Haryana News: हरियाणा की 13 जनवरी 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
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Haryana News: हरियाणा की 13 जनवरी 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
फरीदाबाद, पलवल और नूंह में सख्त पर्यावरणीय नियमों को लागू करने के निर्देश; प्रदूषणकारी इकाइयों और सीवेज प्रबंधन पर रहेगा मुख्य फोकस
एचएसपीसीबी सदस्य सचिव योगेश कुमार की अध्यक्षता में यमुना प्रदूषण पर अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित
प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की सीटीओ रद्द करने के निर्देश
चंडीगढ़, 13 जनवरी – हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार की अध्यक्षता में फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, फ़रीदाबाद में आयोजित हुई इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए), नगर निगम फरीदाबाद (MCF), नूंह एवं पलवल की नगर परिषदें, सिंचाई विभाग तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) सहित प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक, वायु और जल प्रदूषण पर नियंत्रण तथा यमुना नदी सहित प्राकृतिक संसाधनों की बहाली सुनिश्चित करना था। सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने औद्योगिक एवं वायु प्रदूषण को लेकर एचएसपीसीबी और डीएचबीवीएन को सरूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित औद्योगिक इकाइयों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। जिन इकाइयों द्वारा स्वीकृत ईंधन का उपयोग नहीं किया जा रहा है या जिनके पास वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) नहीं हैं, उनके विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी।
सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने यमुना नदी के संरक्षण के लिए पुलिस और नगर निगम फरीदाबाद को निर्देश दिए गए कि वे अवैध रूप से नालों में सीवेज डालने वाले टैंकरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएं। साथ ही सिंचाई विभाग को नालों के किनारे फेंसिंग लगाने और कचरा डंपिंग रोकने के लिए आवश्यक भौतिक अवरोध स्थापित करें। धार्मिक गतिविधियों से उत्पन्न अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकने के लिए समर्पित घाटों के निर्माण के भी निर्देश दिए।
प्रवर्तन और वसूली के तहत यह तय किया गया कि अवैध औद्योगिक इकाइयों को जगह देने वाले भू-स्वामियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। जिन इकाइयों पर पर्यावरणीय मुआवजा (EC) बकाया है, उनकी संचालन स्वीकृति (CTO) रद्द की जाएगी और लंबित राशि की वसूली भू-राजस्व के रूप में की जाएगी।
श्री योगेश कुमार ने प्लास्टिक और ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर नगर निगम फरीदाबाद और एचएसपीसीबी को निर्देश दिए गए कि वे थोक विक्रेताओं से प्रतिबंधित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की जब्ती और चालान की कार्रवाई तेज करें। उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों तथा एचएसआईडीसी को खुले में कचरा जलाने और अवैध डंपिंग को रोकने के लिए कचरा संग्रहण व्यवस्था का दायरा बढ़ाने और निगरानी सख्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी प्रकार के प्रदूषण या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि क्षेत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण बहाल किया जा सके।
समीक्षा बैठक में नगर निगम एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, एसडीएम बड़खल त्रिलोक चंद, एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मनाई लोहड़ी, हरियाणावासियों को दी शुभकामनाएं
लोहड़ी एकता को सुदृढ़ करती है और समाज को उसकी जड़ों से जोड़ती है: मुख्यमंत्री
लोहड़ी हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 13 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी के साथ चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया। इस दौरान उन्होंने लोहड़ी एवं मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। लोहड़ी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्यौहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन परंपराओं का प्रतीक है। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक भी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पूजा अर्चना कर लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की और साथ ही हरियाणा वासियों के सुख और समृद्धि की कामना भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहड़ी केवल लकड़ी जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा, “ऐसे पर्व सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और हमें हमारी परंपराओं एवं मूल्यों की याद दिलाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व एकता, समानता और समावेशिता को बढ़ावा देता है, क्योंकि समाज के सभी वर्गों के लोग समान उत्साह और भाईचारे की भावना के साथ इसे मनाते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि ये पर्व हरियाणा में शांति और प्रगति लेकर आएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता,
हरियाणा भाजपा संगठन महामंत्री श्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी.बी. भारती एवं डॉ. प्रभलीन सिंह, अभिनेत्री सतींदर कौर सत्ती सहित अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री ने 8 करोड़ रूपये से अधिक की पेयजल परियोजनाओं एवं 80 लाख रूपये की गलियों का किया उद्घाटन
