
Haryana News: 2047 के विकसित भारत में हरियाणा की रहेगी अग्रणी भूमिकाः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
उद्योग और कौशल पर विशेष ध्यान दे रही हरियाणा सरकारः मुख्यमंत्री
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समिट में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की शिरकत
नई दिल्ली, 12 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 2047 के विकसित भारत में हरियाणा की अग्रणी भूमिका रहेगी। इसके लिए हरियाणा निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने विकसित भारत का लक्ष्य देने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक समिट में बोल रहे थे।
इस दौरान संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किसान, महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और गरीब उत्थान के चार स्तंभों पर काम करने क आह्वान किया है। हरियाणा सरकार इन सभी पर तेजी से कार्य कर रही है। आज हरियाणा का किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ प्राकृतिक खेती, बागवानी में बेहतर कार्य कर रही है। हरियाणा सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वन किया जा रहा है। आज महिलाएं कृषि, हैल्थ, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भरपूर योगदान दे रही हैं। प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए स्टार्टअप नीति बनाई है। गरीब उत्थान के लिए मजबूती से कार्य किया जा रहा है। आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, पीएम जनधन खाता योजना, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का क्रियान्वन किया जा रहा है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाओं पर काम करेगा फ्यूचर डिपार्टमेंट
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने फ्यूचर डिपार्टमेंट बनाया है। इसका मकसद है कि आने वाले समय में लंबे समय को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाए ताकि लोगों को कोई परेशानी न आए। हर क्षेत्र में व्यवस्थित विकास सुनिश्चित हो सके। इसी सोच के साथ हरियाणा सरकार विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को शोध के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि विश्वविद्यालयों के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में शोध कर सकें और यह पहचान सकें कि किन-किन क्षेत्रों में क्या समस्याएँ हैं। इसके साथ-साथ इनका समाधान भी निकाल सके। इसी दृष्टि से एक विशेष विभाग फ्यूचर डिपार्टमेंट स्थापित किया गया है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं पर काम करेगा।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में भारत एआई, अनुसंधान और विकास को अपना रहा है। प्रधानमंत्री जी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि नई तकनीकों का अधिकतम उपयोग आम जनता के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हाल ही में आयोजित एआई समिट में भी दुनिया भर से विशेषज्ञ और प्रतिनिधि भारत आए और उन्होंने तकनीक के भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। इसी दिशा में हरियाणा सरकार भी आगे बढ़ रही है। पिछले बजट में यह घोषणा की गई थी कि पंचकूला और गुरुग्राम में दो स्थानों पर एआई हब स्थापित किए जाएंगे। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में चंडीगढ़ में भी एक एआई समिट आयोजित की गई, जिसमें इस क्षेत्र से जुड़े अनेक विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने भाग लिया। एआई हब के लिए अनेक कंपनियों ने रूचि दिखाते हुए प्रस्ताव भी दिए हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ना और उन्हें इस क्षेत्र में कुशल बनाना है, ताकि भविष्य में एआई के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकें।

आईएमटी स्थापित किए जाने को लेकर तेजी से हो रहा काम
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत कनेक्टिविटी है। राज्य में फोर-लेन सड़कें, एक्सप्रेसवे, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी तेजी से विकसित हो रही है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा होने के कारण हरियाणा को अतिरिक्त लाभ मिलता है। पिछले बजट में सरकार ने 10 इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने की घोषणा की थी। इनमें से लगभग छह पर तेजी से काम शुरू हो चुका है, जबकि बाकी चार पर भी जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। इन टाउनशिप का उद्देश्य उद्योगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना है, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां हरियाणा में निवेश कर सकें। सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अपनी औद्योगिक नीतियों को भी मजबूत किया है। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी और सेमीकंडक्टर नीति पर भी काम किया जा रहा है, ताकि हाई-टेक उद्योगों को हरियाणा में स्थापित होने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें। रोजगार के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रोजगार सृजन को लेकर लगातार काम कर रही है। हरियाणा में रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत कृषि क्षेत्र है, इसलिए कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य में लीची, अमरूद, किन्नू और स्ट्रॉबेरी के लिए चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा और किसानों तथा युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उद्योग और कौशल विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं सशक्तिकरण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत हरियाणा में लगभग डेढ़ लाख महिलाएँ इससे जुड़ चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में लगभग तीन लाख महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा। इसके अलावा महिला उद्यमियों को उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार विशेष प्रोत्साहन भी दे रही है। मेक इन इंडिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार भी उद्योग और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी दिशा में पलवल में श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है, जहाँ युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और हरियाणा को विकास के नए आयामों तक पहुँचाया जाए।







