
Haryana News: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार प्रदेशभर की अनाज मंडियों का दौरा कर रहे हैं। आज उन्होंने पीपली मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत की व उनकी समस्याओं को सुना। और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियो को फोन व मौके पर सम्बंधित मौजूद अधिकारियो को निर्देश दिए। किसानों ने हुड्डा को बताया कि सुचारू रूप से खरीद नहीं होने और नई-नई शर्तों के चलते उन्हें भारी परेशानी हो रही है। क्योंकि सरकार गेहूं और सरसों की खरीद करने की बजाय किसानों पर एक के बाद एक अजीबो-गरीब शर्तें थोप रही है।
इस मौके पर करनाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हुड्डा ने बताया कि उन्होंने सांपला से मंडियों के दौरे की शुरुआत की और उसके बाद नारायणगढ़, साढ़ोरा ,बराड़ा अंबाला मंडी,पिपली मंडी और करनाल मंडी गए में गए। हर जगह यही शिकायत सुनने को मिली कि बीजेपी द्वारा पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की शर्त थोपी गई और फिर गेट पास, उसके बाद बायोमेट्रिक, ट्रेक्टर नंबर, वेरिफिकेशन और गारंटर जैसी अनगिनत शर्तें थोप दी गईं। कुल मिलाकर अपनी मेहनत से देश का पेट पालने वाले किसानों से मंडी में अपराधियों की तरह बर्ताव किया जा रहा है। मानो वो फसल लेकर नहीं, कोई गैर-कानूनी सामान लेकर आए हों।

सरकार द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है कि किसानों को फालतू की प्रक्रियाओं में उलझाकर रखा जाए ताकि उनकी फसल ना खरीदनी पड़े। यही वजह है कि मंडी में फसल की आवक जोरों पर है, लेकिन खरीद नहीं हो रही है। जबकि सरकार ने 1 तारीख से खरीद का दावा किया था। लेकिन आज भी किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। खरीद होती है तो उठान नहीं होता, उठान होता है तो भुगतान नहीं होता। किसानों ने यहां तक बताया है कि उनकी अबतक धान की भी पेमेंट नहीं हुई है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुरुक्षेत्र व करनाल के आधा दर्जन गांवों के नाम बताते हुए कहा कि इलाके में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। कुरुक्षेत्र व करनाल समेत पूरे हरियाणा में यही स्थिति है। इसलिए सरकार को तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। साथ ही इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार को एमएसपी पर बोनस देना चाहिए, जैसे कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बोनस दिया गया था।
हुड्डा ने कहा कि पिछले सीजन में सरकार ने धान खरीद में घोटाला किया, फिर आलू खरीद में और अब गेहूं व सरसों में भी ऐसी ही साजिशें नजर आ रही हैं। यानी बीजेपी सरकार किसानों को लूटने का एक भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती।
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