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Haryana News: हरियाणा की 1 अप्रैल 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

Haryana News: हरियाणा की 1 अप्रैल 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

Haryana News: हरियाणा की 1 अप्रैल 2026 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

फल उत्पादन, प्राकृतिक खेती और क्लस्टर आधारित मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री

सेम एवं लवणीय भूमि सुधार, जैव निकास और जैविक प्रयोगशाला पर विशेष जोर

नई संकर किस्में, ऊतक संवर्धन और कीटनाशक जांच व्यवस्था होगी मजबूत

चंडीगढ़, 1 अप्रैल – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में सिविल सचिवालय में कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण, बागवानी और उच्च मूल्य वाली फल फसलों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में मिट्टी और जलवायु के अनुसार क्लस्टर आधारित खेती मॉडल विकसित किया जाए, ताकि किसानों को कम समय में अधिक उत्पादन और बेहतर मूल्य मिल सके।

फल-फसल क्लस्टर और उच्च मूल्य आधारित खेती

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फल उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी, नींबू, अमरूद और ड्रैगन फ्रूट जैसी प्रमुख फल फसलों के लिए उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान कर क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन फलों की बाजार में मांग और लाभकारी मूल्य को देखते हुए किसानों को इनके उत्पादन, पौध उपलब्धता, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री ने अरहर, सोयाबीन, मूंगफली, दलहन, फल फसलों तथा गन्ने के ऊतक संवर्धन आधारित उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि हर जिले की कृषि और बागवानी क्षमता का वैज्ञानिक आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को बहु-फसली, बहु-उत्पाद और उच्च मूल्य आधारित खेती से जोड़कर स्थायी आय के अवसर प्रदान करना है।

नई संकर किस्में और अनुसंधान को बढ़ावा

बैठ में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नरमा, सरसों, अरहर, सोयाबीन, मूंगफली और दलहनी फसलों की नई संकर एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्में विकसित की जाएं। साथ ही ऐसे बीजों और पौधों के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाए जो ओलावृष्टि, जलवायु परिवर्तन और प्रतिकूल मौसम के प्रभाव को सहन कर सकें।

उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और पंचायत स्तर पर उपलब्ध भूमि को अनुसंधान एवं परीक्षण के लिए चिन्हित किया जाए, ताकि नई किस्मों और तकनीकों का स्थानीय परिस्थितियों में परीक्षण कर किसानों तक तेजी से पहुंचाया जा सके। विद्यार्थियों और शोध संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़कर नवाचार को गति देने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों में विकसित सफल संकर किस्मों, फल पौधों और आधुनिक तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें हरियाणा की परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली पौध और बीज उपलब्ध हो सकें।

सेम एवं लवणीय भूमि सुधार और जैव निकास

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 1,40,000 एकड़ सेम एवं लवणीय भूमि के सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जैव निकास के तहत सफेदा (यूकेलिप्टस) के पेड़ किसानों के खेतों की मेड़ों, नहरों के किनारों तथा नालों की मेड़ों पर बड़े पैमाने पर लगाए जाएं, ताकि जलभराव वाले क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी को प्राकृतिक रूप से कम किया जा सके। सफेदा के पेड़ अपनी गहरी जड़ों और अधिक जल अवशोषण क्षमता के कारण सेम प्रभावित भूमि के सुधार में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

प्राकृतिक खेती को अभियान रूप में बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर चिन्हित किए जाएं। इन क्लस्टरों में किसानों को जीवामृत, जैविक घोल, ड्रम और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए।

उन्होंने कहा कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आचार्य देवव्रत द्वारा अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती पद्धति को आधार बनाकर इसे लागू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान कम लागत और टिकाऊ खेती से जुड़ सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्लस्टरों में किसान प्राकृतिक खेती को अपनाते हैं और उसमें उत्पादकता कम होती है, तो ऐसे क्लस्टर वाले किसानों के नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाए। किसानों को आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उनका विश्वास मजबूत किया जाए, ताकि प्राकृतिक खेती को अभियान रूप में आगे बढ़ाकर इसे जनआंदोलन बनाया जा सके।

