Hansi Hisar News: हांसी और हिसार की 21 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
Hansi Hisar News: हांसी और हिसार की 21 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में

Hansi Hisar News: हांसी और हिसार की 21 अक्टूबर 2025 की बड़ी खबरें, पढ़िए एक क्लिक में
राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती
31 अक्टूबर को जिला स्तर पर होगा ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन
हिसार, 21 अक्टूबर।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर आगामी 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में युवा हिस्सा लेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता द्वारा सभी उपायुक्तों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत अधिकारियों की बैठक में डीसी अनीश यादव ने यह जानकारी दी। उन्होंने खेल विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को 31 अक्टूबर को सुबह 7 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस पर रन फॉर यूनिटी के आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
रन फॉर यूनिटी के लिए हांसी के एसडीएम राजेश खोथ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 अक्टूबर की सुबह 7 बजे हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय परिसर से आरंभ होने वाली रन फॉर यूनिटी के लिए सुरक्षित व व्यवस्थित रूट प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इस दौड़ में किसी प्रकार की प्रतियोगिता नहीं होगी । इसका उद्देश्य केवल राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी खिलाड़ी, स्कूलों के विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक संगठन और आम नागरिक रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढक़र भाग लें। यह दौड़ हमारी राष्ट्र की एकता, अखंडता और अटूट संकल्प का प्रतीक बनेगी। प्रतिभागियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा व अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस अवसर पर हांसी एसडीएम राजेश खोथ, डीआईओ दीपक भारद्वाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस शहीद स्मृति दिवस पर शहीदो को किया नमन,
हरियाणा पुलिस बल देश में अग्रणी इस पर हमें गर्व है,
शहीद जवानों की शहादत एवं वीरगति को कभी भुलाया नहीं जा सकता- पुलिस अधीक्षक हांसी श्री अमित यशवर्धन आईपीएस
जिला पुलिस लाइन, हांसी में हर वर्ष की भांति 21 अक्टूबर को पुलिस शहीदी स्मृति दिवस मनाया गया।
एक वर्ष की अवधि में देश भर के 191 जवानों ने देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दी शहादत
अपने कर्तव्य/ड्यूटी के दौरान अपनी शाहदत देने वाले पुलिस के शहीद जवानों को याद किया गया व शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र व पुष्प माला अर्पित कर उन्हें दी गई श्रद्धांजलि।
इस अवसर शहीद परिवारों को किया गया सम्मानित।
पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस बल के शहीद हुए जवानो को याद किया गया।
हांसी पुलिस लाइन मे आयोजित मुख्य कार्यक्रम मे देशभर के पुलिस संगठन से शहीद हुए नायको के नाम पढे गये उन्हे श्रद्धा से याद किया व सलामी दी गई।
शहीदो के सम्मान मे दो मिनट का मौन रखा गया
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक हांसी श्री अमित यशवर्धन आईपीएस ने केन्द्रीय पुलिस संगठनों और पुलिस बलों के शहीद जवानो को पुष्पांजलि अर्पित की
पुलिस अधीक्षक महोदय ने अपने संबोधन मे कहा कि देश के लिये अपना फर्ज अदा करते हुये अपने प्राणो की आहुति देने वाले वीर जवानो को काल की परिधि मे नही बाँधा जा सकता, वे अमरत्व को प्राप्त हो जाते है।
ऐसे कर्तव्यपरायण वीर जवान हमारे प्रेरणास्त्रोत है।
उन्होंने हरियाणा पुलिस के शहीद जवानो को याद किया व उनके परिवार से आये सदस्यो को सम्मानित करते हुए उपहार भेंट किए।

इस अवसर पुलिस अधीक्षक महोदय ने पुलिस के शहीद हुए परिवार से आए सदस्यो को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि आपसे सम्बन्धित कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा, इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक श्री रविन्द्र सांगवान, श्री विनोद शंकर, श्री देवेंद्र नैन सहित सैंकडो पुलिस अधिकारियो, कर्मचारियो ने सलामी परेड मे भाग लिया व शहीदो को पुष्प अर्पित किए।
