
Haryana news: मनीष आहूजा, ब्यूरो चीफ, नूंह। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-चेयरमैन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), नूंह डॉ. सुशील कुमार गर्ग के निर्देशानुसार तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नूंह नेहा गुप्ता की देखरेख में आज एडीआर (ADR) केंद्र में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में आशा वर्कर्स, सरपंच, अधिवक्ता तथा पारा लीगल वालंटियर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान करना था। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व के बारे में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया, ताकि मातृ मृत्यु दर को कम किया जा सके और प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो सकें।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नूंह नेहा गुप्ता, शक्ति वाहिनी (एनजीओ) से सुरेंद्र रावत तथा महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी मधु जैन ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। वक्ताओं ने प्रतिभागियों को संबंधित कानूनों की सरल एवं प्रभावी जानकारी दी और उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में कुल 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान बाल विवाह निषेध कानून, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधानों तथा नशा मुक्ति से जुड़े कानूनी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रकार की कार्यशालाओं को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया
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