कीटनाशक जांच और अत्याधुनिक जैविक प्रयोगशाला

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रयोगशालाओं में फसलों, फल-सब्जियों एवं अन्य कृषि उत्पादों में कीटनाशक दवाइयों और कीटनाशक अवशेषों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।जिन रसायनों का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और जिनसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका बढ़ती है, उनके उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए। नमूनों की जांच के लिए नमूने नियमित रूप से प्रयोगशाला भेजे जाएं तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एक अत्याधुनिक जैविक प्रयोगशाला स्थापित की जाए, जिसमें जैविक उत्पादों और जैविक उत्पादन से संबंधित सभी नमूनों की नियमित जांच की जा सके। इस प्रयोगशाला में मिट्टी, पानी, जैविक खाद, फसल और अन्य आवश्यक घटकों के नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जैविक खेती की गुणवत्ता, शुद्धता और मानकों की प्रभावी निगरानी हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य में किसानों से जुड़ी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार किया जा रहा है कार्य- श्याम सिंह राणा

प्रदेश में अब तक 7,33,083 किसानों की बन चुकी है किसान आईडी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा सरकार की करी सराहना-कहा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ एक अनुकरणीय पहल

चंडीगढ़, 1 अप्रैल – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में किसानों से जुड़ी योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। हरियाणा में पीएम किसान के कुल 20,82,596 किसान लाभार्थी हैं, जिनमें से 16,33,297 किसानों के खाते सक्रिय हैं। अब तक 7,33,083 किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है, जो कुल काम का लगभग 45 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने यह बात आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों की किसान आईडी व खाद विषय को लेकर आयोजित बैठक में चण्डीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कही।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से राज्य में किसानों का पूरा रिकॉर्ड पहले ही तैयार किया जा चुका है। इस पोर्टल पर यह जानकारी उपलब्ध है कि जमीन मालिक की है या बटाई पर, और खेत में कौन सी फसल बोई गई है।

किसानों को उनकी फसल के अनुसार ही दी जाती है खाद

उन्होंने बताया कि अब खाद की आपूर्ति को भी इसी पोर्टल से जोड़ दिया गया है। इसके तहत किसानों को उनकी फसल के अनुसार ही खाद दी जाती है, जिससे जरूरत के हिसाब से सही मात्रा में खाद मिल सके। पहले खाद आधार कार्ड के आधार पर दी जाती थी, जिससे उसका सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो पाता था। लेकिन अब खाद केवल उसी किसान को मिलती है जिसके पास जमीन है, जिससे दुरुपयोग पर रोक लगी है।

केंद्र सरकार की खाद सब्सिडी में हरियाणा को करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की हुई बचत

श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि इस नई व्यवस्था से खाद के सही उपयोग को बढ़ावा मिला है और अनावश्यक खपत कम हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि फसल और उसकी खाद की जरूरत का पूरा पूर्व रिकॉर्ड तैयार हो जाए, तो खाद का और बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार केंद्र सरकार की खाद सब्सिडी में हरियाणा को करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है, जो इस नई व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल्दी किसानों की भलाई के लिए जन जागरण अभियान चलाया जायेगा। जिसमे विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, आईसीआर के वैज्ञानिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी गांव-गांव में जाकर कृषि और इससे सम्बंधित क्षेत्रों की जो भी योजनाए और कृषि में नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी देंगे ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को दी बधा

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ एक अनुकरणीय पहल है। इससे खाद के संतुलित उपयोग और सरकारी संसाधनों की बचत का रास्ता दिखता है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा को इस पहल के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि इस मॉडल को पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

वित्त वर्ष 2025–26 में हरियाणा ने सभी राज्यों में सर्वाधिक स्टेट जीएसटी वृद्धि दर्ज की

चंडीगढ़, 1 अप्रैल – हरियाणा राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में सभी राज्यों में एसजीएसटी (SGST) संग्रह में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा आज जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 48,289 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो कि वित्तीय वर्ष 2024–25 के 39,743 करोड़ रुपये की तुलना में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 5.7 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो कर संग्रह में हरियाणा के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है।

प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में हरियाणा का कुल जीएसटी संग्रह 8.6 प्रतिशत बढ़ा, जो कि राष्ट्रीय घरेलू जीएसटी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रदर्शन के साथ, हरियाणा सकल घरेलू जीएसटी संग्रह के मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5वें स्थान पर रहा है।

