
Haryana News: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद पूरी तरह से चरमरा गई है। 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने के बावजूद मंडियों में हालात इतने खराब हैं कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार और एजेंसियां पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं।
अनुराग ढांडा ने कहा कि सिर्फ दो दिनों में प्रदेश की मंडियों में करीब 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन सरकारी खरीद 3 प्रतिशत के आसपास सिमट कर रह गई है। कई जिलों में तो हालात ऐसे हैं कि मंडियों में फसल पहुंचने के बावजूद खरीद शुरू ही नहीं हुई। नमी का बहाना बनाकर किसानों को वापस लौटा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि किसानों के साथ सीधा अन्याय है। एक तरफ किसान कड़ी मेहनत के बाद फसल लेकर मंडी पहुंच रहा है, दूसरी तरफ सरकार उसकी फसल लेने से बचने के बहाने ढूंढ रही है।
अनुराग ढांडा ने बताया कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 1280 किसानों का 38,877 एकड़ जमीन का डेटा मिसमैच है, जिसके कारण ये किसान अपनी फसल बेच ही नहीं पा रहे। अकेले मेवात में करीब 19,923 एकड़ फसल का डेटा गड़बड़ है। यह सीधे-सीधे प्रशासनिक विफलता और किसानों के साथ अन्याय है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि मंडियों में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था भी पूरी तरह फेल है। एक किसान को वेरिफिकेशन में 15-20 मिनट तक का समय लग रहा है, कई जगह अंगूठा मैच नहीं हो रहा और कई जगह सर्वर ठप्प पड़े हैं। दादरी, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक जैसे जिलों में अभी तक 20-30 प्रतिशत वेरिफिकेशन ही हो पाया है।
उन्होंने कहा कि मंडियों में न पीने के पानी की व्यवस्था है, न सफाई, न पर्याप्त बारदाना, न लेबर और न ही तकनीकी सुविधाएं। किसान सुबह 5 बजे से लाइन में खड़ा रहता है, लेकिन शाम तक उसकी फसल नहीं खरीदी जाती।
अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि “इतनी खराब व्यवस्था तो शायद स्कूल-कॉलेज के बच्चे भी नहीं करते। पूरी सरकार और प्रशासन लगे होने के बावजूद अगर खरीद नहीं हो पा रही तो यह सीएम की सीधी नाकामी है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रिकॉर्ड किसान विरोधी रहा है और इस बार भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है। पहले सरसों की खरीद में किसानों को परेशान किया गया और अब गेहूं में भी वही खेल खेला जा रहा है।

अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि जब पोर्टल काम नहीं कर रहा, बारदाना उपलब्ध नहीं है, लेबर नहीं है, पानी और सफाई नहीं है, तो सरकार आखिर खरीद करने निकली ही क्यों है? यह सिर्फ किसानों को गुमराह करने और MSP के नाम पर दिखावा करने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि पहले मौसम की मार से किसान परेशान है, कई जगह ओलावृष्टि और आंधी से फसल खराब हुई, ऊपर से सरकार की नीतियों ने उसकी कमर तोड़ दी। जिन किसानों की फसल बची है, उन्हें भी बेचने नहीं दिया जा रहा।
अनुराग ढांडा ने मांग की कि सरकार तुरंत सभी मंडियों में व्यवस्था दुरुस्त करे, पोर्टल और बायोमेट्रिक सिस्टम ठीक करे, पर्याप्त बारदाना और लेबर उपलब्ध कराए और MSP पर तुरंत खरीद सुनिश्चित करे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों के साथ यह अन्याय बंद नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी और भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों को पूरे प्रदेश के सामने उजागर करेगी।
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