HARYANAHOME

Haryana News: किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं : राज्यपाल

Haryana News: किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं : राज्यपाल

Haryana News: किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं : राज्यपाल

– कहा , अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है

चंडीगढ़ , 20 फरवरी – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं। अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है।

प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा करने और संसाधनों का दक्षता से वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान रबी सीजन के दौरान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। गत 8 अक्टूबर, 2025 से 11 फरवरी, 2026 के बीच यूरिया की खपत 1 लाख 28 हजार 231 मीट्रिक टन और डी.ए.पी. की खपत 24 हजार 168 मीट्रिक टन कम हुई है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरकों पर सब्सिडी के तहत 716 करोड़ रुपये की बचत हुई।

राज्यपाल ने कहा कि मृदा की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 10 हजार 36 किसानों ने प्राकृतिक खेती पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है और उनमें से 7 हजार 580 किसान 18 हजार 559 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इसके अलावा, 163 गांवों में 1 लाख 58 हजार एकड़ लवणीय और जलभराव वाली भूमि का सुधार करके इसे खेती योग्य बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को जोखिमों से बचाने के लिए, खरीफ—2016 से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 9 हजार 243 करोड़ रुपये के क्लेम दिए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत, 21 किस्तों में 7 हजार 235 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे डाले गए हैं। पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु 9 हजार 885 मशीनें सब्सिडी पर दी गई हैं। यह हर्ष की बात है कि 5 लाख 54 हजार किसानों को दिए गए 461 करोड़ 75 लाख रुपये के प्रोत्साहन से वर्ष 2025 के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 52.9 प्रतिशत की कमी आई है।

प्रोफ़ेसर घोष ने कहा कि गन्ना पिराई सीजन 2025-26 के लिए 415 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य सुझावित मूल्य तय किया गया है। सहकारी क्षेत्र में रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र में नई तेल मिलें लगाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं और जाटूसाना में एक मॉडर्न आटा मिल का उद्घाटन माननीय केंद्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा 24 दिसंबर, 2025 को किया गया है।

उन्होंने कहा कि डेयरी किसानों की मदद के लिए, ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना’ के तहत सब्सिडी दी जा रही है। अंत्योदय परिवारों के लिए 10 रुपये प्रति लीटर का विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाता है। ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसानों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। ‘भावांतर भरपाई योजना’ के तहत 157.16 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मधुमक्खी पालकों को बाज़ार के उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचाने के लिए शहद को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती की दिशा में देश के लिए एक मिसाल कायम की है। वर्ष 2021 में जहां फसल अवशेष जलाने की 6 हजार 987 घटनाएं दर्ज की गईं, वहीं सीज़न-2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ़ 662 रह गई है। फ़सल अवशेष प्रबंधन के लिए चालू वित्त वर्ष में प्रोत्साहन राशि 1,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1,200 रुपये कर दी गई है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह दूसरी वैकल्पिक फसलें बोने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। इसके साथ ही, धान की सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहन राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।

सिंचाई एवं जल प्रबंधन

राज्यपाल ने सिंचाई एवं जल प्रबंधन के मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि ‘जल ही जीवन है’ और हमारे अस्तित्व के लिए जल प्रबंधन मूलभूत जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘Per Drop-More Crop’ की अवधारणा को साकार करने के लिए, प्रदेश में सूक्ष्म सिंचाई को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘अमृत सरोवर योजना’ के तहत ग्रामीण तालाबों का जीर्णोद्धार करके ग्रामीण जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, अटल भूजल योजना और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट को मिशन मोड में लागू करने से भूमिगत जल प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को अभूतपूर्व शक्ति मिली है।

उन्होंने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 में पानी बचाने के लिए हरियाणा को देश के तीसरे श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिलने पर सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यमुना एक्शन प्लान के तहत यमुना नदी के जल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा से 180 किलोमीटर तक और दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक बहती है। यमुना के जल को प्रदूषण रहित करने की एक विस्तृत कार्य योजना के तहत, मार्च 2028 तक 146 एम.एल.डी. क्षमता वाले 8 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETPs) और 622 एम.एल.डी. क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने का प्रस्ताव है।

