
Haryana News: कहते हैं कि जिस थाली में खाया जाए, उसमें छेद नहीं करना चाहिए, लेकिन हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने विभाग की कार्यप्रणाली और निष्ठा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विभाग के ही ‘खोसखला’ के साथ एक दक्षिण हरियाणा से सेवानिवृत्त डीपीआरओ (DPRO) और एक फर्जी फोटोग्राफर की जुगलबंदी ने अपनी ‘धूर्तता’ से उस महकमे को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिसने सालों तक उन्हें रोजी-रोटी दी और पहचान दिलाई। सूत्रों के मुताबिक खबरें लीक करने के बाद AI सीरीज की खबरें लीक करने का सिलसिला जारी है।

नमक हरामी की हद: जिस विभाग से नाम कमाया, उसी पर कीचड़ उछाला
सूत्रों के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद भी ये लोग अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। एक तरफ जहाँ सेवानिवृत्त डीपीआरओ को विभाग के मार्गदर्शक के रूप में देखा जाना चाहिए था, वहीं वे एक फोटोग्राफर के साथ मिलकर विभाग के खिलाफ ही षड्यंत्र रचने और उसे बदनाम करने में जुटे हैं। इस “धूर्त जोड़ी” की हरकतों से न केवल वर्तमान अधिकारियों में रोष है, बल्कि विभाग की छवि भी जनता के बीच धूमिल हो रही है।
रोजी-रोटी देने वाले संस्थान के साथ गद्दारी
हैरानी की बात यह है कि जिस विभाग के संसाधनों और पद का उपयोग कर इन लोगों ने अपना रसूख बनाया, आज उसी की जड़ों में तेल डालने का काम कर रहे हैं। चर्चा है कि ये दोनों अपनी निजी खुन्नस और स्वार्थ के चलते महकमे की गोपनीय जानकारियों और आंतरिक कामकाज को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
विभाग में भारी आक्रोश
हरियाणा जनसंपर्क विभाग के ईमानदार कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि ऐसे लोग किसी के सगे नहीं हो सकते। विभाग अब इन “खोसकला” (धोखेबाज) प्रवृत्तियों वाले लोगों पर कड़ी नजर रख रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि इन पर समय रहते लगाम नहीं लगाई गई, तो ये अपनी हरकतों से विभाग के अनुशासन को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं।
“जिस महकमे ने मान-सम्मान दिया, उसी की साख से खिलवाड़ करना न केवल अनैतिक है बल्कि विश्वासघात की पराकाष्ठा है।”
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