चंडीगढ़, 13 जनवरी – हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने नरवाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के तहत बनाए गए बूस्टर स्टेशनों और नई पाइपलाइन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं पर लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इनमें जल जीवन मिशन के तहत गांव दनौदा कलां में 2 करोड़ 77 लाख 40 हजार से नव निर्मित बूस्टिंग स्टेशन नम्बर-2, गावं हरनामपुरा में 1 करोड़ 64 लाख 37 हजार रूपये तथा हथो में एक करोड़ 75 लाख 88 हजार रूपये की लागत से बने बूस्टिंग स्टेशन व पाइपलाईन के विस्तारीकरण का उदघाटन शामिल है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री द्वारा पंचायती राज विभाग के अंतर्गत गांव हरनामपुरा में करीब 26 लाख रूपये से निर्मित दो सड़कों का लोकार्पण तथा करीब 19 लाख रूपये की अनुमानित लागत से एक सड़क का शिलान्यास तथा गांव हथो में 36 लाख रूपये की राशि से बनी तीन सड़कों का लोकार्पण भी किया।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना तथा मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। इसके लिए सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयलज, बिजली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को ग्रामीण अंचल के आखिरी छोर तक पहुंचाने पर है। इन सभी परियोजनाओं पर सिलसिलेवार कार्य गति पर है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बूस्टर स्टेशन के चालू होने से ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। इसी प्रकार गांव हरनामपुर और गांव हथो में डीआई पाइपलाइन न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, जिसे अब नई पाइपलाइन बिछा कर दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत गांव दनोदा कलां में बूस्टर स्टेशन बनने से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि गांव हरनामपुर और हाथों में पाइपलाइन बिछाए जाने से प्रति व्यक्ति 55 लीटर स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना को भी मजबूती मिलेगी और इससे दनौदा में 14 हजार 111, हरनामपुरा में 2 हजार 424 तथा हथो में 4 हजार 323 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग प्ली बारगेनिंग प्रावधान के इस्तेमाल को मज़बूत करेगा – डॉ. सुमिता मिश्रा
क्रिमिनल केस के जल्द निपटारे के लिए निर्देश जारी
चंडीगढ़, 13 जनवरी – हरियाणा गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के चैप्टर XXIII में दिए गए प्ली बारगेनिंग प्रावधानों का प्रभावी और सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। इसका उदेश्य आपराधिक मामलों के निपटारे में तेज़ी लाना और पूरे राज्य में न्याय व्यवस्था को और मज़बूत करना है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्ली बार्गेनिंग एक न्याय-समर्थक वैधानिक तंत्र है जिसका उद्देश्य आपराधिक मामलों के शीघ्र समाधान की सुविधा प्रदान करना है, जहां अपराध के लिए सात वर्ष या उससे कम कारावास की सजा हो सकती है। कानून के अनुसार, कोई भी आरोपी चार्ज फ्रेम होने की तारीख से 30 दिनों के अंदर प्ली बार्गेनिंग के लिए अप्लाई कर सकता है, जिससे समाधान प्रक्रिया तेज़ और ज़्यादा कुशल हो सकेगी।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि ये नियम कोर्ट को यह अधिकार देते हैं कि वे प्रॉसिक्यूशन और आरोपी को न्यायिक पर्यवेक्षण में आपसी सहमति से एक संतोषजनक समझौते पर पहुंचने दें, जिसके बाद कोर्ट कानून के अनुसार फैसला सुना सकता है। उन्होंने कहा कि पेंडेंसी कम करने, बहुत ज्यादा केस लोड को कम करने और न्यायिक और प्रशासनिक रिसोर्स का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए ऐसे उपाय ज़रूरी हैं, जो अभी बढ़ते केस बैकलॉग की वजह से काफी दबाव में हैं।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि हरियाणा के सभी जिलों में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स, सुपरवाइजरी पुलिस ऑफिसर्स और प्रॉसिक्यूशन स्टाफ के लिए स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग और कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ किए जाएं। ये ट्रेनिंग मॉड्यूल प्ली बारगेनिंग से जुड़े कानूनी फ्रेमवर्क, प्रोसेस से जुड़ी ज़रूरतों और नैतिक सुरक्षा उपायों पर फोकस करेंगे, ताकि सही मामलों में इसका सही, एक जैसा और कानूनी इस्तेमाल पक्का हो सके। उन्होंने कहा कि सही स्टेज पर सही मामलों की पहचान करने और निष्पक्षता या ड्यू प्रक्रिया से समझौता किए बिना प्रक्रिया को गाइड करने के लिए उचित प्रशिक्षण बहुत ज़रूरी है।
डॉ. मिश्रा ने पुलिस और अभियोजन एजेंसियां के बीच करीबी और लगातार तालमेल की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, ताकि नियमों को बिना किसी रुकावट के लागू किया जा सके। उन्होंने प्रोग्रेस पर नज़र रखने और चुनौतियों का सामना करने के लिए समय-समय पर रिव्यू और असेसमेंट मीटिंग करने को कहा और दोहराया कि समय पर फैसला न्याय दिलाने के लिए बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि प्ली बार्गेनिंग का प्रभावी इस्तेमाल आपराधिक न्याय प्रणाली में लोगों का भरोसा काफी बढ़ा सकता है, साथ ही तेज़ी से ट्रायल की संवैधानिक गारंटी भी बनी रहेगी।
बागवानी, मधुमक्खी पालन और संरक्षित खेती में हरियाणा देश में अग्रणी : कृषि मंत्री
राज्य सरकार प्रदेश को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है
चंडीगढ़ , 13 जनवरी – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार ने बागवानी, मधुमक्खी पालन और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ावा मिला है।
