
Palwal News: मुकेश बघेल, ब्यूरो चीफ, पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में सोमवार को दो दिवसीय साइकोलॉजी कॉन्क्लेव 2026 शुरू हुआ। इसमें मनोविज्ञान क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और विविध आयामों पर चर्चा की। मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप विषय पर आयोजित कार्यशाला में भारतीय मनोविज्ञान, आत्म-संकल्पना, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण और प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के योगदान पर मंथन किया गया। ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही एवं डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने अतिथियों का सम्मान किया। प्रोफेसर सुजाता शाही ने इस अवसर पर कहा कि इस आयोजन से मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर चर्चा के लिए बड़ा मंच मिला है। इससे विद्यार्थियों को अकादमिक तौर पर भी काफी लाभ मिलेगा। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए समाज जागरूकता भी आवश्यक है।

इस कॉन्क्लेव के माध्यम से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण और अधिक विस्तृत होगा। कॉन्क्लेव में डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज, मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर नवीन कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने भारतीय मनोविज्ञान, आत्म-संकल्पना, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण और प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के योगदान पर व्याख्यान दिया और विद्यार्थियों को व्यवहारिक जीवन में आने वाली मानसिक दिक्क्तों से अवगत करवाया। कार्यशाला में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, मनोविज्ञान विभाग की प्रोफेसर शालिनी सिंह ने शैक्षणिक परिवेश में संरचित, प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेपों के महत्व को रेखांकित किया, ताकि छात्रों में उदारता, भावनात्मक नियमन और स्पर्धात्मक क्षमता बढ़े। कॉन्क्लेव में बहु-विषयक आयाम जोड़ते हुए मैटकनेक्ट कंसल्टिंग की प्रबंध निदेशक डॉ. अपराजिता प्रसाद ने मनोविज्ञान पर अपने अनुभव साझा किए। सत्र में ओंटारियो, कनाडा स्थित स्वास्थ्य पेशेवर श्रिया वशिष्ठ भी ऑनलाइन शामिल हुईं। सत्र का मुख्य केंद्र छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों की जांच करना और मनोसामाजिक तथा व्यक्तिगत क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अर्थपूर्ण, प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेपों की पहचान करना था। वक्ताओं ने छात्रों द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. शिवकुमार, डॉ. गुरप्रीत कौर, अंजु, कोमल, जया और सुमन सहित कई अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे।



