
Haryana News: अम्बाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थाई पानी निकासी हेतु 50 करोड़ की परियोजना : विज
जनस्वास्थ्य व एचएसआईआईडीसी को परियोजना बनाने के दिए निर्देश
स्ट्रीट लाइटों के लिए ऊर्जा मंत्री विज ने दिए 30 लाख रुपए
चंडीगढ़, 09 सितम्बर — हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थाई तौर पर पानी निकासी के लिए वॉटर डिस्पोजल टैंक बनाए जाएंगे तथा बड़ी पाइपलाइन और हाईपावर पम्प लगाए जाएंगे ताकि पानी को टांगरी नदी में डाला जा सके। इस कार्य पर लगभग 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे और इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग व एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को विस्तृत परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्री विज ने मंगलवार को अंबाला छावनी के इंडस्ट्रियल एरिया में पानी के निकासी प्रबंधों का जायजा लिया और अधिकारियों को कहा कि यहां से जल्द से जल्द पानी निकासी हो। उन्होंने बताया कि बीते तीन दिनों से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और उम्मीद है कि कल शाम तक पूरा पानी निकल जाएगा।
कारोबारियों की सुरक्षा संबंधी चिंता पर श्री विज ने इंडस्ट्रियल एरिया की चारदीवारी पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 30 लाख रुपए जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन को चाहिए कि चारदीवारी पर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडस्ट्रियल एरिया हमारे क्षेत्र की लाइफलाइन है और यहां हजारों लोगों को रोजगार मिलता है, इसलिए इसकी सुरक्षा और सुविधा दोनों जरूरी हैं।
चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए श्री विज ने अंबाला एसपी को क्षेत्र में पुलिस स्टाफ स्थाई तौर पर तैनात करने के निर्देश दिए। मौके पर डीएसपी कैंट और थाना महेशनगर के एसएचओ को भी निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए।
इस अवसर पर इंडस्ट्रियल एरिया के कई कारोबारी तथा जनस्वास्थ्य, एचएसआईआईडीसी, नगर परिषद और सिंचाई विभाग सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा सरकार ने “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स” के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की
चंडीगढ़, 9 सितंबर — हरियाणा के गृह विभाग ने जनहित की रक्षा और वित्तीय अखंडता को बनाए रखने के लिए आज “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स” के बढ़ते चलन के खिलाफ चेतावनी जारी की है। ये प्लेटफॉर्म अपने उपयोगकर्ताओं को ऐसे व्यापार/समझौते करने का अवसर प्रदान करते हैं जिनमें भुगतान अंतर्निहित घटना के घटित होने या न होने के हाँ/ना प्रस्ताव के परिणाम पर निर्भर करता है, जिसने राज्य और केंद्र दोनों अधिकारियों की गंभीर चिंता को जन्म दिया है।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि यह परामर्श भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के एक विस्तृत पत्र के बाद जारी किया गया है, जिसमें ऐसे प्लेटफॉर्म्स से जुड़े जोखिमों और कानूनी अस्पष्टताओं पर प्रकाश डाला गया है।
सेबी के अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडे ने राज्य सरकार को लिखे एक पत्र में चेतावनी दी है कि ये प्लेटफॉर्म अक्सर “मुनाफा”, “स्टॉप लॉस” और “ट्रेडिंग” जैसी वित्तीय शब्दावली का उपयोग करके वैध निवेश सेवाओं की नकल करते हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को यह विश्वास हो जाता है कि वे विनियमित प्रतिभूति व्यापार में संलग्न हैं। “ये प्लेटफॉर्म निवेश के समान दिखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। सेबी के पत्र में कहा गया है, “ये प्लेटफ़ॉर्म, प्रतिभूतियों के व्यापार से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल करके वैधता का झूठा आभास पैदा कर रहे हैं।”
डॉ. मिश्रा ने ज़ोर देकर कहा कि ये प्लेटफ़ॉर्म भले ही अभिनव लगें, लेकिन ये संभावित रूप से कानूनी और नियामक ढाँचों की सीमाओं से बाहर काम कर रहे हैं। उन्होंने अनियमित व्यापार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द का हवाला देते हुए कहा, “इन प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिभूतियों का कोई भी व्यापार, अगर कारोबार किए गए विचार प्रतिभूतियों के रूप में योग्य हैं, तो अवैध है और अवैध व्यापार के समान है।”
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने पुलिस महानिदेशक सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हरियाणा सार्वजनिक जुआ निवारण अधिनियम, 2025 के तहत उचित कार्रवाई करने और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों पर विचार करने का निर्देश दिया है। ये कानून उन संस्थाओं पर मुकदमा चलाने का कानूनी आधार प्रदान करते हैं जो अवैध प्रतिभूति व्यापार सहित अनधिकृत वित्तीय गतिविधियों में संलग्न हैं।
