
Haryana News: रणदीप सिंह सुरजेवाला का बयान, उधार की सरकार – कर्जे की बेतहाशा मार !
बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन पर पड़ती मार – निर्दयी है भाजपा सरकार!
लाडो – लक्ष्मी को झाँसों की भरमार – बहन-बेटियों की सुरक्षा की नहीं दरकार !
गरीबों के राशन पर कैंची चलती बार-बार – ऐसी है नायब सैनी सरकार !
युवाओं को बेरोजगारी के कुएं में धकेले हर बार – 11 साल की BJP सरकार !
शिक्षा का किया बंटाधार – अनपढ़ता बढ़ाए यह सरकार !
कपास किसानों से धोखा बार-बार – षडयंत्रकारी यह सरकार !
झूठ की रेल और जुमलों का घालमेल – झाँसे पर झाँसे देती हरियाणवियों को छलने वाली भाजपा सरकार है असल में फेल – यही भाजपा सरकार के बजट 2027-28 का है खेल।
आईये नायब सैनी सरकार के ‘‘झाँसा बजट’’ की असलियत देखेंः-
1. उधार की सरकार – कर्जे की बेतहाशा मार !
o 12 साल में भाजपा सरकार ने हरियाणा का कर्ज 456% बढ़ा दिया। साल 2014-15 में जब कांग्रेस सरकार गई और भाजपा आई, तो प्रदेश पर कुल कर्ज था ₹70,925 करोड़। साल 2026-27 में प्रदेश पर कुल कर्ज बढ़कर हो जाएगा, ₹3,94,551 करोड़, यानी 12साल में ₹3,23,626 करोड़ की बढ़ोत्तरी (Source CAG Report व Budget Paper)। भाजपा सरकार पिछले 12 साल से हर दिन ₹74 करोड़ कर्ज लेती है, यानी हर घंटे ₹3.08 करोड़ कर्ज और हर मिनट ₹5,14,000 कर्ज। प्रदेश के 2.80 करोड़ नागरिकों में से हर नागरिक पर ₹1,40,911 का कर्ज है।
o हर साल नया कर्जा उठाओ और कुछ हिस्सा पिछला कर्जा चुकाओ। साल 2025-26 में BJP सरकार ने लगभग ₹98,000 करोड़ नया कर्ज लिया और उसमें से ₹64,042 करोड़ पुराना कर्ज चुकाने में लगा दिया। पर चालाकी से बजट में कहा कि ‘शुद्ध कर्ज’ सिर्फ ₹36,376 करोड़ लिया। शुद्ध और मिलावटी कर्ज क्या है?
o सीएम रोज ढिंढोरा पीटते हैं कि सरकार 100% बजट खर्च करती है, पर यह बताना भूल जाते हैं कि ओरिज़नल बजट के बाद रिवाईज़ कर बजट ही कम कर देते हैं।

Year
Budget Estimate (In ₹ Cr.)
1st(In ₹ Cr.)
2nd(In ₹ Cr.)
3rd(In ₹ Cr.)
Total (In ₹ Cr.)
Revised Estimate (In ₹ Cr.)
Actual Expenditure (In ₹ Cr.)
2024-25
1,89,877
8,591.39
127.11
–
1,98,595
1,80,314
1,75,801
2025-26
2,05,017
4,251.05
5,635.38
35.02
2,14,939
2,02,817
2,02,817
o खुद मोदी सरकार के नीति आयोग ने ‘fiscal health index’ में 18 प्रांतों के आकलन में हरियाणा सरकार को फिसड्डी मान बिहार से भी नीचे 14 नंबर पर रखा है।
2. बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन पर पड़ती मार – निर्दयी है भाजपा सरकार!
o बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने को लेकर BJP सरकार ने खूब शेखी बघारी, पर बजट 2026-27 में ‘बुजुर्ग सम्मान पेंशन’ का 40.74%बजट ही काट दिया, यानी ₹2,730 करोड़ की कटौती। साल 2025-26 (revised) में बुजुर्गों की पेंशन का बजट था, ₹6,700करोड़। साल 2026-27 के बजट में यह घटकर ₹3,970 करोड़ रह गया है। यानी BJP सरकार लाखों बुजुर्गों की पेंशन पर कैंची चलाने की तैयारी कर रही है (Source – Page 787, Expenditure Budget 2026-27)A।
o विधवा व बेसहारा महिलाओं को मिलने वाली राशि में ₹685 करोड़ की कटौती की गई है। साल 2025-26 (revised) में बजट था ₹2,960 करोड़। साल 2026-27 में बजट काटकर कर दिया गया है ₹2,275 करोड़। (Source – Page 787, Expenditure Budget 2026-27)A।
o दिव्यांगजनों की पेंशन में भी ₹136 करोड़ की कटौती की गई है। साल 2025-26 (revised) में ₹651 करोड़ तथा साल 2026-27के बजट में ₹515 करोड़। (Source – Page 787, Expenditure Budget 2026-27)A।
o डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना का बजट 86% काट दिया। साल 2025-26 में ₹1.50 करोड़ से घटाकर साल 2026-27 में सिर्फ ₹20 लाख। (Source – Page 803, Expenditure Budget 2026-27)।
o मुख्यमंत्री मातृत्व योजना का बजट भी 33% काट दिया। साल 2025-26 में 30 करोड़ से घटाकर साल 2026-27 में 20 करोड़ कर दिया। (Source – Page 813, Expenditure Budget 2026-27)।
o समाज कल्याण की अनेकों स्कीमों में इसी प्रकार कैंची चलाई गई है।
3. लाडो – लक्ष्मी को झाँसों की भरमार – बहन-बेटियों की सुरक्षा की नहीं दरकार !
o विधानसभा चुनाव 2024 के BJP के संकल्प पत्र में सबसे पहला संकल्प था कि हरियाणा की सभी महिलाओं को लाडो – लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने ₹2100 देंगे। हरियाणा में 18 से 100 साल की आयु में लगभग 95 लाख महिलाएं हैं, तो यह राशि ₹23,000 करोड़ सालाना बनती है। BJP के संकल्प पत्र के पेज 11 की कॉपी संलग्न A1 है।
o साल 2025-26 के बजट में श्रीमान नायब सैनी ने लाडो – लक्ष्मी योजना के तहत ₹5,000 करोड़ की बड़ी घोषणा कर डाली और अखबारों व टीवी में खूब वाहवाही लूटी। अब पता चला कि ₹5,000 करोड़ में से 86% पैसा दिया ही नहीं। केवल 14% पैसा, यानी ₹728 करोड़ ही इस योजना में असल में दिया। इस बार (2026-27 बजट) में फिर डींगें मार ₹6,500 करोड़ की घोषणा कर डाली, पर रहेंगे वही ढाक के तीन पात। (Source – Page 791, Expenditure Budget 2026-27)A ।
o हरियाणा की 95 लाख महिलाओं में से लाडो – लक्ष्मी योजना का लाभ केवल 9% महिलाओं को ही मिला। कारण – भाजपा सरकार ने 15 सितंबर, 2025 को नोटिफिकेशन जारी कर यह शर्त लगा दी कि महिलाओं को हर महीने जीवित होने का प्रमाण देना पड़ेगा व महिला किसी और प्रकार की सरकारी वित्तीय सहायता नहीं ले सकती। नोटिफिकेशन की ब्संनेम 7P व 7Q, जिसकी कॉपी संलग्नक A2 है। षडयंत्र साफ है – न वो हर महीने जीवित रहने का सबूत दे पाएंगी और योजना से बाहर।
4. गरीबों के राशन पर कैंची चलती बार-बार – ऐसी है नायब सैनी सरकार !
o 2024 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए BJP सरकार ने खूब BPL कार्ड बाँटे और कुल BPLकार्डधारकों की संख्या 51.72 लाख पहुँचा दी।
o वोट बटोरते ही गरीबों के अधिकारों पर कैंची चला दी तथा अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12,01,769 BPL कार्ड काट डाले। बजट 2026-26 में भी इन काटे गए BPL कार्ड परिवारों को पुनः जोड़ने का न वादा है और न बजट का आवंटन। (Source – Unstarred Question No. 11, हरियाणा विधानसभा का मौजूदा सत्र)।
5. युवाओं को बेरोजगारी के कुएं में धकेले हर बार – 11 साल की BJP सरकार !
