
Haryana CM Nayab Saini on Budget: केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
जनहित और अंत्योदय की भावना से प्रेरित है केंद्रीय बजट – मुख्यमंत्री
हरियाणा के लिए बजट उत्साहजनक, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
औद्योगिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा नया विस्तार- नायब सिंह सैनी
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन
चंडीगढ़, 1 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट को विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह बजट सही मायनों में जनहित और अंत्योदय की भावना को समर्पित है। उन्होने कहा कि इस समावेशी बजट से हरियाणा में औद्योगिक, इन्फ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, बायो फार्मा, स्वास्थ्य, ग्रामीण उद्योग, कृषि एवं खेल क्षेत्र को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री आज पंचकूला में केंद्रीय बजट के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। इससे पूर्व उन्होने स्क्रीन के माध्यम से केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण भी देखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट सबका साथ, सबका विकास की भावना को चरितार्थ करता है। उन्होंने कहा कि इस जनकल्याणकारी बजट के लिए वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होने कहा कि रफ्तार, क्षमता और सबका साथ इस बजट के 3 मुख्य विजन हैं। रफ्तार का अर्थ है-प्रॉडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना, क्षमता -लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें और सबका साथ- हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में मील का पत्थर है। भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है, जिससे विदेशों से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है। पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और बजट का तीन आयामी दृष्टिकोण-आर्थिक विकास, आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाएगा। उन्होने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत का 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल करना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय और सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास हरियाणा जैसे औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर-केंद्रित राज्य की प्रगति को नई उड़ान देगा। इसके साथ ही बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे औद्योगिक केंद्रों में नई जान आएगी और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्वसमावेशी बजट किसान, युवा, महिला और गरीब सहित 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है। हरियाणा के लिए बजट को विशेष रूप से उत्साहजनक बताते हुए उन्होने कहा कि खेलो इंडिया मिशन पर जोर हमारे खिलाड़ियों को और प्रोत्साहित करेगा, जबकि 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास से हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे कि राखीगढ़ी को वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही, एआई और क्वांटम मिशन में निवेश गुरुग्राम को ग्लोबल टेक-हब के रूप में और मजबूती देगा। मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई पर फोकस प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलेगा।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाकर और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन पर जोर देकर केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा के लवणीय और जलभराव वाली भूमि के सुधार के लिए केंद्रीय सहायता का प्रावधान हमारे राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होने कहा कि स्टार्टअप्स के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स’ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब की स्थापना के प्रस्तावों से हरियाणा के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। विशेष रूप से गुरुग्राम और पंचकूला जैसे शहरों में आईटी और एआई सेक्टर को नई गति मिलेगी। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स हब के विकास और बुनियादी ढांचे के लिए पूंजीगत व्यय में वृद्धि से हरियाणा में निवेश के नए द्वार खुलेंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। महिलाओं के कौशल विकास और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के विस्तार से हरियाणा की मातृशक्ति आर्थिक रूप से और अधिक स्वावलंबी बनेगी।
उन्होने कहा कि यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। हरियाणा सरकार इस बजट के प्रावधानों को धरातल पर उतारने और अपने राज्य के प्रत्येक नागरिक तक इसका लाभ पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि बजट में देश में बड़े टैक्सटाईल पार्क बनाने तथा 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 11.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अलावा, वन डिस्टिक्ट -वन प्रोडक्ट को भी बढ़ावा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में रक्षा क्षेत्र में बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट, कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाएं, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवा, कैंसर, शुगर की दवाएं, गंभीर रोगों की दवाएं, सोलर एनर्जी से जुड़ी वस्तुएं, विदेश यात्रा, ईवी बैटरी, जूते, चमड़े के सामान, चमड़े के उत्पाद, जूता, बैग आदि, माइक्रोवेव ओवन, बायोगैस मिक्स्ड सीएनजी, कपड़ा, मोबाइल बैटरी सस्ते होंगे। वंही निजी आयात पर शुल्क से छूट मिलेगी।
इस मौके पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय मितल, हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के प्रकटोत्सव पर श्री गुरु रविदास भवन सेक्टर-15 पहुंचकर गुरु रविदास मंदिर में माथा टेक आर्शीवाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर श्री गुरु रविदास सभा पंचकूला ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
बजट पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की प्रतिक्रिया
केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली नई दिशा: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
– स्वास्थ्य क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
चंडीगढ़, 1 फरवरी — केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 का हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं हरियाणा में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करेंगी और आम जनता को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (AHPs) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने और सार्वजनिक व निजी क्षेत्र में नए संस्थान स्थापित करने का निर्णय समय की मांग है। इस पहल के तहत ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ सहित 10 चयनित विषयों को कवर किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में इससे लगभग एक लाख नए एएचपी तैयार होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आरती सिंह राव ने बजट में प्रस्तावित मजबूत केयरगिविंग इकोसिस्टम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जेरियाट्रिक केयर और एलाइड केयर सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एनएसक्यूएफ से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। स्वास्थ्य, योग और मेडिकल व सहायक उपकरणों के संचालन जैसी क्षमताओं को जोड़ते हुए आने वाले वर्षों में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाना एक दूरदर्शी कदम है।