उन्होंने बताया कि सेबी ने आगे स्पष्ट किया है कि विचार-व्यापार उसके नियामक दायरे में नहीं आता है, क्योंकि जिन उपकरणों का व्यापार किया जाता है वे वर्गीकृत नहीं हैं। परिणामस्वरूप, ऐसे प्लेटफ़ॉर्म में भाग लेने वाले निवेशकों को विनियमित बाज़ारों में आमतौर पर उपलब्ध किसी भी निवेशक सुरक्षा तंत्र द्वारा सुरक्षा नहीं मिलती है। सेबी की सलाह में चेतावनी दी गई है, “निवेशकों और प्रतिभागियों को पता होना चाहिए कि प्रतिभूति बाज़ार के दायरे में कोई भी निवेशक सुरक्षा तंत्र ऐसे निवेश या भागीदारी के लिए उपलब्ध नहीं होगा।”
वित्त मंत्रालय ने भी ऐसी गतिविधियों को प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956, विशेष रूप से धारा 13, 16, 17 और 19 के उल्लंघन के रूप में वर्गीकृत किया है। ये उल्लंघन संज्ञेय अपराध हैं और 2023 में लागू की गई नई आपराधिक संहिताओं के तहत इनकी जाँच की जा सकती है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत दंड भी शामिल है।
डॉ. मिश्रा ने नागरिकों से सावधानी बरतने और ऐसे प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ने से बचने का आग्रह किया जो नियामक निगरानी के बिना सट्टा रिटर्न का वादा करते हैं।
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के तीन उप-अधीक्षक पदोन्नत
चंडीगढ़, 9 सितंबर– हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग मुख्यालय में कार्यरत तीन उप-अधीक्षकों को अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया है।
पदोन्नत अधिकारियों में स्थापना शाखा की श्रीमती सुनीता पांचाल, प्रेस फेसीलिटी सहायक शाखा के श्री कुलदीप राठी तथा लेखा शाखा के श्री सुनील कुमार शामिल हैं।
प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में मनाया जाएगा सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम : कृष्ण लाल पंवार
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पंचायत मंत्री ने विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
चण्डीगढ़, 9 सितंबर– हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा और इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर विकासात्मक गतिविधियों को गति देना तथा जनभागीदारी को बढ़ाना है।
इस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने चण्डीगढ़ स्थित पंचायत भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
बैठक के उपरांत श्री पंवार ने जानकारी दी कि सरकार का यह कार्यक्रम अति महत्वपूर्ण है। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण विकास को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। जिनमें वृक्षारोपण अभियान, नालों की सफाई, सौर ऊर्जा लाइटिंग की स्थापना व मरमत, तालाबों की सफाई सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को और अधिक गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर स्मार्ट गांवों के सरपंचों को सम्मानित भी किया जाएगा।
पंचायत मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा में समावेशी व सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री डी.के. बेहरा, ग्रामीण विकास के निदेशक श्री राहुल नरवाल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
करनाल की परियोजना अधिकारी पर लगाया जुर्माना
लंबित प्रकरणों पर आयोग का रुख सख्त
चंडीगढ़, 09 सितंबर — हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने करनाल जिले से संबंधित एक शिकायत पर निर्णय सुनाया। शिकायत में कहा गया था कि महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, निसिंग ने आवेदन को संसाधित करने और जिला कार्यक्रम अधिकारी को अग्रेषित करने में अनुचित विलंब किया। इस कारण निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतकर्ता को लाभ उपलब्ध नहीं कराया गया। प्रकरण को अंतिम तिथि तक निपटाने के बजाय, फाइल को देरी से जिला कार्यक्रम अधिकारी को भेजा गया।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि तथ्यों की समीक्षा के बाद आयोग ने निर्णय दिया कि इस विलंब के लिए महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, निसिंग (जिला करनाल) जिम्मेदार हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, करनाल पर इस देरी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती।
अधिकारी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण अस्वीकार्य मानते हुए, आयोग ने महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, निसिंग को दोषी ठहराया और उन पर एक हजार रुपये का सांकेतिक दंड लगाया है। यह राशि उनके वेतन से काटकर राज्य कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, आयोग ने जिला कार्यक्रम अधिकारी, करनाल को निर्देशित किया है कि जिले में लंबित सभी मामलों का निस्तारण बिना किसी और विलंब के सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में प्रमाण पत्र 6 अक्टूबर 2025 तक आयोग को भेजा जाए कि 30 जून 2025 से पूर्व दायर कोई भी प्रकरण विभाग में लंबित नहीं है।
