
Palwal News: मुकेश बघेल ब्यूरो चीफ, पलवल। भारत का जेन-जी दुनिया से निराला- डॉ. बिनय कुमार
एसवीएसयू में ज़ेन-जी कनेक्ट फॉर विकसित भारत @2047 कार्यक्रम का आयोजन
इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एसवीएसयू के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में बुधवार को ज़ेन-जी कनेक्ट फॉर विकसित भारत @2047 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एसवीएसयू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक डॉ. बिनय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि भारत का जेन-जी दुनिया से निराला है। हमारा ज़ेन जी नव वर्ष पर दारू नहीं पीता, बल्कि भजन क्लबिंग करता है। हर देश का ज़ेन-जी उस देश की तासीर के अनुसार व्यवहार करता है। भारत विश्व को संबंधों की परिभाषा बताने वाला देश है। डॉक्टर बिनय कुमार सिंह ने कहा कि हमने दुनिया को वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा दी है। भारत का जेन-जी श्री लंका, बांग्लादेश और नेपाल के ज़ेन जी की भाँति विध्वंसक सोच में विश्वास नहीं रखता। हमारे जेन जी रचनात्मक हैं। हमारे पास हजारों साल का इतिहास बोध है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने युवाओं को ड्रग्स से बचने का आह्वान किया और विकसित भारत में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ज़ेन जी ही विकसित भारत का आधार है। जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा, स्वास्थ्य और करियर पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि ज़ेन ज़ी देश और समाज की बड़ी शक्ति है। इस शक्ति को समय प्रबंधन और अनुशासन के साथ संचालित करना आवश्यक है। कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने विद्यार्थियों के सामने जापान के कई प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आज की ज़ेन जी पीढ़ी को ही भविष्य का संसार चलाना है। इसके लिए कौशल और उद्यमिता सबसे ज़्यादा जरूरी है।

आईपीपीआरएसडी के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुनील भारद्वाज ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी के सामने भिन्न चुनौतियां हैं। हमारे जेन जी विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रसर हैं। यह शक्ति ही विकसित भारत का सशक्त आधार बनेगी। सुनील भारद्वाज ने युवाओं से सीधा संवाद कायम करते हुए उनमें जोश भरा।
कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने अतिथियों का आभार ज्ञापित किया और युवाओं से विकसित भारत के लक्ष्य में रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संदीप जी ने मंच का प्रभावी संचालन करते हुए युवाओं को जोड़े रखा।
इस अवसर पर इरा की निदेशक चंचल भारद्वाज, युवा कल्याण निदेशक अनिल कौशिक, डिप्टी डीएसडब्ल्यू डॉ. दलीप रैना, प्राचार्य सतेंद्र सौरोत और डॉ. सोहन लाल सहित काफ़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।