प्रवक्ता ने बताया कि जीएसटी संग्रह में हुई इस मजबूत वृद्धि का कारण राज्य में सक्रिय आर्थिक गतिविधियां, करदाताओं के आधार का विस्तार तथा डेटा-आधारित विश्लेषण के माध्यम से बेहतर अनुपालन है। राज्य सरकार द्वारा कर प्रशासन को सुदृढ़ बनाने और तकनीक के प्रभावी उपयोग पर निरंतर फोकस ने भी इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है।

हरियाणा सरकार किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध: अमित अग्रवाल

‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पुनः पंजीकरण का मौका देने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध, जल्द खुलेगा पोर्टल

किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताते हुए किया आभार

चंडीगढ़, 01 अप्रैल— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अमित अग्रवाल ने जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के साथ बुधवार को फरीदाबाद जिले की मोहना अनाज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान, आढ़ती व अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर फीडबैक लिया। निरीक्षण दौरे में किसानों की मांग पर प्रतिबद्धता जताते हुए मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और साथ ही गेहूं की खरीद के बाद भुगतान किसानों के खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के आश्वस्त करते हुए कहा कि “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसान स्वयं अपनी फसल का पंजीकरण और ट्रैकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण से किसी कारण वंचित किसानों को पुनः पंजीकरण की सुविधा जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी।

बीते दस वर्षों से लगातार किसान हित में अग्रणी भूमिका निभा रही हरियाणा सरकार

श्री अमित अग्रवाल ने किसानों को पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में की गई उपलब्धियां की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों ने ‘अन्नदाता’ को ‘उद्यमी’ बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ दिए जा रहे है। सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनहित है। उन्होंने कहा कि किसान व कृषि कार्यों से जुड़े हितधारकों की समस्या व सुझाव पर सरकार का पूरा फोकस है। उन्होंने हितधारकों को आश्वस्त किया कि बीते वर्ष में आई किसी भी समस्या का इस बार दोहराव नहीं होगा। अधिकारी अपने स्तर पर फसल खरीद, उठान व भंडारण के अलावा मंडी में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि मंडी में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे, किसान सुविधा केंद्र तथा अटल किसान कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। अटल किसान कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों और मजदूरों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। किसान व आढ़ती वर्ग ने सरकार की फसल खरीद प्रक्रिया से संतुष्टि जताई

खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने जिला रेवाड़ी की अनाज मंडियों का किया निरीक्षण

व्यापारियों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई, गेहूं खरीद के लिए दूसरी एजेंसी को भी जोड़ा

चंडीगढ़, 1 अप्रैल— हरियाणा के खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि अनाज मंडियों पर फसल की खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी पूरी संजीदगी बरतते हुए अपने दायित्व का निर्वहन करें।

श्री राजेश नागर बुधवार को जिला रेवाड़ी की कोसली, बावल व रेवाड़ी अनाज मंडियों में की गई व्यवस्थाओं, खरीद प्रक्रिया और सुविधाओं का जायजा करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने निरीक्षण के दौरान आढ़तियों और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि उत्पादन से लेकर खरीद प्रक्रिया तक हर सम्भव सहयोग कर रही है। वहीं उनकी फसलों की खरीद प्रक्रिया भी पारदर्शी ढंग से करने में सजग है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए व्यवस्था पूर्ण प्रबंध किए गए है। ऐसे में किसान सहभागी बनते हुए खरीद प्रक्रिया में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशानुसार राज्य की सभी अनाज मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि उनकी उपज का समय पर और सरल तरीके से उठान सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने किसानों के लिए स्थापित हेल्प डेस्क पर दी जा रही सेवाओं, एंट्री गेट व मुख्य द्वार पर बनाए गए कक्ष, आढ़तियों के पास बारदाने की उपलब्धता तथा शिकायत रजिस्टर का भी निरीक्षण किया। मंत्री ने मंडी में आने वाले किसानों के लिए अटल कैंटीन में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की भी जानकारी ली और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री के लिए लाई जाने वाली गेहूं की आवक के समय, संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सहित फोटो कैप्चर किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