साथ ही संबंधित अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि प्रत्येक आवेदन की स्थिति सरल पोर्टल पर वास्तविक समय (रियल टाइम) में अद्यतन की जाए, ताकि आवेदक अपने मामलों की प्रगति को देख सकें और अपीलीय प्राधिकरणों के समक्ष अनावश्यक अपीलें न हों। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा हेतु पर्याप्त आंतरिक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए और अधिकारियों को आरटीएस मानकों के पालन के प्रति उत्तरदायी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की बैठक
आगामी नवरात्रों को लेकर की जा रही तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु श्री माता मनसा देवी मंदिर में बनेंगे 3 बड़े वातानुकूलित भण्डारा हॉल
नवरात्रों से पहले मंदिर परिसर में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश
तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला के धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए बस सेवा शुरू करने की योजना बनाने के निर्देश
मंदिर परिसर में भित्ति चित्रों और हनुमान वाटिका के संरक्षण व सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 9 सितंबर — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अश्विन नवरात्रों से पूर्व श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर में तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3 बड़े वातानुकूलित भण्डारा हॉल का निर्माण किया जाए, जिसमें एक हॉल में कम से कम 1500 श्रद्धालु एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण कर सकें। इसके अलावा, अत्याधुनिक स्तर के रसोईघर की व्यवस्था भी की जाए और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री, जो श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, आज यहां श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड, पंचकूला की 22वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल, कालका विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा सहित बोर्ड के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भण्डारा हॉल के निर्माण होने तक आगामी नवरात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थायी हैंगर स्थापित कर बड़े स्तर पर भण्डारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला में धार्मिक स्थलों के लिए बस सेवा शुरू करने की बनाई जाए योजना
मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए श्री माता मनसा देवी मंदिर, चण्डी माता मंदिर, काली माता मंदिर, मोरनी, बड़ा त्रिलोकपुर, नाडा साहिब इत्यादि स्थलों को जोड़ते हुए बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई जाए। इससे श्रद्धालुओं को पंचकूला जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने काली माता मंदिर में कमल आकृति के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्य को समय पर पूरा किया जाए।
श्री नायब सिंह सैनी ने श्री माता मनसा देवी मंदिर परिसर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्मित बूथों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुपयोगी एवं जर्जर हो चुके बूथों का सर्वेक्षण कर इन्हें हटाए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर के मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए इस स्थल का उपयोग एचएसवीपी द्वारा नीति के अनुरूप वाणिज्यिक गतिविधियों हेतु किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि श्री माता मनसा देवी श्राइन स्थल के जीर्णोद्धार व मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाए और यदि कोई अतिक्रमण है, तो उसे हटाया जाए। इसके अलावा, मंदिर परिसर में भित्ति चित्रों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ हनुमान वाटिका के सौंदर्यीकरण करने के भी निर्देश दिए गए।
मंदिर परिसर में स्वच्छता पर दें विशेष ध्यान, श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र वातावरण का अनुभव हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नवरात्रों के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए मंदिर परिसरों में विशेष अभियान चलाकर संपूर्ण सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और पवित्र वातावरण का अनुभव हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़े के दौरान मंदिर परिसरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाए। इस दौरान प्रशासन, स्थानीय निकाय और स्वयंसेवी संगठन मिलकर व्यापक स्तर पर सफाई कार्य करें।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्री कुलभूषण गोयल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग, पर्यटन विभाग के निदेशक डॉ. शालीन, एचएसवीपी की प्रशासक मोनिका गुप्ता, पंचकूला के उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की सीईओ निशा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