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल सेंटर्स की स्थापना के प्रस्ताव को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। निजी क्षेत्र की भागीदारी से बनने वाले ये केंद्र चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के साथ एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के रूप में विकसित होंगे। इनमें आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन के लिए मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर्स भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इससे डॉक्टरों, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और शोधकर्ताओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
आयुष को लेकर किए गए प्रावधानों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान भारत की सांस्कृतिक विरासत की शक्ति को दर्शाती है। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स के उन्नयन तथा पारंपरिक चिकित्सा पर प्रमाण-आधारित शोध को बढ़ावा देने से औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और इससे जुड़े युवाओं को लाभ होगा। उन्होंने जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के उन्नयन के प्रस्ताव का भी स्वागत किया।
मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर के क्षेत्र में बजट को एक बड़ा कदम बताते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि उत्तर भारत में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की कमी को दूर करने के लिए निमहांस-2 की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही रांची और तेजपुर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय एपेक्स संस्थान के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। जिला अस्पतालों के 50 प्रतिशत हिस्से में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय भी आमजन के लिए राहतकारी होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर रोगियों को राहत देने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट और सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए प्रयुक्त दवा एवं अन्य सामान पर आयात शुल्क में छूट के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
बायोफार्मा शक्ति योजना को भविष्य की जरूरत बताते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि गैर-संचारी रोगों जैसे डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में बायोलॉजिक्स की अहम भूमिका है। ₹10,000 करोड़ के परिव्यय वाली इस योजना से भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी। इसके तहत तीन नए एनआईपीईआर, सात मौजूदा संस्थानों का उन्नयन, 1,000 से अधिक क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क और सीडीएससीओ को मजबूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और हरियाणा सरकार इन पहलों का पूर्ण लाभ उठाकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाएगी।
कृषि मंत्री की बजट पर प्रतिक्रिया
किसानों, कृषि और ग्रामीण भारत के लिए दूरदर्शी एवं समावेशी बजट है : कृषि मंत्री
– कहा ,प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प को मजबूती देने वाला है बजट
चंडीगढ़ , 1 फरवरी – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे किसानों, कृषि, मत्स्य पालन एवं पशुपालन क्षेत्रों के लिए दूरदर्शी, संतुलित और परिवर्तनकारी बताया है।
श्री राणा ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। बजट में किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, युवा सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक को समान प्राथमिकता दी गई है, जो देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को बढ़ाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे, कृषि लॉजिस्टिक्स, ग्रामीण कनेक्टिविटी, भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि बजट 2026-27 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को तकनीक, नवाचार और उच्च-मूल्य वाली फसलों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। देश की 46.1 प्रतिशत कृषि कार्यबल को ध्यान में रखते हुए यह बजट छोटे एवं सीमांत किसानों की आय बढ़ाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
श्री राणा ने कहा कि जलाशयों और अन्य जल स्रोतों के एकीकृत विकास से मत्स्य पालन को रोजगार का एक मजबूत माध्यम बनाया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ किया जाएगा तथा स्टार्टअप्स, महिला-नेतृत्व वाले समूहों और मछली किसान उत्पादक संगठनों को बाजार से जोड़ा जाएगा।
पशुपालन क्षेत्र में क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी, पशुधन उद्यमों के आधुनिकीकरण और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से ग्रामीण और परि-शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में प्रस्तावित AI-सक्षम ‘भारत विस्तार’ प्लेटफॉर्म, AgriStack और ICAR के एकीकरण से किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी सटीक एवं अनुकूलित जानकारी उपलब्ध होगी। इससे जोखिम कम होगा, बेहतर निर्णय संभव होंगे और छोटे किसानों के लिए प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा।
श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि केंद्र सरकार की इन सभी किसान-हितैषी योजनाओं का पूरा लाभ हरियाणा के किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं तक प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन योजनाओं को तेजी से लागू कर किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को नई गति देगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक प्रावधानों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि किसानों के भविष्य, युवाओं के अवसरों और ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता का स्पष्ट रोडमैप है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट वास्तव में किसान-हितैषी और दूरदर्शी बजट है।
केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने वाला: राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 1 फरवरी— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा आज लोकसभा में प्रस्तुत किए गए वर्ष 2026–27 के आम बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत–2047 के दूरदर्शी विज़न पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह बजट हरियाणा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विकसित भारत की यात्रा में हरियाणा औद्योगिक क्रांति का अग्रदूत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन करते हुए विकसित भारत–विकसित हरियाणा का रोडमैप तैयार कर चुकी है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि यह बजट देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के मिशन को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी हरियाणा को विकसित भारत की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्वकर्ता बनाए रखने के अनुरूप उद्योग विभाग के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान करेंगे। उन्होंने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग का बजट 800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग 1800 करोड़ रुपये किया था, जो लगभग 125 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि थी। उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष भी यह वृद्धि और अधिक सशक्त रूप में देखने को मिलेगी।
श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से पांच पर कार्य प्रगति पर है और शेष पर भी चरणबद्ध ढंग से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी आईएमटी का कार्य पूर्ण करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व में कोई भी देश केवल कृषि के आधार पर विकसित राष्ट्र नहीं बना है—चाहे वह अमेरिका हो, ऑस्ट्रेलिया हो या जापान। औद्योगिक विकास ही इन देशों के विकास की रीढ़ रहा है। हरियाणा, जिसने हरित क्रांति में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है, अब औद्योगिक क्रांति का ध्वजवाहक बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित हरियाणा में औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।







