
Haryana News: हरियाणा की सियासत अब एक बड़े मोड़ पर खड़ी है। साल 2026 और 2027… दो ऐसे साल है जिसमें ना सिर्फ नगर निगम चुनाव होंगे, बल्कि परिसीमन के ज़रिये हरियाणा का पूरा राजनीतिक नक्शा बदल सकते हैं। 2026 में प्रदेश में तीन नगर निगम चुनाव तय है और 2027 में भी नगर निगम, परिषद और पालिका चेयरमैन के चुनाव प्रस्तावित हैं। इसी बीच अप्रैल 2026 से जनगणना होगी, जिसके बाद 2027 में परिसीमन होने की पूरी पूरी संभावना है। इस परिसीमन से ना केवल सीटें बढ़ेंगी, बल्कि कई नेताओं का सियासी किला हिल सकता है। सूत्रों की मानें तो हरियाणा विधानसभा की सीटें 90 से बढ़कर 117 हो सकती हैं। वहीं लोकसभा सीटें 10 से बढ़कर 13 होने की संभावना है। इसके अलावा राज्यसभा सीटें 5 से बढ़कर 6 तक जा सकती हैं। यानी हरियाणा की आवाज़ दिल्ली तक और मजबूत होगी। बीजेपी, कांग्रेस, इनेलो, जेजेपी और आम आदमी पार्टी सभी दल नए संभावित क्षेत्रों में अभी से अपने मोहरे सेट करने में जुट गए हैं। वहीं कुछ नेता ठहराव की मुद्रा में हैं तो कुछ नए इलाकों में जड़ें जमाने लगे हैं। अब एक नजर डालते है कि किस लोकसभा क्षेत्र में कौन सी सीटें नई बन सकती है।
अम्बाला (आरक्षित)
अम्बाला कैंट
अम्बाला सिटी
नारायणगढ़
मुलाना
पंचकूला
कालका
सढौरा
बिलासपुर
शाहजादपुर
को शामिल किया जाएगा
बात अगर कुरुक्षेत्र लोकसभा की करें तो
शाहाबाद
पिहोवा
थानेसर
कुरुक्षेत्र
लाडवा
यमुनानगर
जगाधरी
रादौर
इन्द्री
को शामिल किया जाएगा

करनाल लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो इसमें
नीलोखेड़ी
करनाल
घरौंडा
असंध
तरावड़ी
निसिंग
पानीपत ग्रामीण
पानीपत सिटी
समालखा
को शामिल किया जाएगा
वहीं नए लोकसभा क्षेत्र में कैथल को भी शामिल किया जा रहा है। इसमें
कैथल
गुहला
कलायत
पूंडरी
राजौंद
नरवाना
उकलाना
बरवाला
टोहाना
को शामिल किया जाएगा
इसके अलावा सिरसा लोकसभा क्षेत्र जो पहले से ही आरक्षित है उसमें
सिरसा
कालांवाली
डबवाली
गोरीवाला
रानियां
ऐलनाबाद
नाथूसरी चोपटा
फतेहाबाद
रतिया
को शामिल किया जाएगा
वहीं हिसार लोकसभा की बात करें तो इसमें
आदमपुर
अग्रोहा
हिसार
हिसार ग्रामीण
हांसी
नलवा
नारनौंद
भट्टू मंडी
बालसमंद
को शामिल किया जाएगा
को शामिल किया जाएगा
जींद को नए लोकसभा क्षेत्र बनाए जाने की संभावना है, जिसमें
उचाना कलां
जींद
सफीदों
जुलाना
जींद ग्रामीण
इसराना
लाखनमाजरा
कंडेला
मडलाडा मंडी
को शामिल किया जाएगा
सोनीपत लोकसभा क्षेत्र की बात करें तो इसमें
सोनीपत
गन्नौर
राई
खरखौदा
गोहाना
बरौदा
गढ़ी सांपला किलोई
मुरथल
बढखालसा
को शामिल किया जाएगा
वहीं झज्जर को भी नए लोकसभा क्षेत्र बनाए जाने की संभावना है जो आरक्षित रखा जाएगा, इसमें
रोहतक
कलानौर
झज्जर
बेरी
बहादुरगढ़
बादली
माछरौली
गुरुग्राम
फर्रुखनगर
को शामिल किया जाएगा
भिवानी लोकसभा को भी महेंद्रगढ़ से अलग करने की तैयारी है और इसमें इन विधानसभा सीटों को शामिल किए जाने की संभावना है।
महम
भिवानी
सिवानी
तौशाम
लोहारू
बवानीखेड़ा
दादरी
बाढड़ा
कनीना
वहीं महेन्द्रगढ़ लोकसभा की बात करें तो इसमें
महेन्द्रगढ़
नारनौल
नागल चौधरी
धारुहेड़ा
अटेली
कोसली
रेवाड़ी
बावल
पटौदी
को शामिल किया जाएगा
वहीं मेवात को भी लोकसभा क्षेत्र बनाए जाने की संभावना है, जिसमें
तावड़ू
नूंह
फिरोजपुर झिरका
पुन्हाना
पलवल
होडल
हथीन
सोहना
मन्दकौड़ा
को शामिल किया जाएगा
वहीं फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में कुछ नई सीटें जोड़ी जाएगी, जिसमें
फरीदाबाद
फरीदाबाद ग्रामीण
फरीदाबाद NIT
बड़खल
बल्लभगढ़
पृथला
तिगांव
मोहणा
बादशाहपुर
को शामिल किया जाएगा
बड़ा सवाल है कि ये परिसीमन किसका राजनीतिक स्वाद बिगाड़ेगा और किसे सत्ता की नई प्लेट परोस देगा ये तो वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है 2029 के चुनाव से पहले हरियाणा की सियासत पूरी तरह बदलने वाली है।







