
Haryana News: हरियाणा की 2 अप्रैल 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए फटाफट
चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने वीरवार को यमुनानगर में सरस्वती नगर अनाज मंडी पहुंचकर गेहूं की आवक व उठान कार्य के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को मंडी में खरीदे गए गेहूं के शीघ्र उठान के निर्देश दिए।
को आश्वासन देते हुए श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा और किसान को फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार गेहूं खरीद को लेकर बहुत गंभीर है और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रदेश के मंत्री व विधायक लगातार मंडियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि किसान को अपनी फसल बेचने में पोर्टल संबंधी या अन्य कोई समस्या न आए।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी फसल को सुखाकर लाए ताकि फसल को बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। किसानों व आढ़तियों से यह भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ आपसी सहयोग व तालमेल से फसल के उठान की समस्या को दूर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित किए गए मानकों के अनुसार किसानों की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इस बात पर फोकस रखना चाहिए कि मंडियों में किसानों और व्यापारियों को पीने के पानी, शौचालय, सफाई व्यवस्था, बिजली सहित अन्य सुविधाएं मिले। उन्होंने सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मण्डियों से खरीदे गए गेहूं को जल्द उठाने की व्यवस्था करें ताकि किसान सुविधापूर्ण तरीके से अपनी फसल बेच सके।
किसानों व आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : राज्यमंत्री राजेश नागर
मंडियों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें अधिकारी, किसानों को न हो कोई परेशानी- राज्य मंत्री
अधिकारियों के साथ किया झज्जर व आसौदा मंडियों का किया निरीक्षण
चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने गुरुवार को जिला की झज्जर व आसौदा अनाज मंडी एवं खरीद केंद्र का दौरा कर रबी फसलों की खरीद व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस बीच राज्य मंत्री श्री नागर ने मंडियों में किसानों व आढतियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचते समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना समय पर और उचित मूल्य पर खरीदा जाए तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों में लगातार मौजूद रहकर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
– एमएसपी पर फसल खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि इस बार सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो और पूरी पारदर्शिता के साथ राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाए
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, शैड,पेयजल, शौचालय, सीसीटीवी,मापतोल व्यवस्था,बायोमैट्रिक इलैक्ट्रोनिक डिवार्ईंस,गेट पास,बारदाना उपलब्धता और फसल उठान जैसी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर स्तर पर उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल ने राज्य मंत्री को बताया कि रबी फसलों की खरीद की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम जिले की सभी मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखेगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार
कांग्रेस पार्टी नहीं, बल्कि अलग-अलग गुटों का समूह : रणबीर गंगवा
चंडीगढ़, 2 अप्रैल– हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि करनाल में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में 14 में से 8 शिकायतों का मौके पर निपटारा किया और शेष 6 पर अगली बैठक तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा वीरवार को पंचायत भवन के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत निंदनीय घटना है। पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच कर रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस की आंतरिक कलह पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि उनके वोट कभी एकजुट नहीं होते। हरियाणा में कांग्रेस कोई एक पार्टी नहीं, बल्कि अलग-अलग गुटों का समूह है जिनके विचारों में कोई समानता नहीं है। हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस के 37 विधायकों में से 9 विधायकों के वोट उनके अपने उम्मीदवार को नहीं मिले, कांग्रेस को आत्मचिंतन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज दूसरी पार्टियों के नेता भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली की सराहना कर रहे हैं।
युवाओं के अवैध तरीके से विदेश जाने के मुद्दे पर मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपील की कि युवा गलत रास्तों या एजेंटों के झांसे में आकर अपनी जान और पैसा जोखिम में न डालें। हरियाणा सरकार युवाओं को कानूनी तरीके से विदेश भेजने और वहां रोजगार दिलाने में पूरी मदद कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों का पालन करें और आधिकारिक माध्यमों का ही चुनाव करें।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने किया 10 करोड़ के कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास
घरौंडा विधानसभा के गांव चोरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों को होगा लाभ
चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने वीरवार को करनाल के घरौंडा के गांव चोरा में लगभग सवा 10 करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने चोरा व आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि चोरा आसपास के कई गांवों का मुख्य केंद्र है। यहां होने वाले विकास कार्यों से आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने ने 6 करोड़ 27 लाख की लागत से चोरा से मुंडीगढ़ी वाया सदरपुर सडक़ यमुना क्रीक पर एक समानांतर पुल के निर्माण का उद्घाटन, 31 लाख की लागत से बनने वाले राजकीय पशु औषधालय, 20 लाख तीन हजार की लागत से पीएचसी से लेकर पुल तक नाला निर्माण, तीन करोड़ 31 लाख की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनने वाले आधुनिक सुविधाओं से लैस तीन मंजिला भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस भवन में 18 कमरे, तीन शौचालय व रैम्प की सुविधा रहेगी। यह निर्माण कार्य लगभग दो साल में पूरा हो जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष श्री कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की मजबूती के लिए लगातार काम कर रहे हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान और सबका विश्वास के मूल मंत्र पर प्रगति की ओर अग्रसर करने के लिए कार्य कर रहे हैं। उनका सपना है कि सन 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बने, इस दिशा में प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सुंदर समाज के नवनिर्माण में संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकासशील घरौंडा विकसित घरौंडा की राह पर अग्रसर हो, इसके लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। हमें केवल वर्तमान की चिंता नहीं है, अपने इलाके को खुशहाल बनाने की सोच को लेकर हमें हर दिन हर पल कार्य करना है।
श्री कल्याण ने कहा कि रैपिड मेट्रो का कार्य शुरू हो चुका है, इससे इलाके व आसपास के क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगीं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की भी हमें चिंता करनी है, यह हम सबकी साझी जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करना और उनकी देखभाल करना बहुत आवश्यक है। इस अवसर पर घरौंडा एसडीएम श्री राजेश कुमार सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रोहताश वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती वीना देवी, श्री पुरुषोत्तम सेठी, श्री सुमेश वर्मा, प्रिंसिपल श्रीमती रेखा सीकरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा
एक घंटे तक चली बैठक में डीसी, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी रहे मौजूद
जीटी रोड, मेरठ रोड, करनाल रिंग रोड व घरौंडा शहर से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधानों पर हुई चर्चा
चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने वीरवार को करनाल के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में करनाल की राष्ट्रीय राजमार्ग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। एक घंटे तक चली बैठक में करनाल के डीसी श्री उत्तम सिंह, एनएचएआई के पीडी व अन्य अधिकारियों के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इस बैठक में करनाल से गुजरने वाले विभिन्न राजमार्गों, जीटी रोड, मेरठ रोड, करनाल रिंग रोड व जी टी रोड से जुड़ीं घरौंडा शहर से संबंधित समस्याओं के समाधानों पर अधिकारियों से विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की जायज़ मांगों व सुविधा के अनुसार कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने मेरठ रोड पर शुगर मिल के पास सर्विस रोड बनाने तथा सेक्टर 6 व नगला चौक पर फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की। स्पीकर कल्याण ने घरौंडा शहर में जी टी रोड की सर्विस लेन पर होने वाले जाम तथा अन्य समस्याओं की ओर साथ-साथ वहां के लिए बाईपास की संभावना पर भी चर्चा की।
विस स्पीकर ने समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन करनाल रिंग रोड की प्रगति तथा सर्विस रोड के निर्माण तथा स्थानीय लोगों द्वारा मिले कुछ अन्य प्रस्तावों को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों से बारीक जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि रिंग रोड का कार्य तेज गति से जारी है परन्तु कुछ कार्यों के लिए प्रशासन के सहयोग की जरूरत है जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रशासन व सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिलवाने का भरोसा दिलाया।