कृषि मंत्री आज यहां बागवानी विभाग से संबंधित बजट-पूर्व परामर्श-बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने गत वर्ष के बजट में बागवानी विभाग को आवंटित बजट के खर्च बाबत विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है , किसान-हित में योजनाएं बनाई जा रही हैं।
कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बैठक के बाद बताया कि मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप देने के उद्देश्य से रामनगर में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र के माध्यम से मधुमक्खी बक्सों की खरीद पर 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा शहद प्रसंस्करण, बोतलिंग और शहद गुणवत्ता जांच पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के प्रदर्शन हेतु उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की स्थापना में भी हरियाणा देश में अग्रणी है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 9 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 3 नए उत्कृष्टता केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री और आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य में कम लागत वाली वर्टिकल खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 18,630 एकड़ क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। संरक्षित खेती अपनाने वाले किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान सहायता प्रदान की जा रही है।
संरक्षित खेती और उन्नत तकनीकों के प्रयोग में भी हरियाणा अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इन तकनीकों से किसानों की उपज में 2 से 3 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आमदनी कई गुणा बढ़ी है।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा भावांतर भरपाई योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 21 फलों और सब्जियों को शामिल किया गया है।
इन दूरदर्शी और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और राज्य को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का केंद्र है प्रयागराज माघ मेला – गौरव गौतम
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने पलवल-प्रयागराज स्पेशल बस को दिखाई हरी झंडी
पलवल बस स्टैंड से प्रतिदिन सुबह 8 बजे रवाना होगी पलवल-प्रयागराज स्पेशल बस, 900 रुपए होगा किराया
चण्डीगढ़, 13 जनवरी – हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने श्रद्धालुओं की मांग को पूरा करते हुए मंगलवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व तक आयोजित किए जा रहे माघ मेला के लिए पलवल से प्रयागराज तक स्पेशल बस को पलवल बस स्टैंड से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
श्री गौरव गौतम ने कहा कि पलवल से प्रयागराज तक सीधी बस सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं को लाभ होगा और वे बिना किसी परेशानी के माघ मेला दर्शन और स्नान का लाभ उठा सकेंगे। प्रयागराज में 15 फरवरी तक आयोजित किए जा रहे माघ मेला के दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व और धार्मिक आयोजन होंगे। उन्होंने कहा कि माघ मेला सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का केंद्र रहा है।
खेल राज्य मंत्री ने माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को अपने परिवार के साथ प्रयागराज पहुंचकर गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान का लाभ अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माघ मेला क्षेत्र में सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास की बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि माघ मेला के समापन तक यह स्पेशल बस पलवल स्टैंड से प्रतिदिन सुबह 8 बजे मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, फतेहपुर होते हुए लगभग 645 किलोमीटर का सफर तय करके रात्रि लगभग 8 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। पलवल से प्रयागराज का किराया 900 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिया जाएगा। संगम स्थल प्रयागराज से स्पेशल बस वापसी का समय सायं 5 बजे रहेगा जो लगभग सुबह 5 बजे पलवल पहुंचेगी
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के संदर्भ में ‘हरिजन’ और ‘गिरिजन’ शब्दों का प्रयोग न करने के निर्देश
चंडीगढ़, 13 जनवरी—हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के संदर्भ में सरकारी पत्राचार तथा अन्य आधिकारिक कार्यों में “हरिजन” और “गिरिजन” जैसे शब्दों का प्रयोग न करने के निर्देश दिए हैं।
इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भारत के संविधान में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए इन शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया है तथा सभी आधिकारिक कार्यों में केवल संविधान में वर्णित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शब्दावली का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
सरकार के संज्ञान में आया है कि पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद कुछ विभागों द्वारा अब भी “हरिजन” और “गिरिजन” शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने सभी विभागों को केंद्र सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने तथा सभी आधिकारिक मामलों में इन शब्दों का तत्काल प्रभाव से प्रयोग बंद करने के निर्देश दिए हैं।







