Vaibhav Suryavanshi: ‘वह अभी बच्चा है’… 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए BCCI का बड़ा फैसला
Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अपने खेल से जो छाप छोड़ी है, उसने BCCI को भी अपने नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अपने खेल से जो छाप छोड़ी है, उसने BCCI को भी अपने नियमों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक Historic Decision लिया है, जिसके तहत युवा वैभव के साथ उनके माता-पिता भी इंग्लैंड जाएंगे।
BCCI का मानवीय दृष्टिकोण: ‘International Cricket Pressure’ से बचाव
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि वैभव अभी नाबालिग (minor) हैं और उनके लिए यह बड़ा बदलाव है। सैकिया ने बताया, “वह अभी बहुत छोटा बच्चा है। अंडर-19 स्तर पर वह अपने हमउम्र खिलाड़ियों के साथ यात्रा करता रहा है, लेकिन सीनियर टीम का माहौल बिल्कुल अलग होता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का भारी दबाव (International Cricket Pressure) और विदेशी परिस्थितियां उसके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। ऐसे में उसे मानसिक सपोर्ट देने के लिए परिवार का साथ होना बेहद जरूरी है।”

यह सुविधा आमतौर पर सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिलती, लेकिन वैभव की उम्र और प्रतिभा को देखते हुए इसे एक अपवाद के रूप में देखा जा रहा है। बोर्ड का यह कदम साबित करता है कि वे अपने इस Wonderkid की प्रतिभा को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।
IPL 2026 में मचाया कोहराम
वैभव का यह साल एक Dream Run जैसा रहा है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के लिए खेलते हुए साबित किया कि वे भविष्य के बड़े सुपरस्टार हैं।
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IPL 2026 के आंकड़े: 16 मैचों में 776 रन।
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Strike Rate: 237.30 का विस्फोटक स्ट्राइक रेट।
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Most Valuable Player: ऑरेंज कैप के साथ-साथ उन्हें इस सीजन का सबसे ‘वैल्यूएबल प्लेयर’ चुना गया।
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने उनकी जमकर तारीफ करते हुए कहा, “उसने अपने खेल से हमें मजबूर कर दिया कि हम उसे टीम में शामिल करें। वह न केवल एक Game Changer है, बल्कि बड़ी पारियां खेलने में भी सक्षम है। हमें उससे भविष्य में काफी उम्मीदें हैं।”
वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक पारी का जादू
वैभव सूर्यवंशी का नाम तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की यादगार पारी खेली थी। उनकी उस बल्लेबाजी ने दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों को हिलाकर रख दिया था। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 15 वर्षीय Big Match Player इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण पिचों पर भी अपनी लय बरकरार रख पाएगा।
फिलहाल वैभव श्रीलंका में इंडिया-ए टीम के साथ त्रिकोणीय सीरीज खेल रहे हैं। उनका यह सफर भारतीय क्रिकेट की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है। BCCI का यह फैसला न केवल एक खिलाड़ी के लिए, बल्कि एक बच्चे के विकास के लिए एक मिसाल बनेगा।
क्या आपको लगता है कि 15 साल की उम्र में वैभव को सीनियर टीम में मौका देना सही है? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।”
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