1. पुलिस जिला हाँसी में जन्में वीर सिपाही जस्सा राम जिनका जन्म दिनांक 05.01.1955 को भाटोल गांव की पावन भूमि पर हुआ था। जो 10वी कक्षा पास करके दिनांक 13.09.1976 को पुलिस विभाग में सिपाही भर्ती हुए थे। जिन्होने अपने जीवन के 11 वर्ष अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पुरी ईमानदारी और निष्ठा से हरियाणा पुलिस में रहते हुए समाज कि सेवा मे लगाये। दिनांक 07.07.1987 को सांय करीब 07.10 PM पर हरियाणा राज्य परिवहन की दो बसे जिनमे से एक बस सिरसा से हिसार व एक बस दिल्ली से सिरसा की ओर जा रही थी तब जी.टी. रोड दरियापुर के पास दोनो बसो को 4 उग्रवादियो ने रुकवाकर उसमे लूटपाट की व अंधाधूंध गोलियां चलाकर 36 निर्दोष लोगो की हत्या कर दी। इन बसो मे से एक बस मे सिपाही जस्सा राम भी सवार था जिसने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक उग्रवादी को दबोच लिया लेकिन दूसरे उग्रवादी ने सिपाही जस्सा राम पर अंधाधुंध गोलिया चलाकर उनको मौत के घाट उतार दिया। सिपाही जस्सा राम ड्युटी के दौरान लोगो की सुरक्षा मे अपनी जान की परवाह न करते हुए बहादुरी का परिचय देते हुए शहीद हुए है।
2. पुलिस जिला हाँसी में जन्में सिपाही टेकराम जिनका जन्म दिनांक 03.04.1962 को चानौत गांव की पावन भूमि पर हुआ था। इनके अन्दर शुरु से ही देशभक्ति का जज्बा था। अपनी खुद की लगन व मेहनत से सिपाही टेकराम भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। इसके बाद भारतीय सेना से सेवानिवृत होने पर दिनांक 30.01.1999 को हरियाणा पुलिस विभाग मे सिपाही भर्ती हुए। दिनांक 04.02.2002 को गांव बागनवाला थाना तोशाम मे कानून एवं व्यवस्था ड्युटी हेतु सिपाही टेकराम को टीम के साथ तैनात किया गया था वहां भीड द्वारा पुलिस के जवानो पर पथराव किया गया था जिसमे सिपाही टेकराम को पत्थरो से काफी चौटे लगी जिस कारण से सिपाही टेकराम शहादत को प्राप्त हो गये थे।
3. हमारे पुलिस जिला के गांव खांडा खेडी में जन्मे उप निरीक्षक दीन दयाल नं. 819/जींद जो जिला जींद में ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यो का निर्वहन करते हुए दिनांक 05.05.2021 को कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
4. हमारे पुलिस जिला के गांव लोहारी राघो मे जन्मे सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र कुमार 67/नूंह पुलिस लाईन रोहतक में ड्युटी पर तैनात थे जो अपने कर्तव्य को निर्वहन करते हुए दिनांक 12.06.2021 को कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण बीमार पड गये और जिनका दिनांक 03.07.2021 को ईलाज के दौरान ओ.पी. जिंदल हिसार में कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
5. हमारे पुलिस जिला के गांव ढांणा कलां मे जन्मे सिपाही प्रदीप कुमार नं. 4/05 जो चतुर्थ वाहिनी मधुबन मे ड्युटी के दौरान अपने कर्तव्यो का निर्वहन करते हुए दिनांक 01.05.2021 को कोविड-19 के संक्रमण के कारण स्वर्गवास हो गया।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने शहीद हुए 5 शहीदों के परिजनो को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
हर वर्ष 21 अक्टूबर पुलिस के शहीदो की स्मृति दिवस के रुप मे मनाया जाता है।
इस दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 से शुरु हुआ, जब भारतीय पुलिस बल का एक दल लद्दाख क्षेत्र में राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात किया गया था। अपनी मात्रभूमि की रक्षा मे तैनात व किसी भी हमले की आशंका से बेखबर इन जवानो पर पहाड़ियों में घात लगाए बैठे चीनी सैनिकों ने एकाएक हमला कर दिया था। अचानक हुए हमले व चीनी सैनिको के दुस्साहस का मुहतोड़ जवाब देते हुए 10 सीआरपीएफ जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया व दुश्मन सेना को भारी क्षती पहुंचाई। दुश्मन सेना की संख्या कई गुणा अधिक होने पर भी वीरता से लडते हुये अपने प्राणो की आहूति दी थी। तभी से यह दिन पुलिस जवानो के सौर्य व बलिदान की याद में केन्द्रीय पुलिस संगठनों और पुलिस बलों द्वारा शहीद स्मृति दिवस के रुप मे मनाया जाता है।







