MWB News: देश की पहली पत्रकारों को कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराने वाली एसोसिएशन एमडब्ल्यूबी
MWB News: बदलते दौर में पत्रकारिता केवल खबरों के संकलन और प्रसारण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी संरक्षण और तकनीकी दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।

MWB News: बदलते दौर में पत्रकारिता केवल खबरों के संकलन और प्रसारण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी संरक्षण और तकनीकी दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) पिछले कुछ वर्षों में पत्रकार कल्याण के क्षेत्र में एक मजबूत और प्रभावशाली संगठन के रूप में उभरी है। संगठन ने पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा तकनीकी प्रशिक्षण को लेकर कई ऐसी पहल की हैं, जिन्हें पत्रकार समुदाय में व्यापक सराहना मिल रही है।
उत्तर भारत स्तर पर कार्यरत एमडब्ल्यूबी का नेतृत्व अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी कर रहे हैं। उनके साथ महासचिव सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश उप्पल, उपाध्यक्ष संजय भूटानी, भुवनेश झंडई और डॉ. अनिल दत्ता संगठन को नई दिशा देने में जुटे हैं। संगठन के कोषाध्यक्ष तरुण कपूर तथा संगठन सचिव मेवा सिंह राणा विभिन्न गतिविधियों के संचालन और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पत्रकारों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता
एमडब्ल्यूबी की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण उपलब्धियों में पत्रकारों के लिए कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना शामिल है। संगठन का दावा है कि वह देश की पहली ऐसी संस्था है जिसने पत्रकारों को व्यवस्थित रूप से कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराने की पहल की। इस योजना का उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा खर्चों के दौरान आर्थिक बोझ को कम करना है। संस्था के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए संस्थापक सदस्यों को परिवार सहित कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा प्रदान की गई है। इसके अलावा भविष्य में उन सदस्यों को भी इस सुविधा से जोड़ने की योजना बनाई गई है जो संगठनात्मक कार्यक्रमों में 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

बीमा योजनाओं से मिल रहा सुरक्षा कवच
पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आर्थिक सुरक्षा की कमी रही है। इसे ध्यान में रखते हुए एमडब्ल्यूबी ने अपने सदस्यों को 10 लाख रुपये की टर्म इंश्योरेंस तथा 10 लाख रुपये की एक्सीडेंटल इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराने का अभियान चलाया है। संगठन का दावा है कि सैकड़ों पत्रकारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है।
टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी किसी सदस्य की असामयिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जबकि एक्सीडेंटल इंश्योरेंस दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। संगठन का मानना है कि पत्रकार अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, ऐसे में यह सुरक्षा उनके और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कैमरामैनों को भी मिला सुरक्षा का लाभ
पत्रकारिता के क्षेत्र में कैमरामैनों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी रिपोर्टरों की। एमडब्ल्यूबी ने इस वर्ग की जरूरतों को समझते हुए पहली बार कैमरामैन पत्रकारों को भी 10-10 लाख रुपये की एक्सीडेंटल इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके लिए एक अलग कैमरामैन समिति का गठन किया गया है, जिसके संयोजक वरिष्ठ पत्रकार संजय सिंह को नियुक्त किया गया है।
संगठन का मानना है कि समाचार संकलन के दौरान कैमरामैनों को भी कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
मुफ्त कानूनी सहायता की व्यवस्था
पत्रकारों को कई बार अपने पेशेगत दायित्वों के निर्वहन के दौरान कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस आवश्यकता को देखते हुए एमडब्ल्यूबी ने एक मजबूत लीगल सेल का गठन किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कौशिक को लीगल सेल का चेयरमैन तथा वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश सिरोही को उत्तर भारत का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया है।
संगठन के माध्यम से पत्रकारों को आवश्यकता पड़ने पर मुफ्त कानूनी परामर्श और सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। इससे पत्रकारों को अपने पेशेगत कार्यों के दौरान आने वाली कानूनी जटिलताओं से निपटने में मदद मिलती है।
पत्रकारिता में एआई युग की शुरुआत
डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एमडब्ल्यूबी ने पत्रकारों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा समाचार संकलन, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण में नई तकनीकों के उपयोग के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ पंचकूला में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण द्वारा किया गया था। संगठन अब हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में एआई प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पत्रकारों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
कई राज्यों में फैल रहा संगठन
एमडब्ल्यूबी का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में संगठन की इकाइयां दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक पहुंच चुकी हैं। दिल्ली इकाई का नेतृत्व संजीव शर्मा, चंडीगढ़ इकाई का नेतृत्व संजीव महाजन, पंजाब इकाई का नेतृत्व सुमित खन्ना, हिमाचल प्रदेश इकाई का नेतृत्व विशाल सूद तथा जम्मू-कश्मीर इकाई का नेतृत्व मीर आफताब कर रहे हैं।
एसोसिएशन अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी का कहना है कि आने वाले समय में उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी इकाइयों का गठन कर पत्रकारों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं का मिला सहयोग
एमडब्ल्यूबी के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन की विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों का सहयोग मिला है। विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा मंत्री अनिल विज के सहयोग को महत्वपूर्ण माना जाता है। संगठन का दावा है कि अनिल विज के सहयोग से पत्रकारों के लिए कैशलेस मेडिकल पॉलिसी लागू करने में मदद मिली, जबकि मनोहर लाल ने विभिन्न मंचों पर संगठन के कार्यों की सराहना की।
इसके अतिरिक्त हरियाणा के कई वरिष्ठ मंत्री, पूर्व मंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष भी संगठन के प्रयासों की प्रशंसा कर चुके हैं।
पत्रकारों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र
पिछले पांच वर्षों से संगठन पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा, जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, कानूनी सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा जैसी अनेक योजनाओं ने एमडब्ल्यूबी को पत्रकारों के बीच एक भरोसेमंद मंच के रूप में स्थापित किया है। संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनके पेशेगत जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है। इसी सोच के साथ एमडब्ल्यूबी उत्तर भारत में तेजी से अपने कदम बढ़ा रही है। पत्रकार समुदाय का मानना है कि यदि इसी प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं आगे भी संचालित होती रहीं तो पत्रकारों और उनके परिवारों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि बदलते समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध होगा। यही कारण है कि मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन आज पत्रकार कल्याण के क्षेत्र में एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र और राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही है।
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