इस दौरान कोसली में व्यापारियों व किसानों ने मंडी में फसल खरीद को लेकर आ रही परेशानियों से मंत्री को अवगत कराया और एक मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में बारदाना (बोरी) की कमी और गेहूं की खरीद एक ही एजेंसी द्वारा किए जाने से उत्पन्न दिक्कतों का उल्लेख किया गया। मंत्री ने मौके पर ही संज्ञान लेते हुए संबंधित एजेंसी से फोन पर बात की और गेहूं की खरीद के लिए दूसरी एजेंसी को भी शामिल करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।

हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम

एसीएस स्वास्थ्य डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यव्यापी समीक्षा कर व्यापक सुधार के निर्देश किए जारी 

स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों पर सख्ती: साप्ताहिक स्टॉक अपडेट, 24×7 लैब सेवाएं, सभी उपमंडलों में जन औषधि केंद्र, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस

चंडीगढ़, 1 अप्रैल — हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और मरीज़ों की उपचार सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई सुधारों की शुरुआत की है।

सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मिश्रा ने दवा प्रबंधन, बेहतर जांच सुविधाओं और अस्पतालों के सुचारु संचालन पर केंद्रित एक स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि यह सिविल सर्जनों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक सोमवार को दवाओं के स्टॉक का डेटा अपडेट किया जाए और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित की जाए।

दवा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर सुधार एजेंडा केंद्रित है, जिसके लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आवश्यक दवाओं की सूची (EDL) के अनुसार दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सटीक और समयबद्ध डेटा एंट्री की जाए।

उन्होंने असंगत खपत डेटा, वास्तवित स्टॉक और पोर्टल रिकॉर्ड में अंतर तथा डेटा अपडेट में देरी जैसी समस्याओं को रेखांकित किया, जो पूर्वानुमान और खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए जिलों को नियमित स्टॉक मिलान, सिस्टम वैलिडेशन जांच और मासिक स्टॉक का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सिविल सर्जनों को समय-समय पर स्टॉक की औचक जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संभावित वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाओं का बफर स्टॉक बनाए रखने और इस संबंध में एसओपी जारी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. मिश्रा ने सिविल सर्जनों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने और जिला स्तर पर समीक्षा प्रणाली स्थापित करने को कहा है, ताकि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि समग्र निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी सिविल सर्जनों की होगी, समय पर डेटा एंट्री और स्टॉक सत्यापन की जिम्मेदारी फार्मासिस्टों की तथा दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग और EDL के अनुपालन की जिम्मेदारी चिकित्सा अधिकारियों की होगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दवाओं की मांग, प्राप्ति और खपत से संबंधित सभी रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और प्रभावी निर्णय संभव हो सके।

बैठक में जिला अस्पतालों, उपमंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त जांच सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। इस बात की जानकारी दी गई कि जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के संचालन से नागरिकों को किफायती और समय पर जांच सुविधाएं मिल रही हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए उन्होंने अस्पतालों के अपडेशन के कार्यों को तेज करने और स्वच्छता एवं हाइजीन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सिविल सर्जन सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।

समीक्षा बैठक में 100-दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें प्रयासों को तेज करने और समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सिविल सर्जनों को लिंगानुपात के रुझानों पर कड़ी निगरानी रखने और हालिया सुधारों को बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में डॉ. मिश्रा को अवगत कराया कि सभी जिलों में पीएनडीटी प्रावधानों के सख्त पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सभी निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना : तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ की निःशुल्क यात्रा के लिए वरिष्ठ नागरिक 15 अप्रैल तक कराएं सरल पोर्टल पर पंजीकरण

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष रेलगाडी को झंडी दिखाकर श्री हजूर साहिब नांदेड़ के लिए करेंगे रवाना

चंडीगढ़, 1 अप्रैल – हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र के लिए 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष ट्रेन रवाना होगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस ट्रेन को झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत को रवाना करेंगे।

सरकार के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नागरिक, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और उनकी पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। पात्र व्यक्ति नजदीकी सीएससी सेंटर या अपने स्मार्ट फोन से सरल हरियाणा पोर्टल पर घर बैठे इस निःशुल्क यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं ।

योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। उन्होंने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।

प्रवक्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक को एक सहायक को पूर्ण भुगतान पर साथ ले जाने की अनुमति है। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग या 1.80 लाख से अधिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ पूर्ण भुगतान पर उठा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है।

प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत  यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा अपने स्तर पर की जाएगी।