विस अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि सेक्टर 14 से नमस्ते चौक की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एंट्री पॉइंट बनाया जाएं ताकि डीसी आफ़िस की ओर से आने वाले ट्रैफिक के कारण सेक्टर चौदह के चौक पर जाम की स्थिति से राहत मिल सके। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मेरठ रोड पर जिन रास्तों पर यातायात की अधिकता के कारण दुर्घटनाओं की अधिक संभावना रहती है, वहां रिम्बल स्ट्रिप्स व लाइटें लगाने बारे निर्देश दिए। इसके बाद विस अध्यक्ष ने फुट ओवरब्रिजों की भी समीक्षा की तथा मधुबन में डीएवी स्कूल के समीप पुलिस अकादमी की स्लिप रोड को चोड़ा करने की फिजिबिलिटी चेक करने के निर्देश दिए जिसके लिए बिजली विभाग की लाइनों को शिफ़्ट करने की ज़रूरत का विषय आया। विस अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने उपायुक्त उत्तम सिंह को बिजली विभाग, नगर निगम व अन्य संबंधित विभागों से भी तालमेल कर विभिन्न कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के निर्देश भी दिए ताकि प्रस्तावित व चल रहे कार्यों में तेजी लाई जा सके।
चंडीगढ़, 2 अप्रैल – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता गीतू राम, ओ पी सर्कल, यू.एच.बी.वी.एन, सोनीपत को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
यू.एच.बी.वी.एन के प्रबंध निदेशक द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
सस्पेंशन के दौरान गीतू राम का हेड क्वार्टर चीफ इंजीनियर/एडमिन, यू.एच.बी.वी.एन, एल., पंचकूला कार्यालय रहेगा।
लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम
उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति गठित, प्रक्रियाएं होंगी और सरल
चंडीगढ़, 2 अप्रैल —लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम-16 के नियम-7 के उपनियम (1) में संशोधन करते हुए प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति के गठन का निर्णय लिया है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित नियम अब हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाने जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
गठित समिति में संबंधित जिले का उपायुक्त अध्यक्ष होगा, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। इनमें बिजली निगमों के अधीक्षक अभियंता, उप आबकारी आयुक्त, जिला नगर योजनाकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, उप-सहायक श्रमायुक्त, जिला श्रम आयुक्त, औद्योगिक सुरक्षा कार्यालय के सहायक निदेशक, मुख्य कारखाना निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, एचएसआईआईडीसी एवं एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी या नगर निगम के संयुक्त आयुक्त, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, आयुष विभाग एवं अक्षय ऊर्जा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, मंडलीय वन अधिकारी, जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक तथा जिला एमएसएमई संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त, जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
यह समिति उद्योगों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों को ‘Ease of Doing Business’ के तहत बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी राज्यों में सर्वाधिक सकल एसजीएसटी वृद्धि दर दर्ज की
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12% की हुई वृद्धि
चंडीगढ़, 2 अप्रैल, – हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सकल राज्य जीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) राजस्व की वृद्धि दर के आधार पर देश के सभी राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है । पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एसजीएसटी राजस्व में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 6 प्रतिशत ही है।
इस उल्लेखनीय प्रदर्शन ने हरियाणा को भारत के सभी राज्यों में एसजीएसटी राजस्व वृद्धि में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह (पोस्ट-सेटलमेंट) वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 48,289 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के संग्रह से 8,546 करोड़ रुपये अधिक है।तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए, सकल एसजीएसटी (पोस्ट-सेटलमेंट) संग्रह के मामले में, हरियाणा वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश में 6वें स्थान पर पहुंच गया है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 9वें स्थान पर था।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को हरियाणा में 6,30,818 पंजीकृत करदाता हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करदाता आधार में 12% की वृद्धि हुई है। जीएसटी के लागू होने के बाद के वर्षों में करदाताओं की संख्या में स्थिर वृद्धि दिखाई दी है।
सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद द्वारा जीएसटी दरों में सुधारों के बाद, हरियाणा राज्य एसजीएसटी संग्रह में प्रशंसनीय वृद्धि दिखा रहा है, जो राज्य की उभरती अर्थव्यवस्था और डेटा विश्लेषण संचालित कर प्रशासन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री हरियाणा श्री नायब सिंह ने पुनः जीएसटी दर सुधारों का स्वागत किया और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को इन प्रतीक्षित सुधारों के लिए धन्यवाद दिया। इन प्रमुख जीएसटी सुधारों को राज्य के सभी जिलों में जीएसटी बचत उत्सव के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री ने कर भुगतान करके राज्य के विकास में योगदान देने वाले करदाताओं का आभार व्यक्त किया।
