
Haryana News: चंडीगढ़, 6 अप्रैल। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि पिछले कई दिनों से हो रही बेमौसमी बरसात व ओलावृष्टि के चलते किसानों की गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है और अब तक सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से किसानों की रियायत के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखे और गेहूं की खरीद में लस्टर लॉस और नमी की छूट दिलाए। सोमवार को वे फरीदाबाद की मोहना मंडी के दौरे के दौरान पत्रकारों से रूबरू थे। दुष्यंत चौटाला ने एक अप्रैल से गेहूं की खरीद करने के भाजपा सरकार के दावे को फेल बताया और कहा कि बिना किसी व्यवस्था किए सरकार नए-नए नियमों से किसानों को परेशान करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामियों का खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार किसानों को राहत देने की बजाय नमी और लस्टर लॉस के नाम पर फसलों के दाम में कटौती कर रही है, जो कि बिल्कुल भी जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि आज यह भी देखने को मिल रहा है कि मंडियों में एंट्री के लिए बनाई गई व्यवस्था में कई प्रैक्टिकल खामियां है और इसपर सरकार कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गेट पास और बायोमेट्रिक की व्यवस्था पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडी में प्रवेश के लिए संदेश नहीं मिल पा रहे है और इससे आढ़ती व किसान परेशान हो रहे है। दुष्यंत ने कहा कि जेजेपी मांग करती है कि किसानों को गेट पास के लिए प्रिंट की गई रसीद साथ के साथ मिलनी चाहिए।
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ये भी कहा कि भाजपा सरकार फसल खरीद व्यवस्था को सुधारने की बजाय किसानों को प्रताड़ित कर रही है। दुष्यंत ने याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व गठबंधन सरकार के दौरान कोरोना काल में 1800 खरीद केंद्र बनाकर बेहतर तरीके से किसानों की फसल खरीदी गई थी, जबकि आज मौजूदा सरकार से 400 खरीद केंद्र ही नहीं बनाए गए, जो कि भाजपा सरकार की विफलता को दर्शाता है।
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