पंजीकरण के उपरांत संगत को डीआईपीआरओ कार्यालय में देनी होगी सूचना

प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन करने के उपरांत आवेदक को सूचना अपने – अपने जिला में स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में अवश्य देनी होगी ताकि पात्र व्यक्तियों की सूचना रेलवे को समय पर भेजी जा सके। पंजीकृत व्यक्ति 16 अप्रैल से पहले यह सूचना डीआईपीआरओ कार्यालय में अवश्य दें।

युवाओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बिना खर्ची-पर्ची के योग्यता के आधार पर मुहैया करवा रहे सरकारी नौकरी-सुमन सैनी

चंडीगढ़, 1 अप्रैल- हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा श्रीमती सुमन सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी लाडवा विधानसभा के गांवों में विकास कार्यों के लिए 21-21 लाख रुपए दे रहे हैं और इसके साथ ही गांव की तरफ से जिन विकास कार्यों की सूची सौंपी जा रही है, मुख्यमंत्री उन कामों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें विधानसभा वासियों की समस्याओं को सुनने के लिए जिम्मेदारी सौंपी हुई है। उसी जिम्मेदारी को निभाते हुए वो लगातार हल्का वासियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और शिकायतों को सुनती हैं।

उपाध्यक्षा श्रीमती सुमन सैनी बुधवार को लाडवा विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने विधानसभा के गांव ईशरगढ़, गांव अटल नगर, गांव शंकर कॉलोनी, पूर्विया डेरा सिरसमा, गांव मथाना, गांव छारपुरा, गांव मुकरपुर और गांव बोडला में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकतर समस्याओं के लिए मौके पर ही अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने बच्चों की पढ़ाई जरुर करवाएं, क्योंकि एक पढ़ा-लिखा नागरिक अपनी चार पीढिय़ों का सुधार तो करता ही है। इसके साथ ही देश की उन्नति और प्रगति में भी अपना अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में बिना खर्ची-पर्ची के युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मुहैया करवा रहे हैं। इससे प्रदेश में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। पहले की सरकारों में युवा वर्ग नौकरी पाने के लिए खर्ची लेकर नेताओं के पीछे पर्ची पाने के लिए लगे होते थे और अब पढ़ाई के लिए कोचिंग सेंटर पर पढ़ाई कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सभी विधानसभाओं का समान रूप से विकास करवा रहे हैं। लाडवा विधानसभा में चार गुणा गति से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में पहले की सरकारों में क्षेत्र और जाति को देखकर काम होते रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रवाद, जातिवाद को तो खत्म किया ही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को लाडवा की ग्रामीण सीट से चुनाव लड़वाकर ग्रामीण विकास को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि इस सोच से देश, प्रदेश व ग्रामीण क्षेत्र को विकसित करने में गति मिली है। ऐसी योजनाओं से ही वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई है। इन योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता लगातार काम कर रहे हैं और जरूरतमंदों व योग्य पात्रों का उन योजनाओं में आवेदन करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने चुनाव के दौरान महिलाओं को किए वादे को पूरा करते हुए दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू किया और इस योजना की पांच किस्तों को महिलाओं के खातों में पहुंचाया जा चुका है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने मांगा प्रतिनियुक्ति हेतु एचसीएस अधिकारियों का पैनल

चंडीगढ़, 01अप्रैल— हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने के इच्छुक हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों से सहमति मांगी है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है।

जारी पत्र के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने  हरियाणा सरकार से एचसीएस (कार्यकारी शाखा) के ऐसे अधिकारियों का पैनल भेजने का अनुरोध किया है, जिनकी सेवा में कम से कम पांच वर्ष की वरिष्ठता हो और जो चंडीगढ़ प्रशासन में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने के इच्छुक हों।

इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा उपयुक्त वरिष्ठता वाले तीन एचसीएस अधिकारियों का पैनल तैयार किया जाना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अपनी सहमति भेजने को कहा गया है।

इच्छुक अधिकारी पत्र जारी होने की तिथि से 10 कार्य दिवस के भीतर अपनी सहमति विभाग को ई-मेल supservices2.cso@hry.gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं — ए. श्रीनिवास

