान) से गेहूं लाने के पीछे मुख्य कारण स्थानीय खरीद में सरकारी नियमों में ढील और आढ़तियों-कर्मचारियों की मिलीभगत की शिकायतें हैं। स्थानीय किसानों के नाम पर बाहरी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने से अवैध मुनाफा कमाया जाता है, जिसमें कमीशन एजेंटों (आढ़तियों) और मार्केट कमेटी कर्मचारियों की सांठगांठ शामिल है।

स्थानीय किसान मुजीबुर्रहमान, इरशाद, नावेद, का कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं हर साल गेहूं और सरसों की खरीद के दौरान सामने आती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह खेल लगातार जारी है। किसानों का आरोप है कि बाहरी राज्यों से लाई गई फसल को स्थानीय किसानों के नाम पर दिखाकर सरकारी खरीद में शामिल किया जाता है, जिससे असली किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बाहर से लाई गई फसल के कारण स्थानीय किसानों की उपज की खरीद प्रभावित हो रही है। कई किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि कुछ को मजबूरी में कम दामों पर निजी व्यापारियों को फसल बेचनी पड़ती है।
फिलहाल, मंडी में चल रहे इस कथित खेल ने सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंच सके।
जिला उपायुक्त अखिल पिलानी के अवकाश पर जाने के बाद कार्यभार संभाल रहे गुरूग्राम के जिला उपायुक्त अजय कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
पुन्हाना अनाज मंडी जिले की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है। यहां न केवल स्थानीय किसान मंडी में अपनी फसल को लेकर आते है बल्कि किसान भी अपनी फसल को यहां बेचकर जाते है। अधिक मात्रा में फसल आवक के कारण मंडी व्यापारी मार्केट फीस की चोरी करने के साथ–साथ जीएसटी की चोरी करने से नहीं चूकते। पुन्हाना में कई जगह व्यापारियों ने अपने गोदामों में सरसों भरी हुई है, जिसके बारे में मार्केट कमेटी के अधिकारियों को पूरी जानकारी है। यही नहीं खुफिया विभाग भी व्यापारियों के गोदामों को लेकर अनजान बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि किसानों के खेतों से सीधी फसल खरीद कर मंडी के व्यापारी मार्केट कमेटी फीस व टैक्स चोरी कर बिना किसी भय के सरसों की कालाबाजारी करने व सीधी तेल मिलों में बेचकर मोटी कमाई कर रहे है। तेल मील मालिक भी फसल को सीधा खरीद कर टैक्स चोरी करने में लगे हुए है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अनाज मंडी के व्यापारियों द्वारा पहले से गोदामों में भरी हुई सरसों की पुरानी फसल को सरकार को बेचा गया है। जबकि किसानों की नई सरसों की फसल को अपने गोदामों में स्टॉक किया गया है। अगर समय रहते ऐसे गोदामों की जांच हो जाए तो पूरा घोटाला सामने आ सकता है। वर्ष 2022–23 और 2024 में भी ऐसे घोटाले के मामले सामने आ चुके है। जिसमें मार्केट बोर्ड के अधिकारियों द्वारा तेल मीलों और व्यापारियों पर न केवल भारी भरकम जुर्माना लगाया गया था,बल्कि सचिव को भी निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल व्यापारियों ने जामालगढ़ रोड़, पुन्हाना होडल रोड़, बास दल्ला रोड, अनाज मंडी सहित कई गोदामों में सरसों का स्टॉक किया हुआ है।
2023 में आठ व्यापारियों पर रिकॉर्ड से अधिक माल मिलने पर लगाया था जुर्माना
वर्ष 2023 में तत्कालीन मार्केटिंग बोर्ड की जोनल प्रशासन गुरुग्राम द्वारा पुन्हाना अनाज मंडी में छापेमारी की। छापेमारी में मंडी में करीब आठ व्यापारियों के गोदामों की जांच की गई। जांच के समय व्यापारियों से उनका स्टॉक सहित अन्य रिकॉर्ड भी ले लिया गया। मंडी के बाद टीम पुन्हाना होडल-नगीना रोड पर मंगला ईंट भट्ठा पर बने गोदाम पर पहुंची थी। जहां पर बड़ी मात्रा में व्यापारियों का गेहूं और सरसों का माल लगा हुआ पाया गया था। रिकॉर्ड से अधिक माल पाने और फीस चोरी पाए जाने पर करीब डेढ़ लाख रुपये की जुर्माना राशि लगाई गई थी।
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