Viral News: रूस का अरबपति, 100 बच्चों का जैविक पिता! पावेल ड्यूरोव को लेकर क्यों मचा है दुनिया भर में हड़कंप?
Viral News: Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव के स्पर्म डोनेशन को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट्स, IVF क्लीनिकों में महिलाओं की लंबी कतारें और अरबपति की अनोखी सोच चर्चा का केंद्र

Viral News: Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव के स्पर्म डोनेशन को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट्स, IVF क्लीनिकों में महिलाओं की लंबी कतारें और अरबपति की अनोखी सोच चर्चा का केंद्र
दुनिया के टेक जगत से जुड़ी एक असाधारण और चौंकाने वाली कहानी इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेशनल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है। रूस के मॉस्को शहर में जन्मे अरबपति और पावेल ड्यूरोव को लेकर दावा किया जा रहा है कि वे अब तक 100 से ज्यादा बच्चों के जैविक पिता बन चुके हैं।
बताया जा रहा है कि यह सब किसी रिश्ते या शादी की वजह से नहीं, बल्कि स्पर्म डोनेशन (शुक्राणु दान) के जरिए हुआ है।
मेडिकल जांच में सामने आई ‘असाधारण रिपोर्ट’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पावेल ड्यूरोव के शुक्राणु की मेडिकल जांच में उसकी गुणवत्ता को “अत्यधिक उच्च स्तर” का बताया गया। कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया कि इस शुक्राणु से जन्म लेने वाले बच्चे सामान्य से कहीं तेज बौद्धिक विकास दिखाते हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावे वैज्ञानिक रूप से पुष्ट नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद यह कहानी दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है।
दोस्त की मदद से शुरू हुआ सफर
ड्यूरोव के मुताबिक, करीब 15 साल पहले उनके एक करीबी दोस्त ने उनसे मदद मांगी थी, जो प्रजनन संबंधी बीमारी के कारण पिता नहीं बन पा रहा था। उसी दौरान ड्यूरोव ने IVF प्रक्रिया के लिए अपना शुक्राणु दान किया।
इसके बाद उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत मदद नहीं, बल्कि “नागरिक कर्तव्य” मानते हुए आगे भी स्पर्म डोनेट करने का फैसला किया।

IVF क्लीनिकों में महिलाओं की लंबी कतारें
जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, रूस ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी IVF क्लीनिकों में पावेल ड्यूरोव के स्पर्म को लेकर मांग तेजी से बढ़ गई।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि उनका शुक्राणु 315 पाउंड (लगभग 33 हजार रुपये) तक में बेचा गया।
हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रूस छोड़ UAE में रह रहे हैं ड्यूरोव
साल 2014 में क्रीमिया और यूक्रेन विवाद के बाद, व्लादिमीर पुतिन सरकार से टकराव के चलते पावेल ड्यूरोव को रूस छोड़ना पड़ा।
वर्तमान में वे संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं और वहीं से Telegram को संचालित कर रहे हैं।
हकीकत या सनसनी?
यह पूरी कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही विवादित भी। कई विशेषज्ञ इसे मीडिया द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई खबर मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आधुनिक तकनीक और सोच का अनोखा उदाहरण बता रहे हैं।
सच जो भी हो, इतना तय है कि पावेल ड्यूरोव का नाम एक बार फिर दुनिया भर में सुर्खियों में है।
नोट: यह खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मेडिकल और वैज्ञानिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