चंडीगढ़, 1 अप्रैल— हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 15 मार्च, 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव तथा 6 राज्यों में उपचुनाव की घोषणा के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का आवंटन एक पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत दो चरणों में रैंडमाइजेशन के माध्यम से किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को मशीनों का आवंटन किया जाता है, जबकि दूसरे चरण में विधानसभा क्षेत्र स्तर से मतदान केंद्रों को मशीनें आवंटित की जाती हैं।

उन्होंने आगे बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पहला रैंडमाइजेशन जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न किया गया। इस प्रक्रिया के तहत लगभग 8.85 लाख ईवीएम यूनिट्स (बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट एवं वीवीपैट) चुनावों में उपयोग के लिए आवंटित की गईं।

श्री श्रीनिवास ने बताया कि दूसरा रैंडमाइजेशन रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से असम, केरल एवं पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा गोवा, कर्नाटक, नागालैंड एवं त्रिपुरा में 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले उपचुनावों के लिए सम्पन्न किया जा चुका है। यह प्रक्रिया भी सभी प्रत्याशियों की उपस्थिति में पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई।

उन्होंने कहा कि पहले एवं दूसरे रैंडमाइजेशन के तहत आवंटित ईवीएम एवं वीवीपैट की सूची सभी प्रत्याशियों के साथ साझा की जाएगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हो सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि तमिलनाडु एवं पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा शेष 2 राज्यों में उपचुनावों के लिए दूसरा रैंडमाइजेशन उम्मीदवारों द्वारा नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद नियमानुसार किया जाएगा

यू.एच.बी.वी.एन पंचकूला जोन के उपभोक्ताओं की अप्रैल माह में चार दिन करेगा शिकायतों का निवारण

06, 13, 20 और 27 अप्रैल को विद्युत सदन, पंचकूला में की जाएगी सुनवाई

1 से 3 लाख रुपये तक के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की मंच करेगा सुनवाई

चंडीगढ़, 01 अप्रैल – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।

उक्त जानकारी देते हुए बिजली निगम के प्रवक्ता ने बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिले कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 06, 13, 20 और 27 अप्रैल को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच द्वारा पंचकूला में समाधान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से सम्बंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, ख़राब हुए मीटरों से सम्बंधित मामलों, वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान बिजली चोरी, बिजली के दुरूप्योग और घातक गैर-घातक दुर्घटना आदि मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष पेंडिंग (लंबित) नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के 06, 13, 20 और 27 अप्रैल को यू.एच.बी.वी.एन के मुख्यालय, विद्युत सदन, इंडस्ट्रियल प्लाट-3 और 4, सेक्टर-14, पंचकूला में प्रातः 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होने वाली कार्यवाही में सम्मिलित होकर अपनी समस्याओं का समाधान करवाएं। निगम प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को निरंतर एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है।

खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर ने सोहना की अनाज मंडी का किया निरीक्षण

किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता, हरियाणा सरकार ने फसल बिक्री में सुनिश्चित की सुगम व्यवस्था – राजेश नागर

चंडीगढ़, 01 अप्रैल- हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि उनकी उपज का समय पर और सरल तरीके से उठान सुनिश्चित किया जा सके।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री राजेश नागर बुधवार को गुरूग्राम जिला के सोहना अनाज मंडी का निरीक्षण करने उपरांत बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने आढ़तियों और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानीं।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों के लिए स्थापित हेल्प डेस्क पर दी जा रही सेवाओं, एंट्री गेट व मुख्य द्वार पर बनाए गए कक्ष, आढ़तियों के पास बारदाने की उपलब्धता तथा शिकायत रजिस्टर का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। श्री नागर ने मंडी में आने वाले किसानों के लिए अटल कैंटीन में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की भी जानकारी ली और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्न खरीद प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वर्तमान में संचालित ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया गया है, जिसमें कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री के लिए लाई जाने वाली गेहूं की आवक के समय, संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सहित फोटो कैप्चर किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

हरियाणा सरकार ने लगाए तीन जिलों के प्रभारी अधिकारी

चंडीगढ़, 01 अप्रैल–हरियाणा सरकार ने यमुनानगर, हांसी और रेवाड़ी जिलों के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए हैं।