o CMIE की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में बेरोजगारी की दर 37% है। मोदी सरकार के ‘Periodic Labor Force Survey’ (PLFS) के मुताबिक भी सितंबर 2025 तक हरियाणा में बेरोजगारी की दर 15.4% है। हरियाणा में 2,00,000 सरकारी नौकरियाँ खाली पड़ी हैं। पर बजट 2026-27 में ‘नौकरी’ नाम का शब्द ही नहीं।
o युवाओं को HKRN यानी कौशल निगम के अंधे कुएं में धकेल रखा है। साल 2022 से फरवरी 2026 के बीच HKRN पोर्टल पर रजिस्टर हुए 14,63,428 युवाओं में से 92% को कच्ची नौकरी भी नहीं मिली। 4 साल से अधिक में केवल 16,863 युवा ही कच्ची नौकरी पा पाए। यही नहीं, नौकरियों की संख्या अधिक दिखाने का फर्जीवाड़ा करते हुए BJP सरकार ने सालों से temporary नौकरी पर काम कर रहे 97,051 युवाओं को नई नौकरी दी हुई दिखा दिया। (Source – Unstarred Question No. 91, Date 22.02.2026, Haryana Vidhan Sabha)।
o जब नौकरी मिलती भी है, तो BJP को गैर हरियाणवी युवा ही योग्य लगते हैं और हरियाणा के बेटे बेटियाँ अयोग्य पाए जाते हैं। अनेकों उदाहरण हैं – AE/SDO, Power Utilities, SDO (Electrical), Lecturer Technical Education, Civil Judges, Assistant Engineers इत्यादि।
6. शिक्षा का किया बंटाधार – अनपढ़ता बढ़ाए यह सरकार !
o साल 2013-14 में कांग्रेस शासन में कुल बजट के खर्च में शिक्षा पर होने वाले खर्च का हिस्सा था, 21.77%। बजट 2026-27में यह घटकर रह गया है 10.80%।
o हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 90% प्रिंसिपल/हेडमास्टर के पद खाली पड़े हैं – 916 sanctioned पदों में 823 खाली व केवल 93 भरे। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 30,000 अध्यापकों के पद खाली हैं।
o उच्च शिक्षा का हाल भी बेहाल है। हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में भी प्रिंसिपल के पद खाली पड़े हैं। 185 sanctioned पदों में से 69 खाली हैं, यानी 38%। कॉलेज में पढ़ाने वाले Assistant Professor के 60% पद खाली हैं – 8,137 sanctionedपोस्ट में से 4,902 पद खाली।
o हरियाणा की यूनिवर्सिटियों की हालत तो और बदतर है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 50% टीचिंग पोस्ट खाली। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी में 69% टीचिंग पोस्ट खाली। CDLU सिरसा यूनिवर्सिटी में 60% टीचिंग पोस्ट खाली। CRSU जींद यूनिवर्सिटी में 60% पोस्ट खाली।
7. कपास किसानों से धोखा बार-बार – षडयंत्रकारी यह सरकार !
o बजट 2026-27 में फिर देसी कपास लगाने वाले किसानों को ‘झूठ का लॉलीपॉप’ पकड़ा दिया और कहा कि देसी कपास पर प्रति एकड़ ₹3,000 की बजाय ₹4,000 मिलेंगे। पर यह नहीं बताया कि साल 2025-26 में ₹6,100 प्रति क्विंटल कपास का MSPघोषित तो कर दिया, पर किसान की कपास पिटी, ₹4,500 प्रति क्विंटल – ₹5,000 प्रति क्विंटल।
o श्रीमान नायब सैनी ने यह भी नहीं बताया कि कपास किसानों के लिए 22 सितंबर, 2023 को वाहवाही लूट शुरू की गई ‘हरियाणा फसल सुरक्षा योजना’ पर बजट में सारे के सारे बजट पर ताला लगा दिया। जरा इसे गौर से देखेंः-
2024-25
2025-26
2026-27
₹1,365 करोड़
₹10 करोड़
₹1 करोड़
(Source – Page No. 891 of Expenditure Budget 2026-27)
यानी, बजट 2026-27 में कपास किसानों का बजट 1364% काट दिया।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 है……
जुमलों की कहानियाँ, भाषण की बड़बोली दुकान,
विकास और तरक्की का नहीं नामोनिशान!