परियोजनाओं में देरी को लेकर सख्त हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
प्रशासनिक सचिव स्तर पर गहन समीक्षा के दिए निर्देश
चंडीगढ़, 09 सितम्बर-हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में चलाई जा रही कई परियोजनाओं के पूरा होने में हो रहे विलम्ब को गम्भीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी परियोजनाओं की प्रशासनिक सचिवों के स्तर पर गहन समीक्षा की जाए।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग का दायित्व भी है, ने इस सम्बन्ध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों व निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को एक पत्र जारी किया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों या संस्थाओं की ’चल रही परियोजनाओं एवं मध्यस्थता मामलों’ की व्यापक समीक्षा करें। साथ ही, विभागों को अधूरी अथवा लंबित परियोजनाओं का विवरण निर्धारित प्रपत्र में भेजने को कहा गया है, जिसमें ’वित्तीय प्रभाव, विलंब के कारण, जवाबदेही तथा शीघ्र पूर्णता के लिए उपाय’ स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएँ। ’लंबित बजट घोषणाओं’ और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है।
एक अन्य पत्र में विभागों से कहा गया है कि वे ’निर्माण कार्यों से संबंधित सभी लंबित मध्यस्थता मामलों’ का ब्यौरा भी प्रस्तुत करें। इसमें परियोजना का विवरण, ठेकेदार या एजेंसी का नाम, वित्तीय दायित्व, गत तीन वर्षों में हुए मध्यस्थता निर्णय एवं उनका राज्य पर वित्तीय प्रभाव सम्मिलित होगा। प्रत्येक विभाग को प्रशासनिक सचिव द्वारा अनुमोदित एक ’संक्षिप्त टिप्पणी’ भी संलग्न करनी होगी, जिसमें विषय की गंभीरता, संभावित त्रुटियाँ, मुख्य चिंताएँ एवं ’आगे की कार्ययोजना’ का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए।
इस उद्देश्य के लिए इंजीनियर-इन-चीफ की एक समिति भी गठित की गई है, जो इन मामलों की समीक्षा कर उचित सिफारिशें देगी ताकि राज्य को अनावश्यक विलंब और वित्तीय दायित्वों से बचाया जा सके।
‘सेवा पखवाड़ा‘ के तहत 20 सितम्बर को पूरे प्रदेश में नई सड़कों के निर्माण व रिपेयर कार्यों का होगा शुभारंभ : रणबीर गंगवा
लोक निर्माण मंत्री ने छह विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की बैठक
चण्डीगढ़, 9 सितम्बर – हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 2 अक्तूबर, 2025 तक ‘सेवा पखवाड़ा‘ आयोजित किया जा रहा है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग, शहरी स्थानीय विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और एचएसआईआईडीसी द्वारा 20 सितम्बर को पूरे प्रदेश में अपने-अपने विभागों की 75 नई सड़कों का निर्माण कार्य, पुरानी सड़क की मेजर रिपेयर के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया जाएगा।
श्री रणबीर गंगवा गत सायं यहां विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ ‘सेवा पखवाड़ा‘ को लेकर बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 20 सितम्बर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में किसी एक स्थान पर मुख्यमंत्री मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इसके अलावा, अन्य स्थानों पर मंत्री, सांसद व विधायक इस कार्यक्रम में शिकरत करेंगे।
‘सेवा पखवाड़ा‘ के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाया जाएगा विशेष सफाई अभियान
श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ‘सेवा पखवाड़ा‘ के दौरान बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत हेतु विशेष अभियान चलाकर उनको ठीक किया जाए। इसके साथ ही सभी विश्राम गृहों में विशेष सफाई अभियान एवं पौधारोपण किया जाए और सभी सरकारी अस्पताल भवनों का सौंदर्यीकरण किया जाए। इसके अलावा, सड़कों के बर्म और सैन्ट्रल वर्ज को ठीक किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में 20 सितम्बर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सम्बंधित विभाग अपने-अपने कार्यक्रमों के स्थान को चिह्नित कर उसकी सूची कार्यालय भिजवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रदेश में बनने वाली नई सड़कें मजबूत बनें और जिन सड़कों में पैच वर्क का कार्य होना है उनमें सड़क की सतह के बराबर पैचवर्क किया जाए ताकि सड़क से गुजरने वाले मुसाफिरों को कोई असुविधा न हो।
श्री गंगवा ने कहा कि किसी भी प्रदेश की सड़कों की स्थिति से वहां की प्रगति का पता चलता है। आज की दुनिया में सड़क और परिवहन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में सड़क उपयोगकर्ता है। इसलिए प्रदेश की सड़को की हालात अच्छी और मजबूत होनी चाहिए।
इस अवसर पर बैठक में लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।