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशानुसार, ‘सभी के लिए आवास’ विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन को यमुनानगर; खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन को हांसी और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा को रेवाड़ी जिले का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रभारी अधिकारी को तिमाही रिपोर्ट मॉनिटरिंग एवं कोऑर्डिनेशन सेल को भेजनी होगी, जिसमें 25 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति, अपराधों व जघन्य अपराधों की स्थिति, सतर्कता संबंधी मामले, सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं की डिलीवरी व्यवस्था तथा स्वास्थ्य, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा शामिल होगी।

इसके अतिरिक्त, वे सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में संवाद करेंगे तथा समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग से संबंधित किसी एक महत्वपूर्ण स्थल का निरीक्षण भी करेंगे।

हरियाणा सरकार किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए पूरी तरह से है प्रतिबद्ध

चालू वर्ष के लिए सूरजमुखी के बीज का एमएसपी है 7721 रुपये प्रति क्विंटल

चंडीगढ़, 1 अप्रैल – हैफेड ने 1 अप्रैल, 2026 को एक प्रमुख राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में प्रकाशित उस समाचार को गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है, जिसमें हैफेड द्वारा जारी खरीद संबंधी निर्देशों में सूरजमुखी के बीज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का गलत उल्लेख किया गया था।

आज यहां यह बताते हुए हैफेड के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि खरीद संबंधी निर्देश हैफेड द्वारा दिनांक 19 मार्च 2026 के पत्र के माध्यम से जारी किए गए थे, जिसमें सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सही उल्लेख किया गया था। हालांकि, एक अनजाने लिपिकीय त्रुटि के कारण सूरजमुखी के बीज का एमएसपी चालू वर्ष के एमएसपी के बजाय गलती से 6540 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज कर दिया गया था। उक्त त्रुटि को बाद में ध्यान में लाया गया और सुधारा गया। संशोधित निर्देश पूर्व निर्देशों के स्थान पर 29 मार्च 2026 को ही जारी कर दिए गए थे, जिसमें चालू वर्ष के सूरजमुखी के बीज का सही एमएसपी यानी 7721 रुपये प्रति क्विंटल शामिल किया गया था। संशोधित निर्देशों की सूचना सभी संबंधित पक्षों को यह बताना महत्वपूर्ण है कि समाचार रिपोर्ट में केवल प्रारंभिक निर्देशों का उल्लेख किया गया है और पहले से जारी किए गए संशोधित निर्देशों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है, जिससे एक अधूरे और भ्रामक तथ्य़ प्रस्तुत किए हैं।

इसके अलावा समाचार में कुरुक्षेत्र स्थित हैफेड के जिला प्रबंधक के हवाले से एक बयान दिया गया है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पत्रकार ने संबंधित जिला प्रबंधक से संपर्क नहीं किया है और उनके हवाले से दिया गया बयान गलत और अनधिकृत है। इस तरह की रिपोर्टिंग से न केवल हैफेड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, बल्कि किसानों के बीच अनावश्यक भ्रम भी पैदा हो सकता है।

प्रवक्ता ने कहा कि सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है  और हरियाणा में राज्य की खरीद एजेंसियों, जिनमें हैफेड भी शामिल है, द्वारा अधिसूचित एमएसपी पर ही खरीद की जाती है। राज्य सरकार किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों की व्यवसायिक क्षमताओं, प्रशासनिक दक्षता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा मुख्य ध्येय

चण्डीगढ, 1 अप्रैल-  आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग हरियाणा के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने कहा कि अधिकारियों की व्यवसायिक क्षमताओं, प्रशासनिक दक्षता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए समय समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए ताकि   शासन में आंकड़ों और प्रौद्योगिकी का बेहतर उपयोग किया जा सकें।

निदेशक श्री मनोज कुमार गोयल आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग द्वारा सांख्यिकीय सुदृढ़िकरण सहायता उप-योजना के अन्तर्गत क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, सैक्टर-1, पंचकूला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग के 30 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य विषय आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना रहा।