प्रदेश सरकार ‘नारी शक्ति’ को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है : राज्यपाल

सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है*

नई दिल्ली , 20 फरवरी – हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार ‘नारी शक्ति’ को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है और उनके सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।

प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे सशक्त संकेत महिलाओं की स्थिति से मिलता है। हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि ‘ड्रोन दीदी योजना’ के तहत ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्वामित्व वाली कंपनी ‘ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड’ के माध्यम से 29 सितंबर, 2021 से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें 33 ‘ड्रोन दीदियों’ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 15 का प्रशिक्षण जारी है। इनके अतिरिक्त, लगभग 1,350 ‘ड्रोन दीदियों’ के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।

उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए बताया कि राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके अलावा, अगले वर्ष 7 नए महिला पुलिस थाने – लोहारू, बरवाला (हिसार), नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में खोलने का निर्णय किया गया है।

प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उदाहरणीय प्रयास किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में ‘सांझा बाजार’ और बस स्टैंडों पर विशेष दुकानें स्थापित की गई हैं। यह सुदृढ़ बाजार ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और सम्मानजनक आय अर्जित करने में मदद करते हैं। श्रमिकों को भोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए इन समूहों को 124 ‘अटल श्रमिक-किसान कैंटीन’ का संचालन भी सौंपा गया है।

राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम से राज्य में एक मूक क्रांति आई है, जिसके परिणास्वरूप, 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के उत्पादों को वैश्विक और डिजिटल पहचान दिलाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए गए हैं और उन्हें मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीधे मुख्य बाजार से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विज़न को पूरा करने के लिए राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पहले एक साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा, यानि ‘बालवाटिका-III’ शुरू की गई है। बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को 1:30 के आदर्श स्तर पर बनाए रखा गया है। बच्चों को सुरक्षित व घर जैसा माहौल देने के लिए राज्य भर के लगभग 8,600 स्कूलों में बाल अनुकूल और समर्पित क्लासरूम बनाए गए हैं। यह गर्व की बात है कि शैक्षणिक सत्र-2025-26 में बालवाटिका-III में 79,000 से ज़्यादा बाल विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और भय-मुक्त वातावरण में शिक्षा दी जा रही है। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है। बालवाटिका-III के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए खेल सामग्री और आवश्यक सुविधाओं से युक्त 119 मॉडल बालवाटिका बनाई गई हैं।

राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून का राज

राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरियाणा में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि तीन नए आपराधिक कानूनों को पूर्णरूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणामस्वरूप, 1 जुलाई, 2024 से 31 दिसम्बर, 2025 तक पंजीकृत मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है।

प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ़ संघर्ष में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके हमारे नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है।

राज्यपाल ने आगे कहा कि खुशी की बात है कि पिछले 4-5 वर्षों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ़ हुए अपराधों में कमी आई है। ऐसी महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के मामलों में पिछले 4 वर्षों में 67 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 257 से घटकर वर्ष 2025 में 83 रह गए हैं। बलात्कार के मामले वर्ष 2022 में 211 से घटकर वर्ष 2025 में 105 रह गए हैं, जो 50 प्रतिशत की कमी है। वर्ष 2020 से अपहरण के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2020 में ऐसे 23 मामले थे, जो वर्ष 2025 में घटकर 10 रह गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आने वाले मामले वर्ष 2021 में 132 से घटकर वर्ष 2025 में 48 रह गए हैं। संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है। इससे फिरौती की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।

राज्यपाल ने जानकारी दी कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5,500 नए पुलिस सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 पर 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज़ रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, सरकार कार्य योजना-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ranbir Kapoor और Raha के बिना वैलेंटाइन डे पर दिखा Alia Bhatt का ग्लैमरस लुक Arbaz Khan की एक्स गर्लफ्रेंड ने पीली बिकिनी में समंदर में ढाया कहर Rakulpreet की तस्वीरें वायरल, फोटोशूट में ढाया कहर Arbaz Khan की एक्स ने सोशल मीडिया पर मचाई तबाही, Viral तस्वीरों से मची सनसनी Haryanvi छोरी ने Instagram पर तस्वीरें post कर पूछा- कै ज्ञान, हो गई वायरल