प्रदेश सरकार ने राज्य में कर प्रशासन को मजबूत करने पर जोर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने औद्योगिक संघों और कर प्रैक्टिशनरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कर प्रशासन में कई सुधारों की घोषणा की। इन सुधारों का उद्देश्य आबकारी और कराधान विभाग और करदाताओं के बीच इंटरफेस में केवल सुधार करना नहीं है, बल्कि कर चोरी के खिलाफ प्रवर्तन को मजबूत करना भी है।
हरियाणा में स्वास्थ्य संस्थानों में पानी के टैंकों की तत्काल सफाई के दिए आदेश – डॉ. सुमिता मिश्रा
सख्ती से पालन कर निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार टैंकों को कीटाणु-मुक्त करना अनिवार्य
चंडीगढ़, 2 अप्रैल – स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य भर के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तत्काल जाँच और सफ़ाई के लिए सख़्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सुरक्षित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की लापरवाही के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने) की नीति पर बल दिया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर संज्ञान में आया है कि कई संस्थानों में पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफ़ाई नहीं की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य का गंभीर ख़तरा पैदा हो रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मरीज़ों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना बेहद ज़रूरी है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिए गये है कि वे ज़मीन के ऊपर और ज़मीन के नीचे बने, दोनों तरह के पानी के टैंकों की तत्काल और पूरी तरह से जाँच करें। इस जाँच में टैंकों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए, जिसमें किसी भी तरह के प्रदूषण, रिसाव या ढाँचे को हुए नुक़सान के संकेतो की पहचान करना भी शामिल है, ताकि संभावित ख़तरों को रोका जा सके।
जारी निर्देशों के तहत सभी टैंकों की पूरी तरह से सफ़ाई करना अनिवार्य है। इसमें टैंकों में जमा गाद को हटाना, अंदर की सतहों को ठीक से धोना और निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार कीटाणु-मुक्त करना शामिल है। संस्थानों को निर्देश दिये गये है कि वे यह सुनिश्चित करें कि यह पूरी प्रक्रिया केवल अनुमोदित (मंज़ूर) तरीकों का उपयोग करके ही की जाए।
डॉ. मिश्रा ने संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे पानी के टैंकों की समय-समय पर जाँच और सफ़ाई के लिए एक व्यवस्थित कार्यक्रम तय करें, जिसे प्राथमिकता के आधार पर हर तीन महीने (त्रैमासिक) में लागू किया जाए और किसी प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति को रोका जाए। इसका उद्देश्य पानी की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों को लगातार बनाए रखना है।
सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और 5 अप्रैल, 2026 तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट (पालन की रिपोर्ट) जमा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उपायुक्तों को निर्देश दिये गये है कि वे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करें और सात दिनों के भीतर अपनी निगरानी रिपोर्ट जमा करें।
डॉ. मिश्रा ने पुनः दोहराया कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी पहुँचाना स्वास्थ्य सेवा वितरण का एक बुनियादी और अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा भर के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता मानकों को बनाए रखने में किसी भी तरह की कोई चूक न हो।
फरीदाबाद के मंडलायुक्त को एमवीए के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार
चंडीगढ़, 02 अप्रैल-हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद मंडल के आयुक्त को मेवात विकास एजेंसी के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
हरियाणा में ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि सर्वे
मुख्य सचिव ने दिया समयबद्ध सर्वेक्षण पर जोर
चंडीगढ़, 02 अप्रैल-हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आज यहां उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘ज्ञान भारतम’ पहल के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की समीक्षा कर रहे थे।
श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें भारत की ज्ञान परंपरा के संरक्षण, नवाचार और अनुकूलन को प्रमुख स्तंभ माना गया है। सितंबर 2025 में शुरू किया गया ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल आधुनिक तकनीक की मदद से सदियों पुरानी पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
श्री रस्तोगी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि हर जिले में व्यवस्थित और समयबद्ध सर्वे सुनिश्चित किया जाए। इस सर्वे में संस्थानों के साथ-साथ मंदिरों, विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यापक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करने के लिए उचित दस्तावेजीकरण, सूचीकरण और मानकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना आवश्यक है।
कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि सर्वेक्षण एक संरचित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। इसमें पांडुलिपियों और संरक्षकों की पहचान, भौतिक सत्यापन एवं स्थिति का आकलन, विस्तृत सूचीकरण और मेटाडाटा तैयार करना, संरक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटाइजेशन तथा अंत में प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए रिपॉजिटरी स्तर पर सत्यापन शामिल होगा।
तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि उच्च स्तरीय स्कैनर, मेटाडाटा निर्माण और क्लाउड स्टोरेज के साथ सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में डिजिटाइज्ड पांडुलिपियों को अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही प्राचीन ग्रंथों को अधिक सुलभ बनाने के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन और हैंडरिटन टेक्स्ट रिकग्निशन जैसी उन्नत तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।
क्षमता निर्माण के महत्व पर बल देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि संरक्षण कार्य के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही प्राचीन लिपियों में विशेष प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की निगरानी में तथा जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने प्रगति की निगरानी और समस्याओं के समाधान के लिए नियमित और पखवाड़ा समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून माह तक फील्ड सर्वे पूरा किया जाए। इसके लिए पूर्व-सर्वे समन्वय और निरंतर निगरानी की व्यवस्था की जाए
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों, सांस्कृतिक और धार्मिक संस्थानों, मीडिया विज्ञापनों तथा विशेषज्ञ नेटवर्क के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेख दान अभियान और धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप कार्यक्रम जैसी पहलों की भी समीक्षा की। इन पहलों का उद्देश्य स्वैच्छिक अभिलेख दान को प्रोत्साहित करना और छात्रों को अभिलेखीय कार्यों से जोड़ना है।
श्री रस्तोगी ने कहा कि इस पहल से व्यापक पांडुलिपि डेटाबेस तैयार होगा, दुर्लभ और लुप्तप्राय पांडुलिपियों की पहचान होगी, जीआईएस आधारित राष्ट्रीय रिपॉजिटरी विकसित होगी और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण में सस्थागत और सामुदायिक भागीदारी मजबूत होगी।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए, जबकि अभिलेखागार विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. बलप्रीत सिंह, उपनिदेशक अभिलेखागार मंजू यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।
सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड रखेंगे सभी जिला नागरिक अस्पताल
मरीज की मेडिकल हिस्ट्री होगी फाइल में दर्ज
निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा
चंडीगढ़, 2 अप्रैल: हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक द्वारा राज्य के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने इस बारे में निर्देश जारी करते हुए जिला नागरिक अस्पतालों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के सुचारू संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। महानिदेशक के अनुसार, राज्य के जिला नागरिक अस्पतालों में वर्ष 2016 से सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं पीपीपी मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं। इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज प्रतिदिन उठा रहे हैं। वर्तमान में ये सुविधाएं बीपीएल कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), लावारिस सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा है कि इन सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने और उचित रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित श्रेणी के किसी भी मरीज को जांच की सलाह दिए जाने पर उसका इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल अवश्य बनाई जाए। साथ ही, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, लैब जांच, जांच की आवश्यकता, तथा मरीज की सहमति जैसी सभी जानकारी को उपचार कर रहे डॉक्टर द्वारा फाइल में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन इन जांचों से संबंधित आदेशों की जांच करें और संबंधित मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) या प्रधान चिकित्सा अधिकारी (PMO) द्वारा इनकी पुष्टि (काउंटरसाइन) सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए इसे अत्यंत आवश्यक एवं तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।
किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : कृषि मंत्री
विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित
चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आज विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में हरियाणा बीज विकास निगम के वार्षिक लेबर टेंडर से संबंधित एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य बीज संसाधन, पैकिंग और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है, ताकि किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा सकें।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस टेंडर की मंजूरी से बीज निगम की विभिन्न इकाइयों—हिसार, सिरसा, टोहाना, यमुनानगर, पटौदी और उमरी—में बीज उत्पादकों से रॉ बीज की समय पर खरीद सुनिश्चित होगी। इसके बाद बीजों का संसाधन, पैकेजिंग और प्रमाणीकरण भी तय समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा।
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और किसानों की आय में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस टेंडर को मंजूरी देने से बीज निगम को लगभग 15 लाख रुपये की बचत होगी। यह निर्णय सरकार की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को भी दर्शाता है।बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा बीज विकास निगम के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
8 नई पीएचसी के लिए ₹37.60 करोड़ मंजूर – आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 2 अप्रैल – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के निर्माण के लिए ₹37.60 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन नए पीएचसी के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पीएचसी फतेहाबाद जिले के बनगांव और समैण, हिसार जिले के लाडवा, रोहतक जिले के गिरावड़ और समर गोपालपुर, सोनीपत जिले के फरमाणा और सरगथल तथा सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में मौजूदा पीएचसी भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके स्थान पर अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाएगा। वहीं अन्य गांवों में पहली बार पीएचसी भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकेंगी।
वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए ₹1144 लाख की राशि 15वें वित्त आयोग (FC-XV) के तहत और ₹2616.72 लाख राज्य बजट हेड 4210 से खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत ₹37.60 करोड़ आंकी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पीएचसी के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 18 से 24 महीने का समय लगेगा। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन पीएचसी के शुरू होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से की मुलाकात, पंजाब सरकार की नीतियों पर जताई चिंता
भाजपा ही ऐसी सरकार दे सकती है जो किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों का भला कर सके: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर आवास पर बुधवार देर शाम मुलाकात की है। इस दौरान पंजाब के आढ़तियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पंजाब में लगभग 40 हजार आढ़ती, करीब सवा लाख मुनीम तथा 6-7 लाख श्रमिक इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में आढ़तियों के समक्ष आ रही दिक्कतों के चलते पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल चल रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। सरकार से वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं हुआ। फसल खरीद के इस सीजन में आढ़ती वर्ग के साथ-साथ लेबर तबका और किसान भी परेशान हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं और वहां हर वर्ग चाहे किसान हो, व्यापारी हो या श्रमिक परेशान नजर आता है। समस्याओं के हल की तरफ वहां की आप पार्टी की सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है और प्रदेश को “कंगाल” बनाने का काम किया है।
उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी भी समय है, पंजाब को वहां की जनता संभाल लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ही वहां ऐसी सरकार दे सकती है जो किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों का भला कर सके।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में किसानों की सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही आढ़तियों के कमीशन को भी समय-समय पर बढ़ाया गया है, ताकि उनकी आय और सम्मान दोनों सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में गेहूं पर आढ़तियों को 55 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन दिया है जो कि पंजाब से 9 रुपए अधिक है ।
आढ़ती एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि वे लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं और उन्हें एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो उनकी बात सुने और ठोस समाधान दे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वालों में आढ़ती पंजाब फेडरेशन के अध्यक्ष विजय कालरा, पंजाब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह बराड़, पंजाब के उपाध्यक्ष देवी दयाल, आढ़ती एसोसिएशन पटियाला के अध्यक्ष मुल्ख राज गुप्ता, मोगा के अध्यक्ष समीर जैन शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री की आत्मीय मेहमाननवाजी और दिए गए ठोस आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया।
बैठक में पंजाब भाजपा संगठन मंत्री श्री निवासुलु मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन तथा श्री बी.बी भारती भी उपस्थित रहे।
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