वित्त एवं योजना विभाग के विशेष सचिव डॉ० जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट लीडरशिप क्वालिटी, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के विषय पर सरकारी विभागों में नीति निर्माण, निगरानी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग और ए०आई० का जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग पर करना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो अधिकारियों के लिए कुशल सार्वजनिक सेवा वितरण और व्यावसायिक विकास के लिए आवश्यक है। सरकारी कर्मचारियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सेवा नियमों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक प्रथाओं का संक्षिप्त विवरण भी प्रशिक्षण में प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में ज्ञान सांझा करने और क्षमता निर्माण के लिए एक उपयोगी मंच मिला, जिससे अधिक प्रभावी और डेटा आधारित शासन के लिए मानव संसाधनों को मजबूत करने में योगदान मिलेगा। इसके अलावा प्रतिभागियों को सेवा सम्बन्धी मामलों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में उनके व्यवहारिक अनुप्रयोग को समझने में भी सहायता मिली। प्रशिक्षण में डिजिटल सहायक त्वरित प्रशासन के लिए जनरेटिव ए०आई० का उपयोग शीर्षक से एक तकनीकी सत्र संचालित किया गया। सत्र में प्रतिभागियों को प्रशासनिक कार्यों में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस उपकरणों के उपयोग से अवगत करवाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में सजगता तनाव प्रबंधन के लिए तकनीक, भोजन, योगासन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता विषय पर कार्यस्थल के तनाव को प्रबंधित करने और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सजगता, स्वस्थ जीवनशैली और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रकाश डाला गया, जो अंततः उत्पादकता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार प्रक्रिया में योगदान देगा।

कार्यक्रम में शिक्षाविद प्रेरक वक्ता सुश्री प्रियंका पुनिया, सेवानिवृत मुख्य लेखा अधिकारी वी०के० धमिजा, युवा पेशेवर डॉ० रूदिता गोयल, सुश्री प्रियंका पुनिया ने भी अलग अलग विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिरिक्त निदेशक आर०के० मोर ने वक्ताओं के बहुमूल्य योगदान और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी पर आभार जताया।

हरियाणा को जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम

100 करोड़ रुपये के बीज प्रावधान के साथ ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड’ की स्थापना का प्रस्ताव— राव नरबीर सिंह

मसानी बैराज और यमुना शुद्धिकरण के लिए भी ठोस पहल

चंडीगढ़, 1 अप्रैल— हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा को जलवायु-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठा रही है।  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट अभिभाषण में ₹100 करोड़ के सीड प्रावधान के साथ “हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड” की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यह फंड राज्य में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरित करण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर वायु और जल प्रदूषण को संतुलित करना तथा वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप हरियाणा को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-संतुलित राज्य बनाना है।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार केवल नीतिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के धारूहेड़ा क्षेत्र से रेवाड़ी जिले के मसानी बैराज में आने वाले दूषित पानी की समस्या को गंभीरता से लिया गया है, जिससे आसपास के 16 से 17 गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।

उन्होंने बताया कि इस पानी में रासायनिक अपशिष्ट की अधिकता के कारण भूमि की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंचाई विभाग को व्यापक और व्यावहारिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मसानी बैराज में पानी का प्रवाह प्राकृतिक है, जिसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। ऐसे में एक समग्र समाधान के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जुड़ी परियोजना तैयार की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹150 करोड़ होगी। इस परियोजना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा ₹100 करोड़ तथा हरियाणा और राजस्थान सरकार द्वारा ₹25-25 करोड़ का योगदान किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार 313 किलोमीटर लंबाई की यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक विशेष मिशन शुरू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। यह मिशन मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में संचालित होगा, जिसके तहत मल-जल शोधन क्षमता में वृद्धि, अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह पर रोक, औद्योगिक इकाइयों की वास्तविक समय निगरानी, नदी तटों का संरक्षण, हरित पट्टी विकास तथा भू-जल पुनर्भरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के दौरान यमुना में गिरने वाले सभी नालों के जल का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

राव नरबीर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी पहलों से हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश सतत एवं हरित विकास की ओर तेजी से अग्रसर होगा।

विकास मलिक

विकास मलिक 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विकास मलिक ने इंडिया न्यूज, इंडिया न्यूज़ हरियाणा, साधना न्यूज, एमएचवन न्यूज, खबरें अभी तक, न्यूज नेशन, लीविंग इंडिया न्यूज़ समेत कई बड़े चैनल्स में काम किया है। विकास मलिक अभी जिओ हॉटस्टार में हरियाणावी कमेंट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं और साथ में अपनी खुद की वेबसाइट चला रहे है। इनकी कंटेंट से लेकर खेल और राजनीति के साथ हरियाणा पर गहरी पकड़ है।

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